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विधायक का आरोप : एमएनएनआईटी में मनमाफिक विशेषज्ञों से क्वालिटी मैटेरियल की जांच कराने का चल रहा खेल

Sun, 03 Jul 2022 11:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 03 Jul 2022 11:19 PM IST
सार

देश के गिनती के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में शुमार एमएनएनआईटी में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और मैटेरियल के नमूनों की जांच कार्यदायी संस्थाएं मनमाफिक विशेषज्ञों से करा रही हैं।

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MLA RK Verma allegation: In MNNIT the game of getting quality material checked by the desired experts is going on
mnnit prayagraj - फोटो : prayagraj

विस्तार

एमएनएनआईटी की मैटेरियल क्वालिटी की जांच पर सवाल उठने लगे हैं। वजह है कार्यदायी संस्थाओं की ओर से इस इंजीनियरिंग कॉलेज में मन पसंद विशेषज्ञों से नमूनों की जांच करवा लेना। कहा जा रहा है कि जिस कार्यदायी संस्था को जो विशेषज्ञ पसंद होता है, उसे जांच के लिए नामित करने को निदेशक को पत्र भेजा जाता है। एमएनएनआईटी के निदेशक भी उसी को क्वालिटी की जांच का जिम्मा सौंप रहे हैं। ऐसे में एमएनएनआईटी की क्ववालिटी जांच का अंदाजा लगाया जा सकता है। 

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देश के गिनती के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में शुमार एमएनएनआईटी में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और मैटेरियल के नमूनों की जांच कार्यदायी संस्थाएं मनमाफिक विशेषज्ञों से करा रही हैं। जलनिगम की कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस की ओर से प्रतापगढ़ में निर्माणाधीन राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज शिवसत में इस्तेमाल की जा रही सामग्री के नमूनों की जांच पर रानीगंज के विधायक आरके वर्मा ने सवाल उठाए हैं।

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विधायक ने डीएम प्रतापगढ़ नितिन बंसल को पत्र भेजकर कार्यदायी संस्था की ओर से एमएनएनआईटी को नमूनों की जांच के लिए प्रो. आरपी तिवारी को नामित किए जाने पर आपत्ति जताई है। मजे की बात यह है कि सीएंडडीएस के अनुरोध पत्र पर एमएनएनआईटी के निदेशक ने भी आरपी तिवारी को ही नामित कर दिया है।


इस पर विधायक का दावा है कि प्रो. तिवारी न तो लैब इंचार्ज हैं और ना ही मैटेरियल टेस्टिंग में उनकी दक्षता है। यदि नामित ही करना था तो लैब इंचार्ज को जिम्मा दिया जाना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ को सीएंडडीएस इस जांच को प्रभावित कर सकती है। इस मामले में एमएनएनआईटी के निदेशक प्रो आरएस वर्मा का कहना है कि दोबारा अनुरोध पत्र आया तो वह दूसरे प्रोफेसर को नमूनों की जांच सौंप देंगे।


कार्यदायी संस्थाओं की ओर से जिस प्रोफेसर का नाम प्रस्तावित किया जाता है, उसे नामित कर दिया जाता है। इस मामले में क्या हुआ मैं नहीं जानता। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। - प्रो. आरएस वर्मा, निदेशक-एमएनएनआईटी।

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