नरेंद्र गिरि की मौत का खुलेगा राज : महंत के दो अन्य करीबियों का भी लिया जाएगा वॉइस सैंपल
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की संदिग्ध दशा में मौत के मामले में उनके दो अन्य करीबियों की आवाज का नमूना भी सीबीआई ले सकती है। सीबीआई के हाथ लगे आडियो में दो और लोगों की आवाज होने का पता लगा है। संदेह के आधार पर उनके दो करीबियों के आवाज का नमूना लेकर उसकी जांच कराई जा सकती है।
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अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में नामजद तीन आरोपियों के अलावा दो अन्य लोगों का भी वॉइस सैंपल लिया जाएगा। नामजद आरोपियों के अलावा यह दोनों भी सीबीआई के रडार पर हैं और सीबीआई को जिन पांच लोगों के वॉइस सैंपल लेने की अनुमति कोर्ट से मिली है, उनमें इनका भी नाम शामिल है। सीबीआई जल्द ही इनका भी वॉइस सैंपल एकत्र करेगी।
नामजद आरोपियों के अलावा जिन दो लोगों का वॉइस सैंपल लिया जाना है, वह महंत के साथ-साथ आनंद गिरि के भी करीबी हैं। उनकी सीडीआर से पता चला है कि वह महंत के साथ-साथ आनंद गिरि के भी लगातार संपर्क में थे। आनंद गिरि के साथ उनकी बातचीत के भी कुछ ऑडियो क्लिप सीबीआई के हाथ लगे हैं। माना जा रहा है कि यह ऑडियो क्लिप महंत की मौत की गुत्थी सुलझाने में बेहद अहम सबूत साबित हो सकती हैं। यही वजह है कि ऑडियो में जिन भी लोगों के बीच बातचीत है, उन सभी के वॉइस सैंपल लेने की अनुमति सीबीआई ने कोर्ट से अनुमति ली है।
एक हफ्ते में 30 लोगों से पूछताछ
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने ऑडियो क्लिप हाथ लगने के बाद हाल ही में नए सिरे से मामले की जांच शुरू की। इसके बाद पिछले एक हफ्ते के भीतर महंत, मठ और आनंद गिरि से जुड़े करीब 30 लोगों से पूछताछ की। उनका बयान दर्ज किया और उन से महंत व आनंद गिरि से रिश्तों के बारे में भी जानकारी ली। इन लोगों में वह दो भी शामिल हैं जिनका वॉइस सैंपल लेने की अनुमति सीबीआई ने कोर्ट से ली है।
सीबीआई के पास डेढ़ महीने का है और वक्त
सूत्रों का कहना है कि मामले में किसी नतीजे तक पहुंचने के लिए सीबीआई के पास डेढ़ महीने का वक्त और है। दरअसल सात साल से ज्यादा की सजा वाले मामलों में जांच एजेंसी को 90 दिन के भीतर चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित करनी होती है। महंत की मौत को 44 दिन बीत चुके हैं। इस तरह 19 दिसंबर तक मामले की जांच पूरी हो जानी चाहिए।