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नहीं जागेे जिम्मेदार तो सिक्के की वजह से डूब जाएगा व्यापार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 20 Sep 2018 01:48 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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क्षेत्र में बड़े व्यापारी तथा बैंकों द्वारा एक व दो के सिक्कों का लेन देन न किए जाने से जहां बड़े व्यापारियों का धंधा प्रभावित हो रहा है वहीं छोटे व्यापारियों का कारोबार चौपट होने के कगार पर पहुंच गया है। समय रहते यदि शासन प्रशासन ने सिक्कों के लेन देन पर प्रभावी कदम नहीं उठाया तो छोटे कारोबारी अपना धंधा बंद करके भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे।
आरबीआई द्वारा संचालित 10, 5, 2 व 1 के सिक्कों के लेन देन पर लगभग एक वर्ष से अफरा तफरी की हालत मची हुई है। दस व पांच के सिक्कों का चलन तो काफी हद तक तो शुरू हो गया लेकिन एक व दो के सिक्के के लेन देन से बैंक व बड़े व्यापारी अभी भी कतरा रहे हैं। जिसके चलते आए दिन दुकानदार एवं ग्राहकों के बीच कहा सुनी की घटनाएं हो जाया करती हैं। कई महीनों से चल रही इस समस्या से स्थानीय प्रशासन से लेकर उच्चाधिकारी तक बेखबर बने हुए हैं। सड़क के बगल या गांवों में घूमकर व्यवसाय करने वाले चाय, पान, चाट, सब्जी, फल के छोटे दुकानदारों के सामने सिक्कों के चलते धंधा बंद होने के कगार पर पहुंच चुका है।
नाम न छापने की गुजारिश के साथ छोटे व्यापारियों ने कहा कि बैंकों में सिक्कों का लेन देन न किए जाने से बड़े व्यापारी सिक्का लेने से मना करते हैं। जबकि गांवों में ग्राहक सिक्का देकर ही मुश्किल से जरूरत के सामान को खरीद पा रहे हैं । वहीं उपमंडलीय डाकघर हंडिया के पोस्ट मास्टर एसजे खान ने बताया कि ग्राहकों द्वारा लाए जा रहे सिक्कों को जमा कराया जाता है। डाकघर में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है। आडीबीआई बमैला शाखा के प्रबंधक हिमांशु राय ने कहा कि सिक्कों का लेन देन किया जा रहा है। बैंकों में ढेर सारा सिक्का पड़ा है, ग्राहक ही लेने से इंकार कर देता है। उधर बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा सैदाबाद के प्रबंधक सुभाष चंद्र कन्नौजिया ने कहा कि सिक्के गिनने में कठिनाई होती है और लाकर बहुत ही छोटा होने से रखरखाव में परेशानी का सामना करना पड़ता है। सिक्के का पैकेट बनाकर लाने वाले ग्राहकों का सिक्का जमा कराया जाता है।
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एक व दो के सिक्के को बैंक व बड़े व्यापारी नहीं लेते हैं। जिससे छोटे व्यापारियों का धंधा चौपट हो चुका है और वो भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके है। यदि प्रशासन ने सख्त कदम न उठाया तो गरीब आदमी के लिए मुश्किल उत्पन्न होगी।
धर्मेन्द्र कुमार जायसवाल, अध्यक्ष, हंडिया व्यापार मंडल
आरबीआई के प्रचलित सिक्कों का लेन देन न करने वाले व्यापारी और बैंक कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी। सिक्कों का चलन पूरी तरीके से जारी है। यदि किसी को दिक्कत होती है तो शिकायत कर सकता है।
डॉ. राजा गणपति आर., एसडीएम, हंडिया
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आरबीआई द्वारा संचालित 10, 5, 2 व 1 के सिक्कों के लेन देन पर लगभग एक वर्ष से अफरा तफरी की हालत मची हुई है। दस व पांच के सिक्कों का चलन तो काफी हद तक तो शुरू हो गया लेकिन एक व दो के सिक्के के लेन देन से बैंक व बड़े व्यापारी अभी भी कतरा रहे हैं। जिसके चलते आए दिन दुकानदार एवं ग्राहकों के बीच कहा सुनी की घटनाएं हो जाया करती हैं। कई महीनों से चल रही इस समस्या से स्थानीय प्रशासन से लेकर उच्चाधिकारी तक बेखबर बने हुए हैं। सड़क के बगल या गांवों में घूमकर व्यवसाय करने वाले चाय, पान, चाट, सब्जी, फल के छोटे दुकानदारों के सामने सिक्कों के चलते धंधा बंद होने के कगार पर पहुंच चुका है।
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नाम न छापने की गुजारिश के साथ छोटे व्यापारियों ने कहा कि बैंकों में सिक्कों का लेन देन न किए जाने से बड़े व्यापारी सिक्का लेने से मना करते हैं। जबकि गांवों में ग्राहक सिक्का देकर ही मुश्किल से जरूरत के सामान को खरीद पा रहे हैं । वहीं उपमंडलीय डाकघर हंडिया के पोस्ट मास्टर एसजे खान ने बताया कि ग्राहकों द्वारा लाए जा रहे सिक्कों को जमा कराया जाता है। डाकघर में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है। आडीबीआई बमैला शाखा के प्रबंधक हिमांशु राय ने कहा कि सिक्कों का लेन देन किया जा रहा है। बैंकों में ढेर सारा सिक्का पड़ा है, ग्राहक ही लेने से इंकार कर देता है। उधर बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा सैदाबाद के प्रबंधक सुभाष चंद्र कन्नौजिया ने कहा कि सिक्के गिनने में कठिनाई होती है और लाकर बहुत ही छोटा होने से रखरखाव में परेशानी का सामना करना पड़ता है। सिक्के का पैकेट बनाकर लाने वाले ग्राहकों का सिक्का जमा कराया जाता है।
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एक व दो के सिक्के को बैंक व बड़े व्यापारी नहीं लेते हैं। जिससे छोटे व्यापारियों का धंधा चौपट हो चुका है और वो भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके है। यदि प्रशासन ने सख्त कदम न उठाया तो गरीब आदमी के लिए मुश्किल उत्पन्न होगी।
धर्मेन्द्र कुमार जायसवाल, अध्यक्ष, हंडिया व्यापार मंडल
आरबीआई के प्रचलित सिक्कों का लेन देन न करने वाले व्यापारी और बैंक कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी। सिक्कों का चलन पूरी तरीके से जारी है। यदि किसी को दिक्कत होती है तो शिकायत कर सकता है।
डॉ. राजा गणपति आर., एसडीएम, हंडिया