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राष्ट्रीय रक्षा बजट की तर्ज पर शास्त्ररक्षा कोष भी हो स्थापित

Fri, 24 Jan 2020 01:03 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 24 Jan 2020 01:03 AM IST
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On the lines of national defense budget, Shastra Defense Fund should also be established
magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ जी महाराज ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए वैदिक परम्पराओं की पुनर्स्थापना को आवश्यक बताया है । माघमेला क्षेत्र में ओल्ड जीटी रोड   स्थित आद्य शंकराचार्य धर्मोत्थान संसद के शिविर में आयोजित धर्म संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशी शासन के दौरान साजिश के तहत भारत के वेदों और पुराणों सहित अनेक ग्रन्थालयों को भी नष्ट किया गया।
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स्वामी अधोक्षजानंद ने कहा कि आज भारत जब दुनिया की महाशक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है और देश की सेना को अत्याधुनिक अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित किया जा रहा है, ऐसे समय में देश की युवा पीढ़ी को अपने प्राचीन शास्त्रों से अवगत कराना जाना चाहिए क्योंकि हमारे वेदशास्त्र और परंपराएं भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। राष्ट्रीय रक्षा बजट की तर्ज पर शास्त्ररक्षा कोष की भी स्थापना की जानी चाहिए। इस कोष का उपयोग नए ग्रंथालयों के निर्माण एवं उनके प्रचार-प्रसार में किया जाना चाहिए। साथ ही इस कोष के माध्यम से देश के विभिन्न भागों में गुरुकुल शिक्षा प्रणाली भी लागू की जा सकती है।
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बतौर मुख्य अतिथि काशी सुमेरूपीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती जी महाराज ने देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रहे धर्मांतरण पर चिंता जताते हुए इस पर तत्काल रोक लगाए जाने की मांग की। कहा, इसके लिए सरकार और धर्मगुरुओं, दोनों को एक साथ प्रयास करना होगा। इसी क्रम में वृंदावन की श्री उमाशक्ति पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी रामदेवानंद सरस्वती जी महाराज ने गोवंश और गोपालकों की समस्याओं की जानकारी दी।
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वहीं गोरक्षपीठ, गोरखपुर के मठ पुरोहित वेदाचार्य रामानुज त्रिपाठी ने संस्कृत विद्यालयों की स्थिति पर चिंता जताते हुए सरकार से उन्हें साधन सम्पन्न बनाने की मांग की। धर्म संसद को निर्मोही अखाड़े के महामंडलेश्वर झंडा बाबा, महंत छैलबिहारी दास समेत अनेक संतों ने भी संबोधित किया। संयोजन शिवनारायण पांडेय एवं संचालन पीएन द्विवेदी ने किया। संसद में बड़ी संख्या में दंडीस्वामी, साधु-संत, श्रद्धालु मौजूद थे।


00 धर्मसंसद में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव
0 राष्ट्रीय रक्षा बजट की तर्ज पर स्थापित हो शास्त्ररक्षा कोष
0 गोवंश के संरक्षण एवं  संवर्धन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तैयार हो नीति
0 धर्मांतरण पर तत्काल लगे रोक, सरकार-धर्माचार्य मिलकर चलाएं जनजागरण अभियान
0 अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार गठित होने वाले ट्रस्ट में निर्विवादित एवं सर्वमान्य प्रतिनिधियों को ही जगह मिले। रामनवमी से मंदिर निर्माण आरंभ हो।
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