Prayagraj : मम्मी-पापा माफ करना, मैं आपके लिए कुछ नहीं कर पाई...लिख फंदे पर झूली बीटेक छात्रा
सुरेश प्रजापति प्राइवेट नाैकरी करते हैं। साक्षी (20) उनकी पांच बेटियों में सबसे बड़ी थी। उनकी एक और बेटी भी सीएमपी डिग्री कॉलेज के पास किराये का कमरा लेकर रहती है। पिछले कुछ दिनों से साक्षी की तबीयत खराब थी।
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मम्मी-पापा माफ करना, मैं आपके लिए कुछ नहीं कर पाई...सुसाइड नोट लिखकर आईईआरटी से बीटेक कर रही द्वितीय वर्ष की छात्रा ने फंदे से लटकर जान दे दी। मेजा के गौरा पौसिया निवासी छात्रा सलोरी के ओम गायत्री नगर में किराये का कमरा लेकर रह रही थी। फोन नहीं उठाने पर छोटी बहन आई तो कमरे के अंदर वह दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव फंदे से नीचे उतरवाया।
सुरेश प्रजापति प्राइवेट नाैकरी करते हैं। साक्षी (20) उनकी पांच बेटियों में सबसे बड़ी थी। उनकी एक और बेटी भी सीएमपी डिग्री कॉलेज के पास किराये का कमरा लेकर रहती है। पिछले कुछ दिनों से साक्षी की तबीयत खराब थी। इसकी वजह से देखभाल के लिए दूसरी बेटी उसके पास रह रही थी। दो दिन पहले छोटी बेटी अपनी एक दोस्त को परीक्षा दिलाने के लिए चली गई थी। लौटने के बाद वह अपने रूम पर चली गई।
वहीं, मंगलवार सुबह उसने साक्षी को कई बार फोन किया लेकिन,उठा नहीं। इस पर वह सलोरी स्थित उसके रूम पर पहुंची तो देखा कि दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने पर जब कोई जवाब नहीं मिला तो वह खिड़की से कमरे में झांककर देखी तो साक्षी पंखे के सहारे फंदे से लटकी थी। यह देख वह चीखने-चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर वहां रह रहे अन्य छात्र-छात्राओं की भीड़ जुटी गई। सूचना पर फॉरेंसिक टीम संग पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से नीचे उतारा।
हर रोज मां से फोन पर करती थी बात
सुरेश ने बताया कि साक्षी ने इंटर तक की पढ़ाई गांव से ही की थी। उसके बाद दो साल पहले बीटेक करने के लिए वहां पर गई थी। रोज फोन पर मां से बात करती थी। एक दिन पहले भी मां से फोन पर बात हुई थी। तब सबकुछ ठीक था। साक्षी ने आत्महत्या क्यों कि इस बात को उनके घर वाले भी नहीं बता पाए। वहीं, कर्नलगंज इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि छात्रा के कमरे से सुसाइड नोट मिला है।