फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Now farmers will be able to claim insurance for three years, the High Court told the three-month period is arbitrary

अब किसान तीन साल तक कर सकेंगे बीमा दावा, हाईकोर्ट ने तीन माह की मियाद को बताया मनमानापूर्ण

Thu, 12 Nov 2020 09:27 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 12 Nov 2020 09:27 PM IST
विज्ञापन
Now farmers will be able to claim insurance for three years, the High Court told the three-month period is arbitrary
कोर्ट - फोटो : file photo
प्रदेश के किसानों और उनके आश्रितों को बड़ी राहत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना में दावा दाखिल करने की अधिकतम तीन माह की मियाद को मनमानापूर्ण एवं कानून के विपरीत करार देते हुए रद कर दिया है। कोर्ट ने इस समय सीमा को तीन साल तक लिए मान्य करते हुए बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि प्रदेश में जितने भी दावे तीन साल के भीतर दाखिल किए गए हैं उन्हें समय से दाखिल मानकर गुणदोष पर तय करें। 
विज्ञापन

 
कोर्ट ने कहा है कि दावा करने की तीन साल की मियाद किसान की मौत या दावा आंशिक या पूर्ण रूप से निरस्त होने की तिथि से मानी जाएगी। कोर्ट ने कहा है कि बीमा कंपनी द्वारा दावा निरस्त करने के खिलाफ सिविल वाद दायर करने की मियाद तीन साल है। ऐसे में कल्याणकारी राज्य की सामाजिक लाभ देने की योजना के लिए दावा करने की अवधि को सीमित करने से योजना का उद्देश्य विफल होता है, जो मनमानापूर्ण एवं अतार्किक है। कोर्ट ने  मुख्य सचिव को आदेश की प्रति इस आशय से भेजने का निर्देश दिया है कि सरकार योजना में दावा करने की मियाद में संशोधन कर सके। 
विज्ञापन


यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकान्त गुप्ता तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने जौनपुर के  गौतम यादव की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। कोर्ट ने जिलाधिकारी जौनपुर को याची के बीमा दावे को समय के भीतर मानते हुए तीन माह में उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया है ।
विज्ञापन
विज्ञापन


याची के पिता किसान थे जिनकी तीन जुलाई 18 को दुर्घटना में मृत्यु हो गई। याची ने योजना के तहत 20 अक्तूबर 18 को दावा किया। जिसे जिलाधिकारी जौनपुर ने कालबाधित करार देते हुए निरस्त कर दिया। जिसे चुनौती दी गई थी। बीमा कंपनी का कहना था कि दावा करने की मियाद दो माह है। जिलाधिकारी को एक माह की अवधि बढाने का अधिकार है। इसलिए दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।


कोर्ट ने कहा कि यह राज्य सरकार की गरीब किसानों को लाभ देने की कल्याणकारी योजना है। सरकार व बीमा कंपनी के बीच करार होता है। सरकार प्रीमियम देती है। भारतीय समाज में मृत्यु संस्कार में समय लगता है। ऐसे में तीन माह की अवधि योजना को विफल करने वाली और कानून के विपरीत है। बीमा कंपनी के दावा निरस्त करने के खिलाफ सिविल वाद दायर करने की मियाद तीन साल है। यह कानून बीमा कंपनी सहित सभी पर लागू है। सरकारी नीति भी कानून के विपरीत नहीं बनाई जा सकती। इसलिए तीन साल की अवधि के भीतर दाखिल सभी दावों पर विचार किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed