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Magh Mela : घर-परिवार, मोह-माया छोड़कर संन्यासी बने बाबाओं को भी सता रहा जान का खतरा, प्रशासन से मांगा गनर

Thu, 25 Jan 2024 12:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 25 Jan 2024 12:48 PM IST
सार

घर, परिवार और संपत्ति और वैभव छोड़कर साधु और संन्यासी बने बाबाओं को भी जान का खतरा सता रहा है। माघ मेले में पहुंचे बड़ी संख्या में संतों ने जान माल की सुरक्षा के लिए गनर उपलब्ध कराने के लिए आवेदन किया है। प्रशासन की ओर से इसकी जांच कराई जा रही है। 

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Neither enmity nor enmity with anyone, yet the danger to the life of the saints is still there
अपनी सुरक्षा को लेकर साधु-संत चिंतित। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

माघ मेला क्षेत्र में आए साधु संतों को भी सुरक्षा की दरकार है। ऐसे 171 साधु-संतों ने सुरक्षा के लिए मेला पुलिस को आवेदन दिए हैं। मेला पुलिस की ओर से इन आवेदनों में सुरक्षा प्राप्त करने के लिए बताए गए कारणों का सत्यापन गोपनीय तरीके से कराया जा रहा है।

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माघ मेले में देश भर के साधु-संत जुटे हैं। साधु-संतों के बारे में आमतौर पर यह माना जाता है कि उन्हें सांसारिक मोह-माया से विरक्ति तो होती ही है, वह जीवन-मृत्यु के हर्ष-विषाद से भी परे होते हैं। हालांकि, माघ मेले में आए कई ऐसे साधु-संत हैं जिन्हें अपने जीवन का खतरा है और इस आशंका को लेकर ही उन्हें सुरक्षा की दरकार है। मेला पुलिस के पास अब तक ऐसे 171 साधु-संतों के आवेदन पहुंचे हैं। आवेदनों में उनकी ओर से पुलिस सुरक्षा की मांग की गई है।

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यह कहा गया है कि माघ मेला क्षेत्र में प्रवास के दौरान उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराया जाए। सूत्राें के मुताबिक, पुलिस की ओर से ऐसे सभी आवेदनों के संबंध में जांच पड़ताल कराई जा रही है। सुरक्षाकर्मी की मांग के लिए आवेदनों में जो कारण बताए गए हैं, उनका गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया जा रहा है। यह जिम्मा स्थानीय खुफिया एजेंसी(एलआईयू) को सौंपा गया है। एलआईयू की टीम यह पता लगा रही है कि किन लोगों को वाकई सुरक्षा की दरकार है। एलआईयू की रिपोर्ट के आधार पर ही सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए जाएंगे। 

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पहले से सुरक्षा प्राप्त, फिर भी चाहिए गनर

सूत्रों के मुताबिक, माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिए आवेदन करने वाले कई साधु-संत ऐसे हैं जिन्हें पूर्व से ही सुरक्षा प्राप्त है। दरअसल यह वह संत हैं जो दूसरे राज्यों से आए हैं या आने वाले दिनों में मेला क्षेत्र में आएंगे और उन्हें उन राज्यों की ओर से पहले से ही सुरक्षा प्राप्त है। इसके बाद भी माघ मेला प्रवास के दौरान उन्हें मेला पुलिस की सुरक्षा की दरकार है, जिसके लिए उनकी ओर से आवेदन दिया गया है। आवेदन में उन्होंने पूर्व से प्राप्त सुरक्षाकर्मियों का भी ब्यौरा दिया है, जो मेला क्षेत्र में उनके साथ रहेंगे।

 

लगभग 40-45 साधु-संतों को दी गई सुरक्षा

सूत्रों का कहना है कि अब तक जो आवेदन आए हैं, उनमें से लगभग 40-45 साधु-संतों को सुरक्षाकर्मी प्रदान किया जा चुका है। अन्य के संबंध में एलआईयू की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। बता दें कि मेला क्षेत्र में लगाए गए शिविरों की सुरक्षा के लिए मेला पुलिस की ओर से हाेमगार्डों की ड्यूटी पहले ही लगाई गई है।

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