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इस बार डेंगू के मरीजों ने तोड़ा रिकार्ड, सहमे लोग
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मच्छर मार रहे डंक, डेंगू के रिकार्ड तोड़ मरीज
डेंगू मरीजों की संख्या ने अबकी तोड़ा रिकार्ड
पिछले साल से ज्यादा हुए चिह्नित, डरे बुखार पीड़ित, करा रहे जांच
स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की लापरवाही से मच्छरों पर अंकुश नहीं
प्रयागराज। महामारी का रूप ले चुके डेंगू ने इस बार पिछले रिकार्ड तोड़ दिए हैं। अबकी तीन महीने में 784 मरीज चिह्नित किए गए है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में डेंगू पीड़ितों की संख्या 757 थी। हर दिन डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव का असर नहीं दिख रहा है। साफ है राहत कार्य कागज पर चलाए जा रहे हैं। हालत यह है कि सीजनल बुखार से पीड़ित मरीज भी डेंगू की आशंका से सहमे हैं। वह डेंगू की जांच भी करा रहे हैं।
मच्छरों से निजात दिलाने के लिए फागिंग और छिड़काव के कार्य मेें स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की लापरवाही सामने आ रही है। मच्छरों की भरमार से जगजाहिर है कि संबंधित विभागों के कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। बारिश के बाद नगर निगम ने फागिंग और छिड़काव के लिए करीब 3.5 करोड़ के कीटनाशक की खरीद की। लगभग इसी अनुपात में स्वास्थ्य विभाग ने भी एंटी लार्वा छिड़काव के लिए रकम खर्च की या कर रहा है, लेकिन मच्छरों पर अंकुश नहीं है।
मरीजों की भरमार, वार्ड हैं फुल, संख्या बेहद कम
बृहस्पतिवार को मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 114 बुखार पीड़ित मरीजों के रक्त नमूने जांचे गए। इनमें 20 मरीजों को डेंगू पाजिटिव पाया गया। बीते तीन दिनों में यह संख्या कम आई है, लेकिन इससे पहले यह आंकड़ा 29 और 27 मरीज का था। पिछले वर्ष 20 नवंबर तक डेंगू मरीजों की संख्या 757 थी, जो इस बार बढ़कर 784 तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा सरकारी है, हकीकत कुछ और है। डेंगू के मरीज इस संख्या के दोगुने से भी अधिक हैं। आम लोग ही नहीं पुलिस अफसर, सिपाही और कई अधिकारी डेंगू से पीड़ित हो चुके हैं। सरकारी अस्पतालों के डेंगू वार्ड फुल हैं। मरीजों को दूसरे दिन ही अन्य वार्डों में शिफ्ट किया जा रहा है। वहीं निजी अस्पतालों में डेंगू पीड़ितों की भरमार है।
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0मान्य नहीं कार्ड टेस्ट, जांच के नाम पर लूट
केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग डेंगू जैसी बीमारी में कार्ड टेस्ट की रिपोर्ट नहीं मानता। जबकि निजी अस्पतालों में पीड़ितों की जांच कार्ड से की जा रही है। सौ से सवा सौ रुपये में होने वाली इस जांच के लिए एक हजार रुपये तक वसूले जाने के आरोप मरीजों ने लगाए हैं। सीएमओ ने नर्सिंग होम संचालकों, एएमए और नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक में जरूरी होने पर कार्ड टेस्ट 150 रुपये में करने का अनुरोध किया था, जिसे अमल में नहीं लाया जा रहा है। ऐसे में मरीजों की जेब ढीली हो रही है। वहीं स्वास्थ्य विभाग मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कराई गई एलाइजा जांच की रिपोर्ट को ही मानता है।
फागिंग, एंटीलार्वा छिड़काव कराने में नहीं है समन्वय
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के बीच फागिंग तथा एंटी लार्वा छिड़काव कराने में समन्वय नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक जिस क्षेत्र में छिड़काव हो, वहीं फागिंग कराई जाए तो मच्छरों पर अंकुश पाया जा सकता है। दोनों विभागों के अफसर शायद ही कभी इस मुद्दे में पर गंभीर हुए हों। शासन के कड़े निर्देशों के बावजूद राहत कार्य सुस्त हैं। नगर निगम के अफसर बताते हैं कि सभी वार्डों में शेड्यूल के मुताबिक फागिंग कराई जा रही है। जबकि स्वास्थ्य विभाग छिड़काव का ब्यौरा प्रसारित कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने एंटी लार्वा छिड़काव के लिए छह टीमें गठित की हैं। शहर को पांच जोन में बांटकर छिड़काव कराया जा रहा है। हर टीम का नेतृत्व डिप्टी सीएमओ स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। पांच सदस्यीय हर टीम में एक डाक्टर को भी शामिल किया गया है। साथ ही डेंगू पीड़ितों के सत्यापन और उपचार के लिए दो आरआरटी टीम काम कर रही हैं।
डॉ. एएन मिश्रा, प्रभारी जिला संक्रामक रोग नियंत्रण इकाई
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डेंगू मरीजों की संख्या ने अबकी तोड़ा रिकार्ड
पिछले साल से ज्यादा हुए चिह्नित, डरे बुखार पीड़ित, करा रहे जांच
स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की लापरवाही से मच्छरों पर अंकुश नहीं
प्रयागराज। महामारी का रूप ले चुके डेंगू ने इस बार पिछले रिकार्ड तोड़ दिए हैं। अबकी तीन महीने में 784 मरीज चिह्नित किए गए है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में डेंगू पीड़ितों की संख्या 757 थी। हर दिन डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव का असर नहीं दिख रहा है। साफ है राहत कार्य कागज पर चलाए जा रहे हैं। हालत यह है कि सीजनल बुखार से पीड़ित मरीज भी डेंगू की आशंका से सहमे हैं। वह डेंगू की जांच भी करा रहे हैं।
मच्छरों से निजात दिलाने के लिए फागिंग और छिड़काव के कार्य मेें स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की लापरवाही सामने आ रही है। मच्छरों की भरमार से जगजाहिर है कि संबंधित विभागों के कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। बारिश के बाद नगर निगम ने फागिंग और छिड़काव के लिए करीब 3.5 करोड़ के कीटनाशक की खरीद की। लगभग इसी अनुपात में स्वास्थ्य विभाग ने भी एंटी लार्वा छिड़काव के लिए रकम खर्च की या कर रहा है, लेकिन मच्छरों पर अंकुश नहीं है।
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मरीजों की भरमार, वार्ड हैं फुल, संख्या बेहद कम
बृहस्पतिवार को मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 114 बुखार पीड़ित मरीजों के रक्त नमूने जांचे गए। इनमें 20 मरीजों को डेंगू पाजिटिव पाया गया। बीते तीन दिनों में यह संख्या कम आई है, लेकिन इससे पहले यह आंकड़ा 29 और 27 मरीज का था। पिछले वर्ष 20 नवंबर तक डेंगू मरीजों की संख्या 757 थी, जो इस बार बढ़कर 784 तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा सरकारी है, हकीकत कुछ और है। डेंगू के मरीज इस संख्या के दोगुने से भी अधिक हैं। आम लोग ही नहीं पुलिस अफसर, सिपाही और कई अधिकारी डेंगू से पीड़ित हो चुके हैं। सरकारी अस्पतालों के डेंगू वार्ड फुल हैं। मरीजों को दूसरे दिन ही अन्य वार्डों में शिफ्ट किया जा रहा है। वहीं निजी अस्पतालों में डेंगू पीड़ितों की भरमार है।
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0मान्य नहीं कार्ड टेस्ट, जांच के नाम पर लूट
केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग डेंगू जैसी बीमारी में कार्ड टेस्ट की रिपोर्ट नहीं मानता। जबकि निजी अस्पतालों में पीड़ितों की जांच कार्ड से की जा रही है। सौ से सवा सौ रुपये में होने वाली इस जांच के लिए एक हजार रुपये तक वसूले जाने के आरोप मरीजों ने लगाए हैं। सीएमओ ने नर्सिंग होम संचालकों, एएमए और नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक में जरूरी होने पर कार्ड टेस्ट 150 रुपये में करने का अनुरोध किया था, जिसे अमल में नहीं लाया जा रहा है। ऐसे में मरीजों की जेब ढीली हो रही है। वहीं स्वास्थ्य विभाग मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कराई गई एलाइजा जांच की रिपोर्ट को ही मानता है।
फागिंग, एंटीलार्वा छिड़काव कराने में नहीं है समन्वय
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के बीच फागिंग तथा एंटी लार्वा छिड़काव कराने में समन्वय नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक जिस क्षेत्र में छिड़काव हो, वहीं फागिंग कराई जाए तो मच्छरों पर अंकुश पाया जा सकता है। दोनों विभागों के अफसर शायद ही कभी इस मुद्दे में पर गंभीर हुए हों। शासन के कड़े निर्देशों के बावजूद राहत कार्य सुस्त हैं। नगर निगम के अफसर बताते हैं कि सभी वार्डों में शेड्यूल के मुताबिक फागिंग कराई जा रही है। जबकि स्वास्थ्य विभाग छिड़काव का ब्यौरा प्रसारित कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने एंटी लार्वा छिड़काव के लिए छह टीमें गठित की हैं। शहर को पांच जोन में बांटकर छिड़काव कराया जा रहा है। हर टीम का नेतृत्व डिप्टी सीएमओ स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। पांच सदस्यीय हर टीम में एक डाक्टर को भी शामिल किया गया है। साथ ही डेंगू पीड़ितों के सत्यापन और उपचार के लिए दो आरआरटी टीम काम कर रही हैं।
डॉ. एएन मिश्रा, प्रभारी जिला संक्रामक रोग नियंत्रण इकाई