Navratri 2020 : ब्रह्म मुहूर्त में इस बार कलश स्थापना के योग नहीं, स्वाति नक्षत्र में होगा मां का आवाहन
कल स्थापना मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त
11: 47 से 12:15 बजे तक
स्वाति नक्षत्र में इस बार होगी कलश स्थापना
विस्तार
जगत जननी की आराधना का शारदीय नवरात्र शनिवार से आरंभ होगा। इस बार ब्रहम मुहूर्त में या सुबह पौ फटने के बाद कलश स्थापना नहीं होगी। सुबह चित्रा नक्षत्र होने की वजह से कलश स्थापना नहीं की जा सकेगी। मां का आवाहन और कलश स्थापना इस बार अभिजीत मुहूर्त में दिन के11:47 बजे से आरंभ होगी। इसी के साथ सनातनधर्मी परिवारों में नवरात्र व्रत आरंभ होगा और घर-घर मां दुर्गा की नौ दिवसीय पूजा आरंभ होगी।
अरसा बाद शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा के दिन प्रात: काल कलश स्थापना का योग नहीं है। इसकी वजह चित्रा नक्षत्र है। ज्योतिष की मान्यता के अनुसार चित्रा नक्षत्र और वैधृति नक्षत्र में कलश स्थापना नहीं की जाती। ऐसे में 11:52 पर चित्रा नक्षत्र की समाप्ति के बाद अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना आरंभ होगी।
ज्योतिषाचार्य ब्रजेंद्र मिश्र के अनुसार अभिजीत मुहूर्त केदौरान स्वाति नक्षत्र में गुरु से युक्त धनु लग्न रहेगी। धनु राशि पर गुरु के होने से राहु की शांति के लिए यह सबसे उत्तम योग बनेगा। ऐसे में प्रतिपदा तिथि के अभिजीत मुहूर्त में ध्वजारोहण के साथ कलश स्थापना होगी। मां दुर्गा की नौ दिवसीय आराधना केे क्रम में नौ दिन तक मां के अलग-अलग रूपों का ध्यान किया जाएगा।
ऐसे करें मां दुर्गा का आवाहन
वेदियों पर कलश में गंगा जल भरकर मां दुर्गा का आवाहन करना चाहिए। इसके बाद नारियल को लाल चुनरी में रखकर रक्षासूत्र से बांधना चाहिए। फिर, गौरी,गणेश और नवग्रह पूजन के बाद मां की व्रतियों को मां की स्तुति करनी चाहिए। शारदीय नवरात्र के अनुष्ठानों के लिए इस बार कोरोना काल में घर-घर में तैयारियां की गई हैं। कोरोना से मुक्ति के लिए घरों से लेकर देवी मंदिरों तक नवचंडी पाठ स्तोत्र नाम जप किएजाएंगे।