मनी लांड्रिंग केस : बेटे-भाई के बाद मुख्तार की पत्नी से पूछताछ की तैयारी, विकास कांस्ट्रक्शन में हैं पार्टनर
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बेटे अब्बास अंसारी व भाई सरजील रजा उर्फ आतिफ से पूछताछ के बाद अब ईडी मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शा अंसारी से भी पूछताछ कर सकती है। वह विकास कांस्ट्रक्शन के पांच पार्टनरों में से एक है।
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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बेटे अब्बास अंसारी व भाई सरजील रजा उर्फ आतिफ से पूछताछ के बाद अब ईडी मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शा अंसारी से भी पूछताछ कर सकती है। वह विकास कांस्ट्रक्शन के पांच पार्टनरों में से एक है। ऐसे में सम्मन जारी कर पूछताछ के लिए जल्द ही बुलाया जा सकता है।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच पड़ताल में जुटी ईडी अब्बास व सरजील को कस्टडी रिमांड में लेकर पूछताछ में जुटी है। जांच में सहयोग न करने के कारण ही अब्बास को जबकि अपराध से अर्जित ब्लैकमनी को व्हाइट में तब्दील करने के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर ही सरजील को गिरफ्तार किया था।
अब तक की जांच में फिलहाल यह बात साफ है कि मुख्तार व उसके करीबियों ने अपराध से अर्जित रकम को विकास कांस्ट्रक्शन के जरिए व्हाइट मनी में बदला। यानी कंपनी के नाम पर ही यह खेल खेला गया। गुंडई के बल पर ही सरकारी जमीन पर कब्जा कर मऊ व गाजीपुर में अवैध गोदाम बनाकर एफसीआई को किराये पर दे दिया गया।
किराये से प्राप्त करीब 15 करोड़ रुपये से कंपनी व अफ्शा अंसारी के नाम पर संपत्ति खरीदी गई। गाजीपुर के फतेहउल्लापुर स्थित बेशकीमती चार हेक्टेयर जमीन भी इन्हीं में शामिल है। जो अफ्शा अंसारी के नाम पर है। वह विकास कांस्ट्रक्शन की पार्टनर हैं, ऐसे में मामले की तह तक जाने के लिए ईडी उनसे भी पूछताछ कर सकती है।
कहा जा रहा है कि जल्द ही ईडी की टीम पूछताछ के लिए अफ्शा को भी बुला सकती है। इसके तहत उनके खिलाफ भी समन जारी किया जा सकता है। गौरतलब है कि कंपनी के अन्य पार्टनरों से पूछताछ हो चुकी है। इनमें मुख्तार के दोनों सालों के अलावा दो अन्य लोग भी शामिल हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए जालौन में भी बनाई संपत्ति
गौरतलब है कि ईडी को सबूत मिले हैं कि मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए मुख्तार व उसके करीबियों ने जालौन में भी संपत्ति बनाई। वहां सभी छह संपत्तियां विकास कांस्ट्रक्शन के नाम पर खरीदी गईं। इस फर्म में करीब 80 फीसदी हिस्सेदारी मुख्तार के परिवार के पास है, ऐेेसे में साफ है कि विकास कांस्ट्रक्शन के नाम पर पर्देे के पीछे से मुख्तार ने अपने परिजनों के नाम पर यह संपत्ति बनाई। ईडी ने पिछले महीने ही जालौन स्थित छह व गाजीपुर स्थित एक संपत्ति को अस्थायी तौर पर अटैच किया था।
राजस्व कर्मियों से हो सकती है पूछताछ
जानकारों का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में जुटी ईडी जालौन व गाजीपुर के राजस्वकर्मियों से भी पूछताछ कर सकती है। दरअसल यह सातों संपत्तियां सर्किल रेट से कम मूल्य पर खरीदी गईं और इस तरह सरकार को राजस्व का भी नुकसान पहुंचाया गया। दरअसल इन संपत्तियों का रजिस्ट्री मूल्य 1.48 करोड़ रुपये था। जबकि बैनामे के समय सर्किल रेट के आधार पर उनका कुल मूल्य 3.42 करोड़ था। यह खेल कैसे हुआ, इसकी पूछताछ के लिए तत्कालीन राजस्वकर्मियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
अब्बास-सरजील से पूछताछ जारी
उधर कस्टडी रिमांड में लिए अब्बास अंसारी व सरजील रजा उर्फ आतिफ से पूछताछ शनिवार को भी जारी रही। ईडी ने दोनों से कई चरणों में सवाल पूछे। गौरतलब है कि ईडी की दो टीमें लगातार उनसे पूछताछ में जुटी हैं। एक दिन पहले ही अब्बास की कस्टडी रिमांड अवधि बढ़ाई गई थी। जबकि सरजीज की कस्टडी रिमांड अवधि 15 नवंबर को दोपहर दो बजे तक है।