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न्यायविद हनुमान मंदिर मामला : पीडीए को हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का मौका
Fri, 01 Mar 2024 06:05 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 01 Mar 2024 06:05 PM IST
सार
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरूण भंसाली और न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने संगीता श्रीवास्तव की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। इसके पूर्व सुनवाई शुरू होते ही मुख्य न्यायमूर्ति ने पीडीए से उसका पक्ष जानना चाहा। पीडीए अधिवक्ता ने बताया कि न्यायविद हनुमान मंदिर के बगल अधिवक्ताओं की ओर से नई मंदिर बनाई जा रही है।
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अदालत।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यायविद हनुमान मंदिर विवाद मामले में प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) को हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का मौका दिया है। कहा है कि पीडीए इस मामले में अपना पक्ष और उसके द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी की रिपोर्ट प्रस्तुत करे। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरूण भंसाली और न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने संगीता श्रीवास्तव की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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इसके पूर्व सुनवाई शुरू होते ही मुख्य न्यायमूर्ति ने पीडीए से उसका पक्ष जानना चाहा। पीडीए अधिवक्ता ने बताया कि न्यायविद हनुमान मंदिर के बगल अधिवक्ताओं की ओर से नई मंदिर बनाई जा रही है। यह मंदिर नगर निगम की पटरी पर है। इस पर कोर्ट ने पूछा कि पीडीए ने इस पर क्या किया। अधिवक्ता ने बताया कि पीडीए ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि पीडीए अपना जवाब हलफनामे पर दाखिल करे।
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याची पक्ष की ओर से अधिवक्ता वीसी श्रीवास्तव, लक्ष्मीकांत मिश्रा, यादवेंद्र कुमार ने कोर्ट को बताया कि मामले में नगर निगम ने अपना पक्ष कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया है। नगर निगम ने कहा है कि मंदिर का निर्माण सड़क की पटरी पर है, जो कि सरकारी भूमि है। निर्माण अवैध है। पीडीए ने अपना पक्ष नहीं रखा है। इसके बाद कोर्ट ने पीडीए से हलफनामे पर उसका पक्ष रखने का आदेश दिया।
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