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प्रयागराज: सीबीआई को मिली आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी व संदीप तिवारी की सात दिन की रिमांड
Mon, 27 Sep 2021 01:47 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 27 Sep 2021 01:47 PM IST
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Prayagraj : कोर्ट द्वारा रिमांड मंजूर किए जाने के बाद योग गुरु आनंद गिरि को जेल ले जाती पुलिस।
- फोटो : प्रयागराज
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध मौत के मामले में जेल में बंद उनके शिष्य आनंद गिरि, पुजारी आद्या प्रसाद और संदीप तिवारी को रिमांड पर लेने की अर्जी सीजेएम कोर्ट ने सोमवार को स्वीकार कर लिया। आरोपियों को सात दिन की रिमांड पर देने का आदेश दिया है। रिमांड की समयावधि मंगलवार की सुबह नौ बजे से चार अक्तूबर को सायं पांच बजे तक है।
सीबीआई को पूछताछ के लिए सात दिन का समय दिया गया है। मामले में सीजेएम कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। जिस पर सीजेएम कोर्ट ने अपनी स्वीकृति दी। हालांकि, जेल में बंद तीनों आरोपियों के वकील ने इसका विरोध किया था।
सीबीआई ने नरेंद्र गिरी की मौत के मामले की जांच तीन दिन पहले ही शुरू की है। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच के लिए तीनों आरोपियों से पूछताछ बहुत जरूरी है। महंत ने अपनी मौत से पहले कथित सोसाइड नोट में इन तीनों ही आरोपियों पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था।
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साथ ही अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। लिहाजा, पूछताछ में कुछ अहम तथ्य सामने आ सकते है। हालांकि आरोपियों के वकील ने इसका विरोध किया और कहा कि यह सीबीआई के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। सीबीआई ने तीनों आरोपियों को 10 दिन के रिमांड पर लेने की अर्जी दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने सात ही दिन के रिमांड मंजूर की है। इससे जांच में और गति आएगी। अब सीबीआई आरोपियों को हरिद्वार ले जाकर पूछताछ करेगी।
अधिवक्ताओं की मौजूदगी में पूछताछ की अर्जी खारिज
सीजेएम कोर्ट ने जहां एक तरफ नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत केमामले के आरोपियों को सीबीआई रिमांड पर लिए जाने की अर्जी स्वीकार कर लिया वहीं आरोपियों की ओर से दाखिल की गई अर्जी को खारिज कर दिया। आरोपियों ने अपनी अर्जी में उनके अधिवक्ताओं की मौजूदगी में सीबीआई द्वारा पूछताछ की प्रार्थना की गई थी। लेकिन, कोर्ट ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसने इस मामले में दिए गए अपने पहले के आदेश में आरोपियों को अधिवक्ता साथ में रखने की छूट दे दी है। लेकिन, वे अधिवक्ता सीबीआई की कार्रवाई में कोई दखल नहीं देंगे और सौ मीटर की दूरी बनाए रखेंगे। कोर्ट एक ही मामले में दो आदेश नहीं जारी कर सकती है।
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सीबीआई को पूछताछ के लिए सात दिन का समय दिया गया है। मामले में सीजेएम कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। जिस पर सीजेएम कोर्ट ने अपनी स्वीकृति दी। हालांकि, जेल में बंद तीनों आरोपियों के वकील ने इसका विरोध किया था।
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सीबीआई ने नरेंद्र गिरी की मौत के मामले की जांच तीन दिन पहले ही शुरू की है। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच के लिए तीनों आरोपियों से पूछताछ बहुत जरूरी है। महंत ने अपनी मौत से पहले कथित सोसाइड नोट में इन तीनों ही आरोपियों पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था।
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साथ ही अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। लिहाजा, पूछताछ में कुछ अहम तथ्य सामने आ सकते है। हालांकि आरोपियों के वकील ने इसका विरोध किया और कहा कि यह सीबीआई के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। सीबीआई ने तीनों आरोपियों को 10 दिन के रिमांड पर लेने की अर्जी दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने सात ही दिन के रिमांड मंजूर की है। इससे जांच में और गति आएगी। अब सीबीआई आरोपियों को हरिद्वार ले जाकर पूछताछ करेगी।
अधिवक्ताओं की मौजूदगी में पूछताछ की अर्जी खारिज
सीजेएम कोर्ट ने जहां एक तरफ नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत केमामले के आरोपियों को सीबीआई रिमांड पर लिए जाने की अर्जी स्वीकार कर लिया वहीं आरोपियों की ओर से दाखिल की गई अर्जी को खारिज कर दिया। आरोपियों ने अपनी अर्जी में उनके अधिवक्ताओं की मौजूदगी में सीबीआई द्वारा पूछताछ की प्रार्थना की गई थी। लेकिन, कोर्ट ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसने इस मामले में दिए गए अपने पहले के आदेश में आरोपियों को अधिवक्ता साथ में रखने की छूट दे दी है। लेकिन, वे अधिवक्ता सीबीआई की कार्रवाई में कोई दखल नहीं देंगे और सौ मीटर की दूरी बनाए रखेंगे। कोर्ट एक ही मामले में दो आदेश नहीं जारी कर सकती है।
Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि की हत्या के आरोपी संदीप तिवारी, आद्या प्रसाद तिवारी और योग गुरु आनंद गिरि। फाइल फोटो
- फोटो : प्रयागराज
आरोपियों ने किया था तीन दिन तक रिमांड पर भेजे जाने का अनुरोध
कोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग केजरिए जेल में बंद तीनों अभियुक्तों से जानकारी ली। बताया कि उन्हें सीबीआई रिमांड पर भेजा जा रहा है। इस पर आरोपियों ने तीन दिन तक रिमांड पर भेजे जाने की प्रार्थना की। लेकिन, कोर्ट ने उसे भी अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने आरोपियों को सात दिन की रिमांड की स्वीकृति देते हुए न्यायिक अभिरक्षा से सीबीआई अभिरक्षा में लेने एवं पुन: सीबीआई से न्यायिक अभिरक्षा में दिए जाते समय चिकित्सकीय परीक्षण एवं कोरोना की जांच केआदेश दिए। साथ ही यह भी कहा है कि आरोपी सीबीआई कस्टडी रिमांड पर रहने के दौरान अपने अधिवक्ता को अपने साथ रख सकते हैं। लेकिन अधिवक्ता सीबीआई से सौ मीटर की दूरी बनाए रखेंगे और सीबीआई की कार्यवाही को देखेंगे। इसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
आनंद गिरि से मिलने पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट की वकील
नैनी। जेल में बंद महंत नरेंद्र गिरि के हत्यारोपी आनंद गिरि से मिलने के लिए सुप्रीम कोर्ट की वकील पल्लवी जोशी पहुंचीं। न्यायालय के आदेश पर जेल प्रशासन ने आनंद गिरी से उनकी मुलाकात कराई। करीब एक घंटे तक उन्होंने आनंद गिरि से मुकदमे को लेकर चर्चा की।
कोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग केजरिए जेल में बंद तीनों अभियुक्तों से जानकारी ली। बताया कि उन्हें सीबीआई रिमांड पर भेजा जा रहा है। इस पर आरोपियों ने तीन दिन तक रिमांड पर भेजे जाने की प्रार्थना की। लेकिन, कोर्ट ने उसे भी अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने आरोपियों को सात दिन की रिमांड की स्वीकृति देते हुए न्यायिक अभिरक्षा से सीबीआई अभिरक्षा में लेने एवं पुन: सीबीआई से न्यायिक अभिरक्षा में दिए जाते समय चिकित्सकीय परीक्षण एवं कोरोना की जांच केआदेश दिए। साथ ही यह भी कहा है कि आरोपी सीबीआई कस्टडी रिमांड पर रहने के दौरान अपने अधिवक्ता को अपने साथ रख सकते हैं। लेकिन अधिवक्ता सीबीआई से सौ मीटर की दूरी बनाए रखेंगे और सीबीआई की कार्यवाही को देखेंगे। इसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
आनंद गिरि से मिलने पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट की वकील
नैनी। जेल में बंद महंत नरेंद्र गिरि के हत्यारोपी आनंद गिरि से मिलने के लिए सुप्रीम कोर्ट की वकील पल्लवी जोशी पहुंचीं। न्यायालय के आदेश पर जेल प्रशासन ने आनंद गिरी से उनकी मुलाकात कराई। करीब एक घंटे तक उन्होंने आनंद गिरि से मुकदमे को लेकर चर्चा की।