महाधिवक्ता कार्यालय : एमएनएनआईटी की टीम ने दी रिपोर्ट, मरम्मत के बिना तीन तल काम करने लायक नहीं
महाधिवक्ता कार्यालय में पिछले साल आग लगने की वजह से छठे तल से लेकर नौवें तल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए ऐ। भवन के खंभे (जिस पर दीवार टिकी है), पिलर, दीवार जगह-जगह क्षतिग्रस्त (क्रैक) हो गई।
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महाधिवक्ता कार्यालय के तीन तल फिलहाल बिना मरम्मत के काम करने लायक नहीं है। मरम्मत के बाद ही छह से नौ तलों पर काम किया जा सकता है। लोक निर्माण विभाग ने तीनों तलों के साथ अन्य तलों को हुए नुकसान की मरम्मत के लिए शासन को चार करोड़, 88 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा है। बजट आने के बाद तीनों तलों की मरम्मत कराई जाएगी। फिलहाल लोक निर्माण विभाग ने छठे तल की मरम्मत कराई है और इसके बाद उस पर कामकाज शुरू हो गया है, लेकिन सातवें से नौवें तल सुरक्षा को देखते हुए अभी पूरी तरह से प्रतिबंधित रखे गए हैं।
महाधिवक्ता कार्यालय में पिछले साल आग लगने की वजह से छठे तल से लेकर नौवें तल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए ऐ। भवन के खंभे (जिस पर दीवार टिकी है), पिलर, दीवार जगह-जगह क्षतिग्रस्त (क्रैक) हो गई। आग लगने से तकरीबन तीन लाख फाइलें जल गईं थीं। इसके अलावा इन तलों के खिड़की, दरवाजे, वहां रखे इलेक्ट्रानिक सामान, आलमारियां, बिजली यंत्र, केबल आदि सब खराब हो गए थे।
शासन ने सुरक्षा के मद्देनजर जले हुए तलों पर कामकाज पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था। शासन ने जले हुए तलों की स्थिति (काम करने लायक) को जानने के लिए मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) को जांच कराने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके लिए एमएनएनआईटी को 85 लाख रुपये का बजट भी आवंटित किया था। जांच के बाद एमएनएनआईटी की टीम ने सातवें से नौवें तल तक को बिना मरम्मत के काम करने लायक नहीं बताया है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके श्रीवास्तव ने बताया कि एमएनएनआईटी की रिपोर्ट आने के बाद भवन के पिलर और खंभों की मरम्मत के लिए बीएचयू आईटी के विशेषज्ञों से संपर्क किया गया। क्योंकि, पिलर और मरम्मत का कार्य बहुत ही विशेष है। विशेष तकनीकी टीम ही इसकी मरम्मत कर सकती है। आईटी बीएचयू टीम ने भवन का निरीक्षण भी कर लिया है। बीएचयू टीम की रिपोर्ट आने के बाद शासन को महाधिवक्ता भवन के तीन तलों (सातवें से नौवें) की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। अब वहां से अनुमति मिलने के बाद आगे का काम किया जाएगा।
अधिशासी अभियंता ने यह भी बताया कि छठे तल की मरम्मत 55 लाख रुपये के बजट (पहले से आवंटित दो करोड़, 18 लाख रुपये पहले से आवंटित बजट से) से करा दी गई है। वहां कामकाज शुरू कर दिया गया है। केवल तीन तल पर काम कराना है।