विधायक का आरोप : एमएनएनआईटी में मनमाफिक विशेषज्ञों से क्वालिटी मैटेरियल की जांच कराने का चल रहा खेल
देश के गिनती के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में शुमार एमएनएनआईटी में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और मैटेरियल के नमूनों की जांच कार्यदायी संस्थाएं मनमाफिक विशेषज्ञों से करा रही हैं।
विस्तार
एमएनएनआईटी की मैटेरियल क्वालिटी की जांच पर सवाल उठने लगे हैं। वजह है कार्यदायी संस्थाओं की ओर से इस इंजीनियरिंग कॉलेज में मन पसंद विशेषज्ञों से नमूनों की जांच करवा लेना। कहा जा रहा है कि जिस कार्यदायी संस्था को जो विशेषज्ञ पसंद होता है, उसे जांच के लिए नामित करने को निदेशक को पत्र भेजा जाता है। एमएनएनआईटी के निदेशक भी उसी को क्वालिटी की जांच का जिम्मा सौंप रहे हैं। ऐसे में एमएनएनआईटी की क्ववालिटी जांच का अंदाजा लगाया जा सकता है।
देश के गिनती के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में शुमार एमएनएनआईटी में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और मैटेरियल के नमूनों की जांच कार्यदायी संस्थाएं मनमाफिक विशेषज्ञों से करा रही हैं। जलनिगम की कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस की ओर से प्रतापगढ़ में निर्माणाधीन राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज शिवसत में इस्तेमाल की जा रही सामग्री के नमूनों की जांच पर रानीगंज के विधायक आरके वर्मा ने सवाल उठाए हैं।
विधायक ने डीएम प्रतापगढ़ नितिन बंसल को पत्र भेजकर कार्यदायी संस्था की ओर से एमएनएनआईटी को नमूनों की जांच के लिए प्रो. आरपी तिवारी को नामित किए जाने पर आपत्ति जताई है। मजे की बात यह है कि सीएंडडीएस के अनुरोध पत्र पर एमएनएनआईटी के निदेशक ने भी आरपी तिवारी को ही नामित कर दिया है।
इस पर विधायक का दावा है कि प्रो. तिवारी न तो लैब इंचार्ज हैं और ना ही मैटेरियल टेस्टिंग में उनकी दक्षता है। यदि नामित ही करना था तो लैब इंचार्ज को जिम्मा दिया जाना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ को सीएंडडीएस इस जांच को प्रभावित कर सकती है। इस मामले में एमएनएनआईटी के निदेशक प्रो आरएस वर्मा का कहना है कि दोबारा अनुरोध पत्र आया तो वह दूसरे प्रोफेसर को नमूनों की जांच सौंप देंगे।
कार्यदायी संस्थाओं की ओर से जिस प्रोफेसर का नाम प्रस्तावित किया जाता है, उसे नामित कर दिया जाता है। इस मामले में क्या हुआ मैं नहीं जानता। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। - प्रो. आरएस वर्मा, निदेशक-एमएनएनआईटी।