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नहीं बंटी दवाएं, आंख की जांच भी रही ठप
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 12 Aug 2016 02:01 AM IST
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हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले आयोजित तीन दिवसीय हड़ताल दूसरे रोज वापस हो गई। हालांकि दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी हड़ताल का खासा असर दिखा। सरकारी अस्पतालों में सुबह आठ से 11 बजे तक दवाओं के वितरण का काम ठप रहा और नेत्र परीक्षण अधिकारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण आंखों की जांच भी तीन घंटे तक नहीं हुई। मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। परिषद के जिलाध्यक्ष ने अजय भारती बताया कि मुख्य सचिव ने प्रांतीय पदाधिकारियों से वार्ता के दौरान 15 दिनों में प्रमुख मांगों से संबंधित शासनादेश जारी करने का समय मांगा है, सो हड़ताल वापस हो गई है। कर्मचारी शुक्रवार से काम पर लौट आएंगे।
सिंचाई विभाग, गवर्नमेंट प्रेस, ग्राम्य विकास विभाग, शिक्षा निदेशालय, यूपी बोर्ड ऑफिस, पीडब्ल्यूडी, राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान समेत अन्य विभागों में भी हड़ताल का असर दिखा। राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान में हड़ताल के कारण बीटीसी प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हुई तो बोर्ड ऑफिस में हड़ताल की वजह से मार्कशाटी एवं अन्य कार्यों से दूसरी जिलों से यहां आए लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। हड़ताल के दूसरे दिन अलग-अलग विभागों के कर्मचारी तालाबंदी कर सुबह छह बजे से ही गवर्नमेंट प्रेस गेट पर इकट्ठा होने लगे और संयुक्त रूप से धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की।
धरना-प्रदर्शन एवं सभा में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अजय भारती समेत जगदीश नारायण उपाध्याय, विनोद पांडेय, सरोज, कुमार गौरव, रविकांत, रामगोपाल, अल्पनारायण सिंह, रंग नाथ मिश्र, श्रीकांत वर्मा, सूर्य प्रकाश मिश्र, रामशंकर पांडेय, राजू पासी, भीम शंकर, रामसुमेर, डॉ. बीएन सिंह, डॉ. रियाज अहमद, डॉ. एचबी सिंह, डॉ. रणविजय सिंह, डॉ. जनक सिंह, डॉ. पीएन ओझा, संतोष भारतीय, प्रमिल श्रीवास्तव, विजय शंकर पांडेय, केपी उपाध्याय, अजीत शर्मा, उदय प्रकाश आदि मौजूद रहे। उधर, इलाहाबाद विकास प्राधिकरण कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष अजीत कुमार श्रीवास्तव एवं महामंत्री भरत लाल शुक्ल ने भी हड़ताल का समर्थन किया।
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सिंचाई विभाग, गवर्नमेंट प्रेस, ग्राम्य विकास विभाग, शिक्षा निदेशालय, यूपी बोर्ड ऑफिस, पीडब्ल्यूडी, राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान समेत अन्य विभागों में भी हड़ताल का असर दिखा। राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान में हड़ताल के कारण बीटीसी प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हुई तो बोर्ड ऑफिस में हड़ताल की वजह से मार्कशाटी एवं अन्य कार्यों से दूसरी जिलों से यहां आए लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। हड़ताल के दूसरे दिन अलग-अलग विभागों के कर्मचारी तालाबंदी कर सुबह छह बजे से ही गवर्नमेंट प्रेस गेट पर इकट्ठा होने लगे और संयुक्त रूप से धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की।
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धरना-प्रदर्शन एवं सभा में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अजय भारती समेत जगदीश नारायण उपाध्याय, विनोद पांडेय, सरोज, कुमार गौरव, रविकांत, रामगोपाल, अल्पनारायण सिंह, रंग नाथ मिश्र, श्रीकांत वर्मा, सूर्य प्रकाश मिश्र, रामशंकर पांडेय, राजू पासी, भीम शंकर, रामसुमेर, डॉ. बीएन सिंह, डॉ. रियाज अहमद, डॉ. एचबी सिंह, डॉ. रणविजय सिंह, डॉ. जनक सिंह, डॉ. पीएन ओझा, संतोष भारतीय, प्रमिल श्रीवास्तव, विजय शंकर पांडेय, केपी उपाध्याय, अजीत शर्मा, उदय प्रकाश आदि मौजूद रहे। उधर, इलाहाबाद विकास प्राधिकरण कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष अजीत कुमार श्रीवास्तव एवं महामंत्री भरत लाल शुक्ल ने भी हड़ताल का समर्थन किया।
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