फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Negligence in Divyang Mahakumbh, 500 certificates issued without registration number

Prayagraj : दिव्यांग महाकुंभ में महालापरवाही, बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के जारी कर दिए 500 प्रमाणपत्र

Sat, 28 Sep 2024 02:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 28 Sep 2024 02:21 PM IST
सार

दिव्यांग सीएमओ कार्यालय आते हैं तो यह कहकर उन्हें वापस कर दिया जाता है कि बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के प्रमाणपत्र मान्य नहीं है। अब फिर पूरी प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ेगा, जिसके बाद नया प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

विज्ञापन
Negligence in Divyang Mahakumbh, 500 certificates issued without registration number
दिव्यांग सर्टिफिकेट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने में बड़ी लापरवाही सामने आई है। 2019 में हंडिया तहसील में दिव्यांग महाकुंभ शिविर में करीब 500 दिव्यांगों को बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के ही प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए हैं। खास बात है कि इस पर सीएमओ की ओर से काउंटर साइन भी हैं। पात्र जब योजनाओं के लाभ के लिए सीएमओ कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि यह प्रमाणपत्र अमान्य है। इतना ही नहीं, 2023 में प्रतापपुर ब्लॉक में शिविर लगाया गया, लेकिन आज तक इनके भी प्रमाणपत्र कोरियर से आ नहीं सके।

विज्ञापन


दिव्यांग सीएमओ कार्यालय आते हैं तो यह कहकर उन्हें वापस कर दिया जाता है कि बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के प्रमाणपत्र मान्य नहीं है। अब फिर पूरी प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ेगा, जिसके बाद नया प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। 2019 में हंडिया तहसील के प्रतापपुर विकास खंड के सिमरी गांव के इंग्लिश मीडियम स्कूल में दिव्यांग प्रमाणपत्र व उपकरण उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाया था। इस दौरान करीब 500 लोगों को दिव्यांग प्रमाणपत्र दिया गया। वहीं, जब इनमें से कुछ लोग प्रमाणपत्र नवीनीकरण कराने को सीएमओ कार्यालय पहुंचे तो इसे अधूरा बताकर उन्हें फिर से पूरी प्रक्रिया करने के लिए कहा गया।

विज्ञापन

इन्हीं पीड़ितों में से बाबूपुर बेलो निवासी खेती करने वाले लाल पाल हैं। इनका 18 वर्षीय बेटा मानसिक रूप से दिव्यांग है। जब बेटे को ई-रिक्शा से लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे तो पूरे दिन खड़े रखने के बाद इन्हें यह कहकर वापस कर दिया गया कि प्रमाणपत्र में रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है। इसलिए पूरी प्रक्रिया फिर से करनी पड़ेगी। लाल ने कहा कि साहब...मेरा बेटा मानसिक रूप से दिव्यांग है। सीएमाओ कार्यालय में कहा गया कि यह प्रमाणपत्र सही नहीं है। अब मैं अपने बेटे को लेकर कहां-कहां भटकूं।

हंडिया तहसील में 2019 के दिव्यांग महाकुंभ में बनाए गए प्रमाणपत्र में रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं डाले गए हैं। वहीं, 2023 में प्रतापपुर ब्लॉक में भी शिविर लगा 200 लोगों की जांच की गई, लेकिन आज तक उनके प्रमाणपत्र कोरियर से आ नहीं सके। अब दिव्यांग सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे। - राम सजीवन, ग्राम प्रधान, गुरबेला, प्रतापपुर

ये प्रमाणपत्र शिविर के दौरान जारी किए गए थे। इनमें रजिस्ट्रेशन नंबर न होने की बात मेरे संज्ञान में नहीं है। कुछ लोगों की शिकायत सामने आई है, जिसके संबंध में जानकारी इकट्ठा की जा रही है। समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। इसके अलावा दिव्यांगता प्रमाणपत्र एक साल बाद भी न मिलने के मामले को मैं पता कराता हूं। -डॉ.नवीन गिरी, डिप्टी सीएमओ व नोडल दिव्यांग बोर्ड

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed