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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   More than 10 eunuchs were crowned in the Kinnar Akhara, Mahamandaleshwar is selected on the basis of sadhana

Prayagraj : किन्नर अखाड़े में 10 से अधिक किन्नरों की हु ताजपोशी, साधना की कसौटी पर चुने जाते हैं महामंडलेश्वर

Fri, 16 Jan 2026 12:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 16 Jan 2026 12:16 PM IST
सार

माघ मेले में किन्नर अखाड़ा अपने विस्तार की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। शुक्रवार की दोपहर 12 बजे से ओल्ड जीटी रोड स्थित मेला क्षेत्र में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर 10 से 12 किन्नरों को महामंडलेश्वर, श्री महंत और महंत की उपाधि प्रदान की गई।

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More than 10 eunuchs were crowned in the Kinnar Akhara, Mahamandaleshwar is selected on the basis of sadhana
डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, आचार्य महामंडलेश्वर किन्नर अखाड़ा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

माघ मेले में किन्नर अखाड़ा अपने विस्तार की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। शुक्रवार की दोपहर 12 बजे से ओल्ड जीटी रोड स्थित मेला क्षेत्र में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर 10 से 12 किन्नरों को महामंडलेश्वर, श्री महंत और महंत की उपाधि प्रदान की गई।

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किन्नर अखाड़े में महामंडलेश्वर बनाए जाने के लिए केवल पद नहीं, बल्कि साधना, सनातन धर्म के प्रचार और समाजसेवा को प्रमुख आधार माना जाता है। अखाड़े से जुड़े संतों के अनुसार वही किन्नर इस पद के योग्य माने जाते हैं, जो लंबे समय से सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार, धार्मिक अनुष्ठानों और सामाजिक सरोकारों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हों।

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किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने बताया कि 16 जनवरी को अखाड़े के विस्तार के तहत विभिन्न प्रदेशों से आए योग्य किन्नरों की ताजपोशी की गई। उन्होंने कहा कि अखाड़ा बनने के बाद किन्नर समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास तेज हुआ है। आज अधिकांश किन्नरों के पास पहचान पत्र और आधार कार्ड हैं, ताकि वे समाज में सम्मान के साथ जीवन जी सकें।

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किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कल्याणीनंद गिरी ने कहा कि धर्म, मर्यादा और सेवा भाव के साथ समाज को दिशा देने वाले किन्नरों को ही सर्वोच्च पद प्रदान किया जाता है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान के लिए देश के कोने-कोने से किन्नरों का आगमन जारी है। मध्य प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उड़ीसा, पंजाब और तमिलनाडु सहित विभिन्न राज्यों से अब तक सैकड़ों किन्नर मेला क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, इस बार कुछ चर्चित हस्तियां भी महामंडलेश्वर की उपाधि से नवाजी गई हैं।

आचार्य महामंडलेश्वर का हुआ स्वागत

प्रयागराज। किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डाॅ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी बृहस्पतिवार को मुंबई से फ्लाइट के माध्यम से बमरौली एयरपोर्ट पहुंचीं। जहां बड़ी संख्या में शिष्यों ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर महंत दुर्गादास महराज, उप्र किन्नर कल्याण बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य महामंडलेश्वर स्वामी कन्केश्वरी नंद गिरि (किरन बाबा), महामंडलेश्वर स्वामी कल्याणीनंद गिरि (छोटी मां), महामंडलेश्वर स्वामी पूजा नंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी गिरिनारी नंद गिरि, महामंडलेश्वर स्वामी भाविकानंद गिरि, श्री महंत सरस्वती नंद गिरि आदि मौजूद रहे।

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