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Prayagraj News: प्रयागराज में तालाब पुनरुद्धार योजना प्रस्तुत करने का एनजीटी का निर्देश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 02:19 AM IST
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NGT directive to submit a pond rejuvenation plan in Prayagraj
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), प्रधान पीठ, नई दिल्ली ने प्रयागराज के कटहुला गौसपुर स्थित तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाए जाने के बाद उसके पुनरुद्धार और विकास के लिए जिला प्रशासन को योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव (अध्यक्ष) और डॉ. अफरोज अहमद (विशेषज्ञ सदस्य) की पीठ ने की। आवेदक ने आरोप लगाया था कि ग्राम कटहुला गौसपुर, तहसील सदर, प्रयागराज स्थित खसरा संख्या 847/2स, जिसका क्षेत्रफल 0.2650 हेक्टेयर है सरकारी भूमि पर स्थित तालाब (जल निकाय) है और इस पर अतिक्रमण किया गया है।
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सुनवाई के दौरान प्रतिवादी की ओर से अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई जिसमें बताया गया कि चार अप्रैल 2026 को इस मामले में कार्रवाई के लिए एक समिति गठित की गई थी। समिति में सचिव प्रयागराज विकास प्राधिकरण, अपर नगर आयुक्त नगर निगम प्रयागराज और उप जिलाधिकारी (सदर) को शामिल किया गया था।
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अतिक्रमण 18 अप्रैल 2026 को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया था। इसके बाद भूमि की घेराबंदी और तालाब को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू की गई। यह भी बताया गया कि 22 जून 2026 को नजूल विभाग ने तालाब भूमि की पहचान के बाद पूरे क्षेत्र में तार बाड़ का कार्य पूरा कर लिया है।
एनजीटी ने अनुपालन रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए कहा कि रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि भूमि तालाब के रूप में दर्ज है और वहां किए गए निर्माण को हटा दिया गया है। हालांकि, प्रस्तुत तस्वीरों से यह भी पता चलता है कि तालाब को भर दिया गया है इसलिए इसका पुनरुद्धार आवश्यक है।
अधिकरण ने निर्देश दिया कि नगर आयुक्त नगर निगम प्रयागराज तालाब के पुनर्जीवन के लिए विस्तृत योजना प्रस्तुत करें जिसमें पुनर्जीवन कार्य की योजना, धनराशि के स्रोत, कार्य पूरा करने की समय-सीमा का स्पष्ट विवरण शामिल हो।

एनजीटी ने निर्देश दिया कि यदि अगली सुनवाई से पहले योजना प्रस्तुत नहीं की जाती है और नगर निगम प्रयागराज की ओर से अधिकरण में प्रतिनिधित्व के लिए अधिवक्ता नियुक्त नहीं किया जाता है तो नगर आयुक्त, नगर निगम प्रयागराज को अगली सुनवाई में वर्चुअल रूप से उपस्थित होना होगा। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर 2026 को होगी।
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