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हमीरपुर जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अवैध करार
Thu, 03 Dec 2020 09:50 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 03 Dec 2020 09:50 PM IST
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कोर्ट
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हमीरपुर जिला पंचायत अध्यक्ष वंदना के खिलाफ पारित अविश्वास प्रस्ताव को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है। अविश्वास प्रस्ताव दो अप्रैल 18को लाया गया था। कोर्ट ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया।
कोर्ट ने पंचायत चुनाव नियम सात के उपबंधों का पालन नहीं किए जाने के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव के बाद सात सितं बर 18को हुए चुनाव को भी रद्द कर दिया है। जिसमें जयंती कुमारी राजपूत अध्यक्ष चुनी गई थी। कोर्ट ने जयंती कुमारी की इस दलील को भी अस्वीकार कर दिया कि जनवरी 21में चुनाव होना है ।इसलिए उनको पद पर बने रहने दिया जाए।
यह आदेश न्यायमूर्ति एम एन भंडारी तथा न्यायमूर्ति एस एस शमशेरी की खंडपीठ ने वंदना की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याची जिला पंचायत सदस्य चुनी गई थी इसके बाद दो नवंबर 15 को उसे जिला पंचायत अध्यक्ष चुना गया।
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दो अप्रैल 18को उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ।सदस्यों को मतपत्र दिए गए किन्तु उन्हें सही मार्क लगाने की अनुमति नहीं दी गई। क्रास मार्क लगाया ।नियम सात में मतपत्र पर सही मार्क लगाने का नियम है।कोर्ट ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान में नियम सात का उल्लंघन किया गया है। इसलिए अविश्वास प्रस्ताव विधि विरूद्ध है।
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कोर्ट ने पंचायत चुनाव नियम सात के उपबंधों का पालन नहीं किए जाने के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव के बाद सात सितं बर 18को हुए चुनाव को भी रद्द कर दिया है। जिसमें जयंती कुमारी राजपूत अध्यक्ष चुनी गई थी। कोर्ट ने जयंती कुमारी की इस दलील को भी अस्वीकार कर दिया कि जनवरी 21में चुनाव होना है ।इसलिए उनको पद पर बने रहने दिया जाए।
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यह आदेश न्यायमूर्ति एम एन भंडारी तथा न्यायमूर्ति एस एस शमशेरी की खंडपीठ ने वंदना की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याची जिला पंचायत सदस्य चुनी गई थी इसके बाद दो नवंबर 15 को उसे जिला पंचायत अध्यक्ष चुना गया।
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दो अप्रैल 18को उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ।सदस्यों को मतपत्र दिए गए किन्तु उन्हें सही मार्क लगाने की अनुमति नहीं दी गई। क्रास मार्क लगाया ।नियम सात में मतपत्र पर सही मार्क लगाने का नियम है।कोर्ट ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान में नियम सात का उल्लंघन किया गया है। इसलिए अविश्वास प्रस्ताव विधि विरूद्ध है।