प्रयागराज : युवती की गला रेतकर हत्या, डकैती का रूप देने का प्रयास, सास-देवर गिरफ्तार
सिंहपुर कला गांव के दिवंगत त्रिलोक नारायण सिंह के तीन बेटों में बड़ा बेटा दीपक सिंह अपने मझले भाई दीपेंद्र के साथ राजस्थान में एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करता है। दीपक की पत्नी आराधना गांव में ही रहती थी।
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मेजा थाना क्षेत्र के सिंहपुर कला गांव में शनिवार रात आराधना सिंह (23) की गला रेतकर नृशंस हत्या कर दी गई। पुलिस ने आराधना के देवर और उसकी सास को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने हत्या की बात कुबूल कर ली है। सास बहु में दहेज तथा घर के रुपयों को लेकर विवाद था। शनिवार की शाम भी सास-बहु में झगड़ा हुआ था। हत्या के बाद देवर ने पुलिस को फोन कर घर में डकैती की बात कही थी।
सिंहपुर कला गांव के दिवंगत त्रिलोक नारायण सिंह के तीन बेटों में बड़ा बेटा दीपक सिंह अपने मझले भाई दीपेंद्र के साथ राजस्थान में एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करता है। दीपक की पत्नी आराधना गांव में ही रहती थी। घर पर दीपक की मां आरती देवी और छोटा भाई नितिन भी रहते हैं। दीपक की शादी मई 2021 में हुई थी।
शनिवार रात में नितिन ने 112 नंबर को फोन कर बताया कि घर में डकैती हो गई है। डकैतों ने भाभी आराधना का गला रेतकर हत्या कर दी है। सूचना पर मेजा पुलिस मौके पर पहुंच गई। मायके वाले भी आ गए। उन्होंने आराधना की सास और देवर नितिन पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। पुलिस ने भी छानबीन की।
आराधना के घर वालों ने बताया कि आरती और नितिन दहेज के लिए परेशान करते थे। पुलिस ने आरती और नितिन को हिरासत में ले लिया। तब तक एसएसपी शैलेश पांडेय और एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित भी पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने आरती और नितिन से घंटों पूछताछ की।
एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित के मुताबिक दोनों ने जुर्म कुबूल कर लिया कि आराधना की हत्या उन्होंने की है। आराधना और उसकी सास में 5000 के लिए विवाद चल रहा था। शनिवार की शाम भी दोनों में जमकर झगड़ा हुआ था। रात में जब नितिन आया तो मां ने झगड़े की बात बताई तो वह आक्रोशित हो गया। दोनों ने मिलकर रात में आराधना की हत्या कर दी। आराधना की मां शीला सिंह निवासी मछहर करछना ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए सास और देवर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
घटना को डकैती का रूप देने के लिए बिखेरा सामान
आराधना की हत्या के आरोपी नितिन ने घटना को डकैती का रूप देने के लिए पूरा षड्यंत्र रचा था। आलमारी, बक्से और दराज खुले थे लेकिन पूरा घर धुला हुआ था। पूरे घर का सामान भी बिखेरा था। घर की धुलाई के बारे में पूछने पर आराधना की सास आरती देवी घबरा गई। फिर उसने सब सच सच बता दिया।