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शहर में बच्चों के उपचार को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
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Modern facilities will be provided for the treatment of children in the city
- फोटो : CITY DESK
प्रयागराज। सिर्फ एक साल और, इसके बाद बच्चों के बेहतर इलाज के साथ अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी। रविवार को एमएलएन मेडिकल कॉलेज के एसआरएन परिसर में बहुप्रतीक्षित सुपर स्पेशियलिटी बाल अस्पताल की नींव रखी गई। छह मंजिल वाले इस अस्पताल में 300 बेड होंगे। जिसमें सामान्य के साथ 15 पीआईसीयू और 20 एनआईसीयू में बच्चों का इलाज कराने की सुविधा होगी। अस्पताल में सभी तरह की जांच भी मुफ्त होंगी।
जिले में अभी तक मात्र सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय( चिल्ड्रेेन अस्पताल) ही है। यहां भर्ती बच्चों के तीमारदारों को जांच के लिए एसआरएन तक की दौड़ लगानी पड़ती है। करीब छह वर्ष पहले के प्रस्ताव को शासन की मंजूरी मिलते ही पीजी हॉस्टल के सामने इसके लिए भूमि चिह्नित की गई। रविवार को यहां काम भी शुरू कर दिया गया। योजना डेढ़ वर्ष की है, लेकिन इस अस्पताल भवन निर्माण को एक साल में पूरा करने का दावा कार्यदायी संस्था यूपी सिडको के अधिकारी कर रहे हैं। लखनऊ की आर क्यूब इंफ्राटेक कंपनी को गुणवत्ता सलाहकार योजनाकार के रूप में नामित किया गया है।
खास-खास
0 नए छह मंजिला बाल चिकित्सालय को 12 महीने में पूरा किया जाएगा।
0 इस पर 24.91 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
0 संपूर्ण भवन केंद्रीयकृत वातानुकूलित होगा।
0 हर समय ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए (एचबीओटी थेरेपी) का इस्तेमाल।
0 चैंबर खाली होने पर भी मरीजों को ऑक्सीजन मिलती रहेगी।
0 ओपीडी में भी ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी।
0 पूरा अस्पताल ईको फ्रेंडली होगा। पाइपलाइन से हर बेड तक ऑक्सीजन की सप्लाई होगी।
0 माड्यूलर ओटी के साथ अन्य सुविधाएं अत्याधुनिक होंगी।
0 साफ सफाई वाले आधुनिक रसोईघर, लांड्री और पॉर्किंग की सुविधा मिलेगी।
0 अस्पताल के मेडिकल, सर्जिकल वार्डों में आधुनिक उपकरण दीवारों पर होंगे।
प्राचार्य ने किया भूमि पूजन
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने रविवार को नए चिल्ड्रेन अस्पताल के भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। उन्होंने बताया कि अब एक ही परिसर में बड़ों के साथ बच्चों के उपचार की भी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इस मौके पर बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. मुकेश बीर सिंह, डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ. अनुभा श्रीवास्तव, डॉ. पीसी मिश्रा, डॉ. मनीषा, डॉ.एनएस मिश्रा, एसके निगम, महेश चंद्र श्रीवास्तव, एचएल यादव आदि मौजूद रहे।
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जिले में अभी तक मात्र सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय( चिल्ड्रेेन अस्पताल) ही है। यहां भर्ती बच्चों के तीमारदारों को जांच के लिए एसआरएन तक की दौड़ लगानी पड़ती है। करीब छह वर्ष पहले के प्रस्ताव को शासन की मंजूरी मिलते ही पीजी हॉस्टल के सामने इसके लिए भूमि चिह्नित की गई। रविवार को यहां काम भी शुरू कर दिया गया। योजना डेढ़ वर्ष की है, लेकिन इस अस्पताल भवन निर्माण को एक साल में पूरा करने का दावा कार्यदायी संस्था यूपी सिडको के अधिकारी कर रहे हैं। लखनऊ की आर क्यूब इंफ्राटेक कंपनी को गुणवत्ता सलाहकार योजनाकार के रूप में नामित किया गया है।
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खास-खास
0 नए छह मंजिला बाल चिकित्सालय को 12 महीने में पूरा किया जाएगा।
0 इस पर 24.91 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
0 संपूर्ण भवन केंद्रीयकृत वातानुकूलित होगा।
0 हर समय ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए (एचबीओटी थेरेपी) का इस्तेमाल।
0 चैंबर खाली होने पर भी मरीजों को ऑक्सीजन मिलती रहेगी।
0 ओपीडी में भी ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी।
0 पूरा अस्पताल ईको फ्रेंडली होगा। पाइपलाइन से हर बेड तक ऑक्सीजन की सप्लाई होगी।
0 माड्यूलर ओटी के साथ अन्य सुविधाएं अत्याधुनिक होंगी।
0 साफ सफाई वाले आधुनिक रसोईघर, लांड्री और पॉर्किंग की सुविधा मिलेगी।
0 अस्पताल के मेडिकल, सर्जिकल वार्डों में आधुनिक उपकरण दीवारों पर होंगे।
प्राचार्य ने किया भूमि पूजन
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने रविवार को नए चिल्ड्रेन अस्पताल के भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। उन्होंने बताया कि अब एक ही परिसर में बड़ों के साथ बच्चों के उपचार की भी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इस मौके पर बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. मुकेश बीर सिंह, डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ. अनुभा श्रीवास्तव, डॉ. पीसी मिश्रा, डॉ. मनीषा, डॉ.एनएस मिश्रा, एसके निगम, महेश चंद्र श्रीवास्तव, एचएल यादव आदि मौजूद रहे।

Modern facilities will be provided for the treatment of children in the city- फोटो : CITY DESK
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