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ऑफलाइन पर अब आर-पार की लड़ाई का एलान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 09 May 2016 01:57 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं में ऑफलाइन का विकल्प दिए जाने की मांग को लेकर पांच दिनों से आमरण अनशन कर रहे छात्रसंघ पदाधिकारियों और छात्रों की हालत बिगड़ने से चिंतित छात्र नेताओं ने आर-पार की लड़ाई की घोषणा कर दी है। नेताओं ने एक बार फिर सोमवार को छात्र-छात्राओं के जमावड़ा और कुलपति के घेराव की घोषणा की है। इससे परिसर में तनाव भी बढ़ गया है।
कुलपति तीन दिनों से शहर में नहीं हैं।
सोमवार को उनके लौटने की उम्मीद है। छात्रों ने उनके लौटते ही दबाव बनाने की रणनीति बनाई है। विवेकानंद पाठक, अमरेंदू सिंह, चंदन सिंह, अखिलेश गुप्ता गुड्डू आदि की पहल पर छात्रसंघ भवन में छात्र नेताओं का जमावड़ा हुआ। बैठक की अध्यक्षता पूर्व उपमंत्री अभिषेक शुक्ला ने की। उनका कहना था कि वे ऑनलाइन का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन गांव के विद्यार्थियों की असुविधा को ध्यान में रखकर ऑफलाइन का भी विकल्प दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि छात्रसंघ के पांचों पदाधिकारी आमरण अनशन में शामिल हैं। इसका अर्थ साफ है कि विश्वविद्यालय के हर छात्र-छात्रा इसकी मांग करता है।
उन्होंने सोमवार को सुबह 10 बजे से बड़े आंदोलन की घोषणा की। इसमें कालेजों के विद्यार्थी भी शामिल होंगे। निष्कर्ष नहीं निकल पाने की स्थिति में शाम चार बजे होने वाली बैठक में डीन, कालेज प्राचार्यों को आमंत्रित किया जाएगा। बैठक में बाबुल सिंह, अविनाश दुबे, राहुल चौरसिया, राज सिंह, लालाराम सरोज, विजय मिश्र, प्रशांत सिंह, दुर्गेश शुक्ला, अनिल सिंह, भीम सिंह आदि मौजूद रहे।
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कुलपति तीन दिनों से शहर में नहीं हैं।
सोमवार को उनके लौटने की उम्मीद है। छात्रों ने उनके लौटते ही दबाव बनाने की रणनीति बनाई है। विवेकानंद पाठक, अमरेंदू सिंह, चंदन सिंह, अखिलेश गुप्ता गुड्डू आदि की पहल पर छात्रसंघ भवन में छात्र नेताओं का जमावड़ा हुआ। बैठक की अध्यक्षता पूर्व उपमंत्री अभिषेक शुक्ला ने की। उनका कहना था कि वे ऑनलाइन का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन गांव के विद्यार्थियों की असुविधा को ध्यान में रखकर ऑफलाइन का भी विकल्प दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि छात्रसंघ के पांचों पदाधिकारी आमरण अनशन में शामिल हैं। इसका अर्थ साफ है कि विश्वविद्यालय के हर छात्र-छात्रा इसकी मांग करता है।
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उन्होंने सोमवार को सुबह 10 बजे से बड़े आंदोलन की घोषणा की। इसमें कालेजों के विद्यार्थी भी शामिल होंगे। निष्कर्ष नहीं निकल पाने की स्थिति में शाम चार बजे होने वाली बैठक में डीन, कालेज प्राचार्यों को आमंत्रित किया जाएगा। बैठक में बाबुल सिंह, अविनाश दुबे, राहुल चौरसिया, राज सिंह, लालाराम सरोज, विजय मिश्र, प्रशांत सिंह, दुर्गेश शुक्ला, अनिल सिंह, भीम सिंह आदि मौजूद रहे।
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