NCR Railway : कोर को पैकअप करने का काम शुरू, न्यू जलपाईगुड़ी परियोजना अब पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के हवाले
देश के तकरीबन 70 फीसदी ब्रॉड गेज रेलमार्ग का विद्युतीकरण करने वाले केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) को बंद करने का पहला कदम बढ़ा दिया गया है। रेलवे बोर्ड ने कोर की न्यू जलपाईगुड़ी परियोजना के सारे काम अब पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) को सौंपे जाने का आदेश दिया है।
विस्तार
देश के तकरीबन 70 फीसदी ब्रॉड गेज रेलमार्ग का विद्युतीकरण करने वाले केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) को बंद करने का पहला कदम बढ़ा दिया गया है। रेलवे बोर्ड ने कोर की न्यू जलपाईगुड़ी परियोजना के सारे काम अब पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) को सौंपे जाने का आदेश दिया है। अमर उजाला ने आठ मई-23 के अंक में कोर बंद करने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर मुहर लग गई है।
रेलवे बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, गति शक्ति/ इलेक्ट्रिकल भूपेंद्र सिंह बोध ने 18 मई-23 को कोर जीएम प्रमोद कुमार को भेजे पत्र में न्यू जलपाईगुड़ी परियोजना में कार्यरत ग्रुप बी और गैर-राजपत्रित कर्मचारियों के स्थानांतरण की बात कही है। यह भी कहा गया है जो कार्य कोर कर रहा है, वह अब एनएफआर पूरा करेगी। बोर्ड की उप सचिव आशा मुरलीधरन की ओर से जारी दूसरे पत्र में कोर के पांच वरिष्ठ अफसरों का दूसरे जोनल रेलवे में तबादला करने का निर्देश दिया गया है। इससे कोर में खलबली मच गई है कि अगला नंबर किसका होगा।
44 साल पहले कोर की हुई थी स्थापना
44 साल पहले 1979 में स्थापित कोर ही ब्रॉड गेज रेलमार्ग का विद्युतीकरण कर रहा है। कोर प्रयागराज की अंबाला, जयपुर, बंगलुरू, गुवाहाटी, चेन्नई, सिकंदराबाद, अहमदाबाद, लखनऊ और दानापुर परियोजनाएं इसी के दायरे में हैं। देश के 70 फीसदी ब्रॉड गेज रेलमार्ग का कोर ने ही विद्युतीकरण किया है। जोनल रेलवे, रेल विकास निगम लिमिटेड, राइट्स, इरकॉन, पीजीसीएल समेत 22 अन्य यूनिट मिलकर बमुश्किल 30 प्रतिशत ही विद्युतीकरण कर सके।
यूनियन नेताओं ने की प्रधानमंत्री कार्यालय से दखल की मांग
एनसीआरईएस के संयुक्त महामंत्री आलोक सहगल का कहना है कि पीएमओ को इस मामले में दखल देना चाहिए। मेंस यूनियन के शाखा मंत्री नागेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। कोर की सभी परियोजनाएं बंद करके उसके सारे काम जोनल रेलवे को सौंपे जाने की तैयारी है। नेताओं का कहना है कि जिस कोर ने 70 फीसदी विद्युतीकरण किया है, उसे बंद करने का फैसला समझ से परे है। कोर पर तालाबंदी का प्रस्ताव केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने पिछले साल दिया था।