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चेक बाउंस में डेढ़ साल की कैद, 12लाख जुर्माना
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One and a half year imprisonment in check bounce, 1.2 million fine
चेक बाउंस में डेढ़ साल की कैद, 12 लाख का जुर्माना
क्रासर
जुर्माने की धनराशि में से 11.90 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। जिला न्यायालय ने चेक बाउंस का आरोप साबित होने पर आरोपी आशिफ अली को डेढ़ साल की कैद और 12 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह आदेश अतिरिक्त न्यायालय के जज उमाशंकर पासी ने वादी के अधिवक्ता इलियास अंसारी को सुनकर दिया है।
प्रकरण कर्नलगंज थाने का है। अटाला निवासी पेशे से अधिवक्ता मोहम्मद मोबीन अंसारी ने आशिफ अली के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। वादी का कहना है कि उसने दो सौ वर्ग गज प्लाट खरीदने के लिए आशिफ अली को छह लाख रुपये दिए थे। बैनामा न करने पर वादी ने अपना पैसा वापस मांगा तो उसेे छह लाख रुपये का एक चेक दिया था, जिसे अपने बैंक में भुगतान के लिए जमा किया। खाते में पैसा न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। नोटिस देने के बाद भी पैसा वापस नहीं किया तो कोर्ट में परिवाद दाखिल किया। कोर्ट ने प्रकरण की सुनवाई के बाद अशिफ अली को चेक बाउंस का दोषी पाया। कोर्ट ने आरोपी को एनआई एक्ट की धारा के तहत डेढ़ साल की कैद और 12 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने जुर्माने की धनराशि में से 11 लाख 90 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाने का आदेश दिया है।
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क्रासर
जुर्माने की धनराशि में से 11.90 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। जिला न्यायालय ने चेक बाउंस का आरोप साबित होने पर आरोपी आशिफ अली को डेढ़ साल की कैद और 12 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह आदेश अतिरिक्त न्यायालय के जज उमाशंकर पासी ने वादी के अधिवक्ता इलियास अंसारी को सुनकर दिया है।
प्रकरण कर्नलगंज थाने का है। अटाला निवासी पेशे से अधिवक्ता मोहम्मद मोबीन अंसारी ने आशिफ अली के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। वादी का कहना है कि उसने दो सौ वर्ग गज प्लाट खरीदने के लिए आशिफ अली को छह लाख रुपये दिए थे। बैनामा न करने पर वादी ने अपना पैसा वापस मांगा तो उसेे छह लाख रुपये का एक चेक दिया था, जिसे अपने बैंक में भुगतान के लिए जमा किया। खाते में पैसा न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। नोटिस देने के बाद भी पैसा वापस नहीं किया तो कोर्ट में परिवाद दाखिल किया। कोर्ट ने प्रकरण की सुनवाई के बाद अशिफ अली को चेक बाउंस का दोषी पाया। कोर्ट ने आरोपी को एनआई एक्ट की धारा के तहत डेढ़ साल की कैद और 12 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने जुर्माने की धनराशि में से 11 लाख 90 हजार रुपये बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाने का आदेश दिया है।
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