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करछना में नहीं चला मोदी मैजिक

Sun, 12 Mar 2017 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 12 Mar 2017 02:14 AM IST
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Modi magic did not work in karachna
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
यमुनापार की चर्चित करछना विधानसभा सीट पर मोदी मैजिक फेल रहा। लगातार दो चुनावों में पराजय झेलने के बाद आखिरकार इस सीट से समाजवादी पार्टी के उज्जवल रमण सिंह चुनाव जीतने में सफल रहे। उन्होंने कुल 80806 मत हासिल हुए जबकि भाजपा के पीयूष रंजन निषाद को 65782 मत मिले। पीयूष 14808 मतों से हार मिली। इससे पूर्व में उज्जवल 2005 में हुए विधानसभा उप चुनाव में पहली बार विधायक बने। इसके बाद 2007 एवं 2012 में उन्हें बसपा के कलेक्टर पांडेय एवं दीपक पटेल ने हराया। इस चुनाव में बसपा से विधायक रहे दीपक पटेल 40998 मत तीसरे स्थान पर चले गए।
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करछना विधानसभा से उज्जवल रमण के पिता रेवती रमण सिंह सात बार विधायक एवं इलाहाबाद से दो बार सांसद रहे। 2005 में उनके सांसद चुने जाने के बाद रेवती ने अपने पुत्र को इस विधानसभा सीट से मैदान में उतारा। वह बसपा के कलेक्टर पांडेय को पराजित कर पहली बार विधायक बने। इसके बाद हुए चुनाव में उज्जवल रमण लगातार मात खाते रहे। 2012 के चुनाव में दीपक पटेल को 68341 मत मिले थे जबकि उज्जवल को 67937 मत मिले। वह मामूली अंतर से हार गए थे। 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की अनामिका चौधरी को जहां 8149 मत मिले थे, वहीं 2017 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को पीयूष रंजन को 65782 मत मिले।
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अबकी चुनाव में जब सपा पूरे प्रदेश में साफ हो गई तो उज्जवल रमण सिंह ने जीत हासिल कर चौंका दिया। 2012 के चुनाव में जब इलाहाबाद जिले में सपा ने आठ सीटें जीतीं तो प्रदेश मंत्रिमंडल में बड़े पद के दावेदार उज्जवल रमण चुनाव हार गए। इसके बाद भी उनके पिता के प्रभाव से उन्हें प्रदेश सरकार ने मंत्री का दर्जा देकर लालबत्ती मुहैया कराई। वहीं जिले से आठ विधायक चुने जाने के बाद कोई मंत्री नहीं बन सका।
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करछना विधानसभा में आंकड़े के लिहाज से पटेल मतदाता सबसे अधिक 80 हजार हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में दीपक पटेल ने अपनी बिरादरी और ब्राह्मण मतदाताओं को साधकर सफलता पाई थी। अबकी चुनाव में उज्जवल रमण ने सारे जातीय गणित को फेल करते हुए दीपक पटेल को तीसरे स्थान पर धकेल दिया। पटेलों के बाद 40 हजार पिछड़ी जाति के मतदाता है, इसमें यादव सबसे अधिक हैं। 20 हजार भूमिहार, 40 हजार मुस्लिम एवं इतने ही ब्राह्मण तथा 40 हजार अन्य जातियों के मतदाता हैं। यही मतदाता कुंवर साहब के तारणहार बने।

विधायक की प्रोफाइल
0 करछना से विधायक चुने गए उज्जवल रमण सिंह को विधायकी विरासत में मिली। दिल्ली विश्वविद्यालय से विधि स्नातक उज्जवल रमण की छवि आम जनता में सीधे एवं सर्व सुलभ नेता की है। उनके पिता रेवती रमण करछना के बरांव राजघराने से हैं। राज घराने से जुड़े होने के बाद भी कुंवर रेवती रमण लोगों के बीच ‘मणि जी’ के नाम से लोकप्रिय हैं।

प्रत्याशियों को मिले मत
0 उज्जवल रमण सिंह- सपा-  80806
0 पीयूष रंजन निषाद- भाजपा- 65782
0 दीपक पटेल-  बसपा-     -40998
0 नोटा-      -           --   2308  
0 राजेंद्र सिंह-   आरएलडी-     1170
अन्य प्रत्याशियों को मिले मत
0 भारतीय किसान सेना लोकतांत्रिक की कंचन देवी को 292, आरपीआई के जय प्रकाश मिश्र को 304, बहुजन मुक्ति पार्टी के राजेश 786, निर्दल अजय कुमार 228, अजीत कुमार 547, प्रमोद सिंह 729, बबिता सिंह 1522, मनोज कुमार सिंह 357, विमल कुमार 716, सुजीत 1094, सुवेंदर 1095 मत मिले।


मतदाताओं की जीत : उज्जवल
0 करछना से चुनाव जीतने वाले उज्जवल रमण सिंह ने कहा कि उनकी जीत करछना के मतदाताओं की जीत है। उन्होंने कहा कि वह करछना के लोगों की समस्याओं के लिए संघर्ष करते रहेंगे। विकास की हर योजना को क्षेत्र में लागू कराना उनकी प्राथमिकता होगी।
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