{"_id":"5772c6f44f1c1bde3a79aafb","slug":"niranjan-bridge-way-off-half-the-jam","type":"story","status":"publish","title_hn":"निरंजन का रास्ता बंद, आधे शहर में जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निरंजन का रास्ता बंद, आधे शहर में जाम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 29 Jun 2016 01:02 AM IST
विज्ञापन
शहर में जाम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निरंजन ओवर ब्रिज में मरम्मत कार्य के चलते 30 जून तक पुराने शहर को नये शहर से जोड़ने का मुख्य रास्ता बंद रहने से शहरियों की मुसीबत बढ़ गई है। इस वजह से रामबाग से मेडिकल चौराहे की तरफ जाने वाली सड़क पर ट्रैफिक लोड बढ़ गया है। यहां ट्रेनों की क्रासिंग के दौरान रेल फाटक बंद होने की वजह से मंगलवार को सुबह से ही जाम लग गया। इस बीच प्रयाग होकर आने वाली काशी, कामायनी और सारनाथ एक्सप्रेस वाया रामबाग (इलाहाबाद सिटी) चलाने से स्थिति और बिगड़ गई। दिन भर में इन ट्रेनों के अप एवं डाउन रैक गुजरने से रामबाग रेल फाटक छह बार अतिरिक्त और बंद करना पड़ा।
सोमवार की रात ही जानसेनगंज से फायर बिग्रेड चौराहे जाने वाले रास्ते में पुलिस द्वारा बैरीकेटिंग कर दी गई। हालांकि रात में इसका कुछ ज्यादा असर नहीं हुआ। लेकिन सुबह नौ बजे के बाद ऑफिस टाइम पर शहर के तमाम इलाकों में जाम लगना शुरू हो गया। खुसरोबाग ओवर ब्रिज, बैरहाना, सोहबतियाबाग में वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इन दोनों ही स्थानों पर दिन भर जाम जैसी स्थिति रही। सबसे ज्यादा खराब हालात मेडिकल चौराहे से रामबाग जाने वाली लाउदर रोड के रहे। यहां जीआईसी के पास दिन में कई दफे रेल फाटक बंद हो जाने की वजह से भीषण जाम लग गया है। उमस भरी गर्मी में जाम में फंसे लोग बेहाल हो गए। यहां जो फंसा उसे निकलने में काफी समय लग गया। रही सही कसर रेलवे की बदइंतजामी ने कर दी।
दरअसल भदोही में रेलवे नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य होने की वजह से वाराणसी से प्रयाग होकर जंक्शन जाने वाली तमाम ट्रेनें डायवर्ट कर दी गई। इन ट्रेनों में से काशी एक्सप्रेस, सारनाथ और कामायनी एक्सप्रेस का अप एवं डाउन रैक वाया रामबाग लाने से रेल फाटक को दिन भर में छह बार और अतिरिक्त बंद करना पड़ा। लोगों का कहना था कि रेलवे इन ट्रेनों का वाया मुगलसराय-मिर्जापुर होकर ले आता तो शायद जाम की स्थिति इतनी बुरी न होती। मेडिकल चौराहे से कोठापार्चा तक वाहनों की लंबी कतारें दिन भर रही। इसके अलावा विवेकानंद मार्ग, पुरानी जीटी रोड, सुलमेसराय, धूमनगंज, हर्षवर्धन चौराहा, चौफटका ओवर ब्रिज, जवाहर लाल नेहरू रोड पर भी दिन भर में कई दफे जाम लगा। गनीमत रही कि स्कूल कालेज अगले कुछ दिन बंद है, नहीं तो स्थिति और बिगड़ सकती थी। फिलहाल अगले दो दिन 30 जून तक और शहरियों को जाम का झाम झेलना पड़ेगा।
विज्ञापन
शहरियों को 30 जून के बाद एक बार फिर से जाम की समस्या झेलनी होगी। दरअसल निरंजन पुल पर कंक्रीट के गार्डर लगाए जाने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। अभी 30 जून तक यहां सिर्फ बड़ी क्रेनों आदि की सहायता से पुल निर्माण से संबंधित सामग्री ही लाई जानी है। जबकि स्टील के गार्डर के स्थान पर कंक्रीट के गार्डर लगाने के काम के लिए रेलवे बाद में एक और ब्लॉक लेगा। उस ब्लॉक के दौरान रोड ट्रैफिक के साथ ही ट्रेन ट्रैफिक भी ब्लॉक हो सकता है।
विज्ञापन
सोमवार की रात ही जानसेनगंज से फायर बिग्रेड चौराहे जाने वाले रास्ते में पुलिस द्वारा बैरीकेटिंग कर दी गई। हालांकि रात में इसका कुछ ज्यादा असर नहीं हुआ। लेकिन सुबह नौ बजे के बाद ऑफिस टाइम पर शहर के तमाम इलाकों में जाम लगना शुरू हो गया। खुसरोबाग ओवर ब्रिज, बैरहाना, सोहबतियाबाग में वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इन दोनों ही स्थानों पर दिन भर जाम जैसी स्थिति रही। सबसे ज्यादा खराब हालात मेडिकल चौराहे से रामबाग जाने वाली लाउदर रोड के रहे। यहां जीआईसी के पास दिन में कई दफे रेल फाटक बंद हो जाने की वजह से भीषण जाम लग गया है। उमस भरी गर्मी में जाम में फंसे लोग बेहाल हो गए। यहां जो फंसा उसे निकलने में काफी समय लग गया। रही सही कसर रेलवे की बदइंतजामी ने कर दी।
विज्ञापन
दरअसल भदोही में रेलवे नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य होने की वजह से वाराणसी से प्रयाग होकर जंक्शन जाने वाली तमाम ट्रेनें डायवर्ट कर दी गई। इन ट्रेनों में से काशी एक्सप्रेस, सारनाथ और कामायनी एक्सप्रेस का अप एवं डाउन रैक वाया रामबाग लाने से रेल फाटक को दिन भर में छह बार और अतिरिक्त बंद करना पड़ा। लोगों का कहना था कि रेलवे इन ट्रेनों का वाया मुगलसराय-मिर्जापुर होकर ले आता तो शायद जाम की स्थिति इतनी बुरी न होती। मेडिकल चौराहे से कोठापार्चा तक वाहनों की लंबी कतारें दिन भर रही। इसके अलावा विवेकानंद मार्ग, पुरानी जीटी रोड, सुलमेसराय, धूमनगंज, हर्षवर्धन चौराहा, चौफटका ओवर ब्रिज, जवाहर लाल नेहरू रोड पर भी दिन भर में कई दफे जाम लगा। गनीमत रही कि स्कूल कालेज अगले कुछ दिन बंद है, नहीं तो स्थिति और बिगड़ सकती थी। फिलहाल अगले दो दिन 30 जून तक और शहरियों को जाम का झाम झेलना पड़ेगा।
विज्ञापन
शहरियों को 30 जून के बाद एक बार फिर से जाम की समस्या झेलनी होगी। दरअसल निरंजन पुल पर कंक्रीट के गार्डर लगाए जाने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। अभी 30 जून तक यहां सिर्फ बड़ी क्रेनों आदि की सहायता से पुल निर्माण से संबंधित सामग्री ही लाई जानी है। जबकि स्टील के गार्डर के स्थान पर कंक्रीट के गार्डर लगाने के काम के लिए रेलवे बाद में एक और ब्लॉक लेगा। उस ब्लॉक के दौरान रोड ट्रैफिक के साथ ही ट्रेन ट्रैफिक भी ब्लॉक हो सकता है।