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Nazul Land News : नजूल भूमि पर बने कानून से 10 हजार से अधिक परिवार सीधे तौर पर होंगे प्रभावित
Thu, 01 Aug 2024 06:03 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 01 Aug 2024 06:03 PM IST
सार
प्रयागराज शहर में कुल एक हजार से अधिक भूखंड के अंतर्गत 71 लाख वर्गमीटर नजूल भूमि है। अब इन भूखंडों पर हजारों परिवार रहते हैं। इनमें से 35 लाख वर्गमीटर पर काबिज लोगों ने जमीन फ्री होल्ड करा ली है। इसके अलावा 1800 लोगों ने करीब 15 लाख वर्गमीटर जमीन फ्री होल्ड कराने लिए के आवेदन कर रखा है।
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नजूल भूमि।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
नजूल भूमि पर बने कानून से शहर के 10 हजार से अधिक परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। इनमें से 1800 लोगाें ने तो जमीन फ्री होल्ड कराने के लिए वर्षों पहले आवेदन कर रखा है लेकिन अब सभी के सामने नया संकट खड़ा हो गया है। अब सभी के जमीन से बेदखल होने का अंदेशा बन गया है।
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शहर में कुल एक हजार से अधिक भूखंड के अंतर्गत 71 लाख वर्गमीटर नजूल भूमि है। अब इन भूखंडों पर हजारों परिवार रहते हैं। इनमें से 35 लाख वर्गमीटर पर काबिज लोगों ने जमीन फ्री होल्ड करा ली है। इसके अलावा 1800 लोगों ने करीब 15 लाख वर्गमीटर जमीन फ्री होल्ड कराने लिए के आवेदन कर रखा है। वहीं शेष जमीन पर काबिज कई लोगों ने न्यायालय में याचिका दाखिल कर रखी है तो अन्य नई नीति के इंतजार में थे।
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इसके विपरीत नई नजूल भूमि की नीति बनाए जाने की बात करते हुए सरकार ने पहले फ्री होल्ड तथा अन्य किसी तरह की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। करीब एक साल पहले सरकार की ओर से आदेश जारी किया गया कि अब किसी भी नजूल भूमि को फ्री होल्ड नहीं किया जाएगा और न ही लीज की अवधि आगे बढ़ाई जाएगी। आदेश हुआ था कि अब तक फ्री होल्ड न हो पाने वाली नजूल भूमि अधिग्रहीत की जाएगी।
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इससे शहर के 10 हजार से अधिक परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। ऐसे में इसका तीव्र विरोध हुआ। विधानसभा में भी स्थानीय भाजपा तथा अन्य विधायकों सिद्धार्थ नाथ सिंह, हर्षवर्धन बाजपेयी, आरके वर्मा, रघुराज प्रताप सिंह राजा भइया ने नजूल भूमि अध्यादेश का तीव्र विरोध किया लेकिन नए अध्यादेश के पारित होने से नजूल भूमि पर काबिज हजारों परिवारों के सामने नया संकट खड़ा गया है।
कई प्रमुख सरकारी कार्यायल, स्कूल हैं नजूल भूमि पर
नजूल भूमि अध्यादेश से कई प्रमुख सरकारी कार्यालय तथा बड़े शिक्षण संस्थानों के भी प्रभावित होने की आशंका बन गई है। सिविल लाइंस स्थित नजूल भूमि पर कई विभागों का प्रदेश मुख्यालय है। सिविल लाइंस, जार्जटाउन, मम्फोर्डगंज, टैगोरटाउन समेत कई जगहों पर नजूल भूमि पर कई बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं और संबंधित भूखंड फ्री होल्ड नहीं हुए हैं।