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High Court : हाईकोर्ट से अतीक के करीबियों को राहत नहीं, प्राथमिकी रद्द करने की मांग वाली अर्जी खारिज
Wed, 07 Jun 2023 03:21 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 07 Jun 2023 03:21 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट से अतीक के दो करीबियों को राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने प्राथमिकी रद्द करने की मांग वाली याचिका को अस्वीकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि मामले में प्रथम दृष्टया याचियों पर अपराध बन रहा है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट से अतीक के दो करीबियों को राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने प्राथमिकी रद्द करने की मांग वाली याचिका को अस्वीकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि मामले में प्रथम दृष्टया याचियों पर अपराध बन रहा है। लिहाजा, सुप्रीम कोर्ट के स्थापित नियमों के तहत याचियों को राहत नहीं दी जा सकती है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह और न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने मोहम्मद शाकिर व अन्य की याचिका को खारिज करते हुए दिया है।
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याचियों की ओर से कहा गया कि उनके खिलाफ धमकाने, आपराधिक षडय़ंत्र, हत्या के प्रयास सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में 11 अप्रैल 2023 को धूमनगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी से उनके खिलाफ किसी भी अपराध का खुलासा नहीं होता है। उनकी इसमें कोई भूमिका नहीं है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि याचियों ने उसे गुजरात जाकर अतीक अहमद से मिलने के लिए दबाव डाला, धमकी दी और एक करोड़ रुपये की मांग की। रिकॉर्ड पर इसका कोई सबूत नहीं है।
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हालांकि, सरकारी अधिवक्ता ने प्राथमिकी रद्द करने की मांग का विरोध किया। कहा कि दोनों याचियों का नाम प्राथमिकी में दर्ज है। कथित घटना की फुटेज भी उपलब्ध है। इस मामले में सह आरोपी फैजान को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और उसने यह भी कहा है कि वह भी इस घटना में शामिल था। कोर्ट ने कहा कि तमाम तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए इसमें जांच की आवश्यकता है। लिहाजा, प्राथमिकी रद्द करना सही नहीं है।
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