फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Nanosheet transistor technology will change the world of AI, will increase capacity of electronic devices

Research : नैनोशीट ट्रांजिस्टर टेक्नोलॉजी से बदलेगी एआई की दुनिया, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बढ़ाएगी क्षमता

Thu, 30 Jan 2025 09:56 PM IST
विनोद सिंह अमित सरन, अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमित सरन, अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 30 Jan 2025 09:56 PM IST
सार

इस साल के अंत या अगले वर्ष की शुरुआत में दुनिया को एक नई नैनोशीट ट्रांजिस्टर टेक्नोलॉजी मिलने जा रही है, जिससे आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होने की उम्मीद है।

विज्ञापन
Nanosheet transistor technology will change the world of AI, will increase capacity of electronic devices
कमल रुद्र, वैज्ञानिक। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इस साल के अंत या अगले वर्ष की शुरुआत में दुनिया को एक नई नैनोशीट ट्रांजिस्टर टेक्नोलॉजी मिलने जा रही है, जिससे आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होने की उम्मीद है। मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी), प्रयागराज के पूर्व छात्र कमल रुद्र समेत दुनिया के तमाम वैज्ञानिक इस टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं।

विज्ञापन

कमल रुद्र के अब तक छह शोध यूएस पेटेंट ऑफिस में फाइल हो चुके हैं। वर्ष 2019 में एमएनएनआईटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक करने के बाद रुद्र एक शोध के सिलसिले में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बंगलुरू से जुड़े। इसके बाद यूएसए पहुंचे और दुनिया के शीर्ष 20 विश्वविद्यालयों में शामिल यूनिवर्सिटी ऑफ मिशीगन से मास्टर्स की डिग्री हासिल की।

विज्ञापन

रुद्र इन दिनों न्यूयॉर्क, यूएसए में इंटरनेशनल बिजनेस मशीन (आईबीएम) की रिसर्च शाखा में बतौर रिसर्च इंजीनियर काम कर रहे हैं। रुद्र बताते हैं कि वह दो नैनो मीटर की नैनोशीट ट्रांजिस्टर टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं, जिसका उपयोग सेमीकंडक्टर चिप में किया जाएगा। वह जिस स्तर पर शोध कर रहे हैं, वह मानव के एक बाल की मोटाई से तकरीबन एक लाख गुना पतला है।

विज्ञापन
विज्ञापन


इस टेक्नोलॉजी वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वर्ष 2025 के अंत या अगले साल की शुरुआत में बाजार में आने की उम्मीद है, जिससे एआई व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की क्षमता बढ़ेगी और प्रदर्शन व कम्युनिकेशन बेहतर होगा। एआई के साथ डाटा सेंटर, स्मार्टफोन, गेमिंग आदि के क्षेत्र में आम लोगों को इसका फायदा मिलेगा।

अभी फिनफेट टेक्नोलॉजी आधारित हैं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

रुद्र बताते हैं कि समय के साथ टेक्नोलॉजी में भी बदलाव होते रहे हैं। वर्तमान समय में एआई व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में फिनफेट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। दुनिया को जल्द ही नैनोशीट ट्रांजिस्टर टेक्नोलॉजी मिलने वाली है। आसान भाषा में समझें तो कंप्यूटर में सीपीयू होता है, जो कंप्यूटर के दिमाग की तरह काम करता है। इसमें मल्टीपल इलेक्ट्रॉनिक चिप होती हैं, जो ट्रांजिस्टर से बनती हैं। ट्रांजिस्टर की अलग-अलग टेक्नोलॉजी होती है। वर्तमान में फिनफेट टेक्नोलॉजी का चलन है और अगली टेक्नोलॉजी नैनोशीट होगी।

30 नोबल पुरस्कार विजेताओं के साथ कमल ने साझा किया मंच

हाल ही में कमल रुद्र को एक युवा वैज्ञानिक के रूप में भौतिकी के लिए 73वें लिंडौ नोबेल पुरस्कार विजेता बैठक में 30 से अधिक नोबेल पुरस्कार विजेताओं के साथ मंच साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया था, जिसमें 90 से अधिक देशों के सबसे होनहार और प्रभावशाली युवा वैज्ञानिक शामिल हुए। कमल को एसएमई (सोसायटी ऑफ मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियर्स) द्वारा 2024 में ‘30 अंडर 30‘ सूची में शामिल किया गया है। इस लिस्ट में विनिर्माण उद्योग को प्रभावित करने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त व्यक्तियों को ही शामिल किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed