{"_id":"5c5de036bdec223604735103","slug":"nitin-gadkari-gives-air-boat-to-kumbh-city","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुंभ नगरी को गडकरी ने दी एयर बोट की सौगात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुंभ नगरी को गडकरी ने दी एयर बोट की सौगात
Sat, 09 Feb 2019 01:32 AM IST
shubham
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: shubham
Updated Sat, 09 Feb 2019 01:32 AM IST
विज्ञापन
nitin gadkari
- फोटो : nitin gadkari
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कुंभ नगरी को एयर बोट की सौगात दी। 28 फरवरी या मार्च के पहले हफ्ते में इसका संचालन शुरू हो जाएगा। वह खुद पहली बार वाराणसी से बैठकर यहां आएंगे और संगम स्नान करेंगे। उन्होंने गंगा की शुचिता, सड़कों (राजमार्गों के निर्माण), जल परिवहन के जरिए माल ढुलाई के बारे में जानकारी दी। कहा कि अगले मार्च 2020 तक गंगा को निर्मल करने की योजनाएं पूर्ण कर ली जाएंगी। फिर सी प्लेन लाने और चलाने की कोशिश की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि एयर बोट में 14 यात्री एक बार में सवार होकर सफर कर सकेंगे। 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली एयर बोट पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगी। जानकारी के मुताबिक रूस से मंगाए गए एयर बोट अत्याधुनिक है। गंगा को निर्मल करने की योजनाओं की जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि सीवरेज कार्य प्रगति पर हैं। नालों का जैविक ट्रीटमेंट करने, गंगा के कछार में हरियाली (हरितिमा योजना), जैव विविधता के काम जल्द पूरे किए जाएंगे। नरौरा में डॉल्फिन संरक्षण, कछुआ प्रजनन जैसे काम प्रगति पर हैं। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को निर्मल करने के लिए कानपुर के सीसामऊ में बड़े नालों का ट्रीटमेंट और प्रयागराज में 53 नालों के बायोरेमिडीशन का परिणाम है कि यहां इस बार गंगा में जल पहले से साफ है। अगले मार्च तक आप ग्लास में गंगा जल लेकर पी सकते हैं।
वाराणसी से हल्दिया तक जल परिवहन के क्षेत्र में अंतरदेशीय जल प्राधिकरण ने काफी काम पूरे करा लिए हैं। वाराणसी से प्रयागराज तक रीवर पोर्ट बनाए जा रहे हैं। इसकी दुश्वारियां दूर कर ली गई हैं। गडकरी ने कहा कि जल परिवहन के तहत फिलहाल 80 लाख टन माल की ढुलाई की सुविधा है, जिसे अगले तीन साल में 280 लाख टन तक पहुंचाया जाएगा। ट्रांसपोर्ट से आठ रुपये, रेलवे से छह रुपये प्रति कुंतल का खर्च है। जल परिवहन के रास्ते ढुलाई के लिए सिर्फ एक रुपये खर्च करने होंगे। आलू, चीनी, गुड़, सीमेंट, खाद्न्न आदि की ढुलाई सुविधाजनक और सस्ती होगी, रोजगार के रास्ते खुलेंगे।
विज्ञापन
गडकरी ने एलान किया कि मनकामेश्वर मंदिर के बगल स्थित करीब दो सौ वर्ष पुराने ऐतिहासिक पोर्ट को संरक्षित किया जाएगा। इसे विकसित और संरक्षित करने का काम अंतरदेशीय जल प्राधिकरण कराएगा। मंत्री ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि इस पोर्ट पर 1828 में पहली बार जलपोत आया था। उन्होंने कहा कि विरासत को सहेजने के साथ लोगों को इसके बारे में जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फ्लोटिंग पोर्ट स्टेशनों के साथ संभव हुआ तो इस पुराने पोर्ट का भी इस्तेमाल जल परिवहन के दौरान किया जाएगा।
मंत्री नितिन गडगरी ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण का काम प्रगति पर है। प्रयागराज और आसपास के इलाकों के चहुंमुखी विकास के लिए कई सड़क परियोजनाएं चल रही हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। नई परियोजनाएं भी जल्द शुरू होंगी। उन्होंने प्रयागराज से मिर्जापुर मार्ग के निर्माण का जिक्र किया। बताया कि केंद्रीय सड़क निधि से 398 करोड़ खर्च कर 337 किलोमीटर के 23 मार्गों का निर्माण कराया जा रहा है। बताया कि 1200 करोड़ से गंगोत्री, यमुनोत्री तक जाने को सड़क निर्माण कराया जा रहा है। अब बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम को भी सड़क मार्ग से जोड़ेंगे। नितिन गडकरी ने कहा कि प्रयागराज में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मांग के अनुसार कई पुल एवं सड़कों का निर्माण कराया गया है।
नमामि गंगे योजना के तहत प्रयागराज में छह नए घाट और तीन मोक्षधाम की मंजूरी केंद्र सरकार ने दी है। यह जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सीवरेज कार्य के तहत 779 किलोमीटर लाइन बिछा दी गई है। आठ एसटीपी निर्माण की दस परियोजनाओं में छह पूरी कर ली गई हैं। दो मार्च 2019 तक पूरी हो जाएंगी। साथ ही 21 घाटों की नियमित सफाई के लिए करोड़ों की योजना मंजूर की गई है। कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में गंगा कार्यबल तैनात किया गया है। जिसका मुख्यालय प्रयागराज में है। यह कार्यबल वृक्षारोपण, घाटों की निगरानी, गश्त, नदी प्रदूषण की निगरानी, जनजागरण आदि कार्यों की देखरेख करेगा।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि एयर बोट में 14 यात्री एक बार में सवार होकर सफर कर सकेंगे। 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली एयर बोट पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगी। जानकारी के मुताबिक रूस से मंगाए गए एयर बोट अत्याधुनिक है। गंगा को निर्मल करने की योजनाओं की जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि सीवरेज कार्य प्रगति पर हैं। नालों का जैविक ट्रीटमेंट करने, गंगा के कछार में हरियाली (हरितिमा योजना), जैव विविधता के काम जल्द पूरे किए जाएंगे। नरौरा में डॉल्फिन संरक्षण, कछुआ प्रजनन जैसे काम प्रगति पर हैं। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को निर्मल करने के लिए कानपुर के सीसामऊ में बड़े नालों का ट्रीटमेंट और प्रयागराज में 53 नालों के बायोरेमिडीशन का परिणाम है कि यहां इस बार गंगा में जल पहले से साफ है। अगले मार्च तक आप ग्लास में गंगा जल लेकर पी सकते हैं।
विज्ञापन
वाराणसी से हल्दिया तक जल परिवहन के क्षेत्र में अंतरदेशीय जल प्राधिकरण ने काफी काम पूरे करा लिए हैं। वाराणसी से प्रयागराज तक रीवर पोर्ट बनाए जा रहे हैं। इसकी दुश्वारियां दूर कर ली गई हैं। गडकरी ने कहा कि जल परिवहन के तहत फिलहाल 80 लाख टन माल की ढुलाई की सुविधा है, जिसे अगले तीन साल में 280 लाख टन तक पहुंचाया जाएगा। ट्रांसपोर्ट से आठ रुपये, रेलवे से छह रुपये प्रति कुंतल का खर्च है। जल परिवहन के रास्ते ढुलाई के लिए सिर्फ एक रुपये खर्च करने होंगे। आलू, चीनी, गुड़, सीमेंट, खाद्न्न आदि की ढुलाई सुविधाजनक और सस्ती होगी, रोजगार के रास्ते खुलेंगे।
विज्ञापन
गडकरी ने एलान किया कि मनकामेश्वर मंदिर के बगल स्थित करीब दो सौ वर्ष पुराने ऐतिहासिक पोर्ट को संरक्षित किया जाएगा। इसे विकसित और संरक्षित करने का काम अंतरदेशीय जल प्राधिकरण कराएगा। मंत्री ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि इस पोर्ट पर 1828 में पहली बार जलपोत आया था। उन्होंने कहा कि विरासत को सहेजने के साथ लोगों को इसके बारे में जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फ्लोटिंग पोर्ट स्टेशनों के साथ संभव हुआ तो इस पुराने पोर्ट का भी इस्तेमाल जल परिवहन के दौरान किया जाएगा।
मंत्री नितिन गडगरी ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण का काम प्रगति पर है। प्रयागराज और आसपास के इलाकों के चहुंमुखी विकास के लिए कई सड़क परियोजनाएं चल रही हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। नई परियोजनाएं भी जल्द शुरू होंगी। उन्होंने प्रयागराज से मिर्जापुर मार्ग के निर्माण का जिक्र किया। बताया कि केंद्रीय सड़क निधि से 398 करोड़ खर्च कर 337 किलोमीटर के 23 मार्गों का निर्माण कराया जा रहा है। बताया कि 1200 करोड़ से गंगोत्री, यमुनोत्री तक जाने को सड़क निर्माण कराया जा रहा है। अब बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम को भी सड़क मार्ग से जोड़ेंगे। नितिन गडकरी ने कहा कि प्रयागराज में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मांग के अनुसार कई पुल एवं सड़कों का निर्माण कराया गया है।
नमामि गंगे योजना के तहत प्रयागराज में छह नए घाट और तीन मोक्षधाम की मंजूरी केंद्र सरकार ने दी है। यह जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सीवरेज कार्य के तहत 779 किलोमीटर लाइन बिछा दी गई है। आठ एसटीपी निर्माण की दस परियोजनाओं में छह पूरी कर ली गई हैं। दो मार्च 2019 तक पूरी हो जाएंगी। साथ ही 21 घाटों की नियमित सफाई के लिए करोड़ों की योजना मंजूर की गई है। कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में गंगा कार्यबल तैनात किया गया है। जिसका मुख्यालय प्रयागराज में है। यह कार्यबल वृक्षारोपण, घाटों की निगरानी, गश्त, नदी प्रदूषण की निगरानी, जनजागरण आदि कार्यों की देखरेख करेगा।