Neealam Karwariya Death : पूर्व विधायक नीलम करवरिया पंचतत्व में विलीन, पति उदयभान ने दी मुखाग्नि
सुबह दस बजे हाईकोर्ट ने पेरोल का आदेश जारी किया था। कागजी कार्रवाई पूरी होने में काफी समय लग गया और शाम चार बजे के करीब दोनों भाई जेल से बाहर निकलने के बाद कल्याणी देवी आवास पर पहुंचे। इसके बाद पूर्व विधायक नीलम करवरिया की शव यात्रा रवाना हुई। शव वाहन को फूलों से सजाया गया था।
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मेजा की पूर्व विधायक नीलम करवरिया को शनिवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। वहीं, कल्याणी देवी स्थित पूर्व विधायक के आवास से लेकर रसूलाबाद घाट तक अंतिम यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं और समर्थकों की आंखें भी नम थीं। भाजपा के पूर्व विधायक उदयभान करवरिया ने पत्नी नीलम करवरिया को मुखाग्नि दी।
कल्याणी देवी स्थित आवास पर पूर्व विधायक को श्रद्धांजलि देने और अंतिम दर्शन के लिए शनिवार सुबह से ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों का हुजूम उमड़ने लगा। इस दौरान पूर्व राज्यसभा सांसद रेवती रमण सिंह, कांग्रेस के पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह समेत दूसरे दलों के तमाम नेता नीलम करवरिया को श्रद्धांजलि देने उनके आवास पहुंचे।
पैरोल पर आए पूर्व विधायक के जेठ व पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया और देवर व पूर्व एमएलसी सूरजभान करवरिया सीधे कल्याणी देवी पहुंचे और नीलम करवरिया के पार्थिव शरीर को कंधा देते ही फफक पड़े।
अपराह्न करीब 3:30 बजे के आसपास अंतिम यात्रा रसूलाबाद घाट के लिए रवाना हुई। भारी बारिश के बीच हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों का हुजूम उमड़ा पड़ा। अंत्येष्टि का समय सुबह 10 बजे निर्धारित था, ऐसे में घाट पर भी पहले से सैकड़ाें कार्यकर्ता और समर्थक इकट्ठा हो गए थे। शाम करीब 5:15 बजे अंतिम यात्रा रसूलाबाद घाट पहुंची और पंद्रह मिनट के बाद पूर्व विधायक उदयभान ने पत्नी को मुखाग्नि दी।
नीलम करवरिया को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई। घाट पर दोनों बेटियां साक्षी एवं समृद्धि, पुत्र समक्ष, भतीजा गौरव करवरिया, भाई नगर पंचायत अध्यक्ष राजापुर संजीव मिश्रा भी मौजूद थे।
इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सांसद प्रवीण पटेल, विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, वाचस्पति, राजमणि कोल, पीयूष रंजन निषाद, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, पूर्व सांसद विनोद सोनकर, महापौर गणेश केसरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष वीके सिंह, महानगर अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा, कांग्रेस के प्रदेश सचिव मुकुंद तिवारी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को भी अंतिम संस्कार में शामिल होने आना था, लेकिन मौसम खराब होने से उनका हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। इसी वजह से दोनों उपमुख्यमंत्री नहीं आ सके।
समय से पैरोल नहीं मिलने पर अंत्येष्टि में हुई देरी
अंत्येष्टि का समय शनिवार सुबह 10 बजे निर्धारित था, लेकिन उनके जेठ कपिलमुनि करवरिया और देवर सूरजभान करवरिया को पैरोल मिलने में देर हो गई। दोनों दोपहर करीब 2:30 बजे नैनी सेंट्रल जेल से बाहर आए। उन्हें लेने के लिए सैकड़ों कार्यकर्ता जेल के बाहर इकट्ठा थे। दोनों दोपहर करीब 3:15 बजे कल्याणी देवी स्थित कोठी पहुंचे।
यमुनापार से पहुंचा कार्यकर्ताओं का हुजूम
करवरिया परिवार का यमुनापार में काफी प्रभाव है। मेजा की पूर्व विधायक नीलम करवरिया भी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच काफी लोकप्रिय थीं। ऐसे में अपने नेता का अंतिम विदाई देने के लिए यमुनापार से काफी संख्या में कार्यकर्ता अंतिम यात्रा में शामिल हुए और रसूलाबाद घाट पहुंचे। यमुनापार जिलाध्यक्ष विनोद प्रजापति, पूर्व जिलाध्यक्ष विभवनाथ भारती, जिला उपाध्यक्ष जय सिंह पटेल, त्रिवेणी प्रसाद पांडेय, राजेश्वरी तिवारी, जिला मंत्री प्रकाश शुक्ल प्रचंड, कमलेश त्रिपाठी, जिला मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार चतुर्वेदी, मनोज गुप्ता व राजेश केसरवानी ने नीलम करवरिया को श्रद्धांजलि अर्पित की।