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खतरनाक खेलः तीन हजार से ज्यादा काेचिंग सेंटर, एनओसी सिर्फ 12 के पास, आग लगी तो होगी भयावह स्थिति

Sat, 17 Jun 2023 12:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 17 Jun 2023 12:41 PM IST
सार

अग्निशमन विभाग ने फायर स्टेशन ऑफीसर सिविल लाइंस और नैनी के नेतृत्व में दो टीमें बनाई हैं। ये टीमें शहर में संचालित करीब तीन हजार कोचिंग संस्थानों की जांच करेंगी। जानकार बताते हैं कि कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण डीआईओएस कार्यालय में होना जरूरी है।

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More than three thousand coaching centers, only 12 have NOC, there will be a terrible situation if there is a
कोचिंग सेंटर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

केस एक

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शाम के चार बजते ही आनंद अस्पताल चौराहे के पास स्थित एक कोचिंग से बड़ी संख्या में बच्चे बाहर निकल रहे हैं। कुछ बच्चे भीतर जा रहे हैं। आने-जाने के लिए सीढ़ियां हैं और गेट भी एक। दूसरा गेट भी है, लेकिन उस पर तालाबंदी है। मानकों के मुताबिक, प्रवेश व निकासी के रास्ते अलग-अलग होने चाहिए।

केस दो

वक्त हो चला है 4ः15 बजे का। विवि चौराहे से कर्नलगंज थाने की ओर वाले रास्ते पर स्थित कोचिंग संस्थान में कक्षाएं चल रही थीं। गार्ड ने पूछने पर बताया कि पहली मंजिल तक आने-जाने के लिए लिफ्ट व सीढ़ियां हैं। यहां प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग रास्ते नहीं दिखे। मानकों के अनुसार ऐसा करना आवश्यक है।

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शहर के कोचिंग संस्थानों में लाडलों की जान पर संकट का साया मंडरा रहा है। यहां तीन हजार से ज्यादा कोचिंग संस्थानों में से 90 फीसदी के पास आग से बचाव के इंतजाम ही नहीं हैं। सिर्फ 12 कोचिंग संस्थानों को ही अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल है। ऐसे में दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान में आग जैसी घटना यहां हो गई तो नतीजे ज्यादा भयावह होंगे। अग्निशमन विभाग ने 10 संस्थानों को नोटिस देते हुए हफ्तेभर का चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

अग्निशमन विभाग ने फायर स्टेशन ऑफीसर सिविल लाइंस और नैनी के नेतृत्व में दो टीमें बनाई हैं। ये टीमें शहर में संचालित करीब तीन हजार कोचिंग संस्थानों की जांच करेंगी। जानकार बताते हैं कि कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण डीआईओएस कार्यालय में होना जरूरी है। हैरानी वाली बात है कि महज 1100 का ही पंजीकरण है। करीब 1900 संस्थान अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। कुल पंजीकृत में से सिर्फ 12 संस्थानों को ही अग्निशमन विभाग से एनओसी प्राप्त है। यानी, सिर्फ एक फीसदी में ही सुरक्षा के मानक पूरे हैं।

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जिम्मेदार नहीं कर रहे कार्रवाई

कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण के लिए अग्निशमन विभाग से एनओसी जरूरी है, लेकिन संचालक इस नियम को ताक पर रखते हैं। अग्निशमन विभाग भी आंख मूंदे हुए है। दुर्घटना की स्थिति में नोटिस दिए जाते हैं। फिर सब बेफिक्र। यह स्थिति तब है, जबकि अधिकांश कोचिंग संस्थान सिविल लाइंस, कर्नलगंज व जार्जटाउन में यानी बीच शहर में हैं।

हमारे विभाग से 12 कोचिंग संस्थानों ने ही एनओसी ली है। एफएसओ सिविल लाइंस व नैनी के नेतृत्व में दो टीमें बनाई गई हैं। टीमें एक सप्ताह में कोचिंग संस्थानों की जांच करके अग्निसुरक्षा संबंधी इंतजाम सुनिश्चित कराएंगी। 10 कोचिंग सेंटराें को नोटिस भी जारी किया गया है। डीआईओएस को भी सूचित किया गया है। - डाॅ. राजीव पांडेय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी

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