{"_id":"60eaff278ebc3ec30a398d8e","slug":"mps-rita-and-keshari-got-angry-on-the-working-style-of-aro-jasra","type":"story","status":"publish","title_hn":"एआरओ जसरा की कार्यशैली पर भड़कीं सांसद रीता और केशरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एआरओ जसरा की कार्यशैली पर भड़कीं सांसद रीता और केशरी
Sun, 11 Jul 2021 07:54 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 11 Jul 2021 07:54 PM IST
सार
- सहायक चुनाव अधिकारी पर प्रयागराज की दोनों सांसदों ने लगाया धांधली का आरोप
- सीएम से भी शिकायत करेंगी सांसद, कहा भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
विज्ञापन
रीता जोशी
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सांसद प्रयागराज डॉ. रीता बहुगुणा जोशी और सांसद फूलपुर केशरी देवी पटेल ने जसरा ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत प्रमुख के चुनाव में सहायक चुनाव अधिकारी (एआरओ) पर धांधली करने का आरोप लगाया है। दोनों ही सांसदों ने कहा कि एआरओ की धांधली की वजह से ही जसरा ब्लॉक में सपा प्रत्याशी को जीत मिली। एआरओ की कार्यशैली पर भड़की सांसदों ने कहा कि भाजपा प्रत्याशी द्वारा शाम तकरीबन चार बजे लगाई गई आपत्ति को निस्तारित किए बिना एआरओ ने परिणाम घोषित कर दिया। कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव मौर्य से इस मामले की शिकायत की जाएगी।
सांसदों ने कहा कि मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी ने मतपत्र के बीच से नोट निकलते देखे थे। इस दौरान वहां एक कर्मचारी द्वारा नोट छिपाने का भी प्रयास किया गया। भाजपा प्रत्याशी ने इसे लेकर आपत्ति जताई और इस तरह के कई मतपत्र को निरस्त करने की मांग की। इसके बाद पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार की शाम सांसद रीता बहुगुणा जोशी, विधायक अजय कुमार, दीपक पटेल आदि के नेतृत्व में डीएम से मिला। वहां भाजपा प्रत्याशी को आश्वस्त किया गया कि सीसीटीवी देखने के बाद ही निर्णय किया जाएगा। चार घंटे प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी कार्यालय में बैठा रहा और सीसीटीवी कैमरे की जांच किए जाने से पहले चुनाव परिणाम घोषित कर दिया गया।
सांसद रीता ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे में साफ-साफ मतपत्र के बीच से नोट निकलते दिखे और एक कर्मचारी उसे मेज के नीचे छिपाते दिखा है। उन मतों को एआरओ ने अवैध घोषित नहीं किया और सभी अवैध मत सपा प्रत्याशी के पक्ष में जोड़ दिए गए। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा नाराजगी जताने पर एआरओ ने प्रत्याशी द्वारा प्रेषित आपत्ति पत्र स्वीकार किया और यह कर यह अपना पल्ला झाड़ लिया कि इस मामले में डीएम ही निर्णय लेंगे। जबकि सीसीटीवी फुटेज में साफ-साफ मतपत्रों के बीच से रुपये गिरते नजर आए। डीएम ने भी नोट किया कि एक चुनाव कर्मचारी नोटों को मेज के नीचे छुपा रहा था। दोनों सांसदों ने कहा कि मामला गंभीर है। इस मामले में प्रत्याशी न्यायालय की शरण में जाएगा और मुख्यमंत्री को भी इस पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा। ताकि भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
सांसदों ने कहा कि मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी ने मतपत्र के बीच से नोट निकलते देखे थे। इस दौरान वहां एक कर्मचारी द्वारा नोट छिपाने का भी प्रयास किया गया। भाजपा प्रत्याशी ने इसे लेकर आपत्ति जताई और इस तरह के कई मतपत्र को निरस्त करने की मांग की। इसके बाद पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार की शाम सांसद रीता बहुगुणा जोशी, विधायक अजय कुमार, दीपक पटेल आदि के नेतृत्व में डीएम से मिला। वहां भाजपा प्रत्याशी को आश्वस्त किया गया कि सीसीटीवी देखने के बाद ही निर्णय किया जाएगा। चार घंटे प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी कार्यालय में बैठा रहा और सीसीटीवी कैमरे की जांच किए जाने से पहले चुनाव परिणाम घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन
सांसद रीता ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे में साफ-साफ मतपत्र के बीच से नोट निकलते दिखे और एक कर्मचारी उसे मेज के नीचे छिपाते दिखा है। उन मतों को एआरओ ने अवैध घोषित नहीं किया और सभी अवैध मत सपा प्रत्याशी के पक्ष में जोड़ दिए गए। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा नाराजगी जताने पर एआरओ ने प्रत्याशी द्वारा प्रेषित आपत्ति पत्र स्वीकार किया और यह कर यह अपना पल्ला झाड़ लिया कि इस मामले में डीएम ही निर्णय लेंगे। जबकि सीसीटीवी फुटेज में साफ-साफ मतपत्रों के बीच से रुपये गिरते नजर आए। डीएम ने भी नोट किया कि एक चुनाव कर्मचारी नोटों को मेज के नीचे छुपा रहा था। दोनों सांसदों ने कहा कि मामला गंभीर है। इस मामले में प्रत्याशी न्यायालय की शरण में जाएगा और मुख्यमंत्री को भी इस पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा। ताकि भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।
विज्ञापन