{"_id":"69f5b66cae6d7e87f50bcdea","slug":"minority-dominated-areas-may-get-the-gift-of-20-new-government-colleges-2026-05-02","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP : अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में मिल सकती है 20 नए राजकीय महाविद्यालयों की सौगात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP : अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में मिल सकती है 20 नए राजकीय महाविद्यालयों की सौगात
Sat, 02 May 2026 02:01 PM IST
विनोद सिंह
विनोद कुमार तिवारी, प्रयागराज
विनोद कुमार तिवारी, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 02 May 2026 02:01 PM IST
सार
मई माह में ही अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में 20 नए राजकीय महाविद्यालयों की सौगात मिल सकती है। इसके लिए उच्च शिक्षा निदेशालय पद सृजन और विषय संचालन को लेकर डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने में जुटा है।
विज्ञापन
राजकीय महाविद्यालय।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मई माह में ही अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में 20 नए राजकीय महाविद्यालयों की सौगात मिल सकती है। इसके लिए उच्च शिक्षा निदेशालय पद सृजन और विषय संचालन को लेकर डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने में जुटा है। अगले सप्ताह मुख्यमंत्री के समक्ष इसकी प्रस्तुति प्रस्तावित है।
विज्ञापन
इन महाविद्यालयों के शुरू होने के बाद प्रदेश में राजकीय महाविद्यालयों की संख्या बढ़कर 236 हो जाएगी। ये महाविद्यालय प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार प्रयागराज, मेरठ, लखनऊ, बरेली और गोरखपुर मंडल के विभिन्न जिलों में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा करीब 10 करोड़ रुपये प्रति महाविद्यालय की लागत से भवन निर्माण कराया गया है।
विज्ञापन
इनमें से लगभग 10 महाविद्यालयों के भवन वर्ष 2025 में उच्च शिक्षा निदेशालय को हस्तांतरित किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक इनमें शैक्षणिक गतिविधियां शुरू नहीं हो सकी हैं। हाल ही में यह मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया, जिसके बाद उच्च शिक्षा विभाग को आवश्यक प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
Trending Videos
इन जिलों में मिल सकती है सौगात
प्रतापगढ़, सीतापुर, उन्नाव, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, बिजनौर, शामली, संतकबीरनगर, रामपुर, आजमगढ़, बलरामपुर, मुजफ्फरनगर और गौतमबुद्धनगर समेत 15 जिलों के विभिन्न स्थानों पर महाविद्यालयों के भवन तैयार हो चुके हैं या निर्माणाधीन हैं।
क्या कहते हैं उच्च शिक्षा के अधिकारी
सहायक निदेशक (प्लान) डॉ. एसके पांडेय के अनुसार, अल्पसंख्यक क्षेत्रों में 20 महाविद्यालयों के निर्माण का कार्य चल रहा है। इसमें 10 भवन उच्च शिक्षा निदेशालय को हस्तांतरित हो चुके हैं। पद सृजन और विषय संचालन के लिए डीपीआर तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द ही मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
वर्जन
प्रदेश के 15 जिलों में महाविद्यालय लगभग तैयार हैं। अधिकांश का हस्तांतरण भी हो चुका है। प्रस्तुतीकरण के बाद इन्हें राजकीय महाविद्यालयों में परिवर्तित कर इसी सत्र से आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस की पढ़ाई शुरू कराने की योजना है। - डॉ. बीएल शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा
प्रतापगढ़, सीतापुर, उन्नाव, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, बिजनौर, शामली, संतकबीरनगर, रामपुर, आजमगढ़, बलरामपुर, मुजफ्फरनगर और गौतमबुद्धनगर समेत 15 जिलों के विभिन्न स्थानों पर महाविद्यालयों के भवन तैयार हो चुके हैं या निर्माणाधीन हैं।
क्या कहते हैं उच्च शिक्षा के अधिकारी
सहायक निदेशक (प्लान) डॉ. एसके पांडेय के अनुसार, अल्पसंख्यक क्षेत्रों में 20 महाविद्यालयों के निर्माण का कार्य चल रहा है। इसमें 10 भवन उच्च शिक्षा निदेशालय को हस्तांतरित हो चुके हैं। पद सृजन और विषय संचालन के लिए डीपीआर तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द ही मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
वर्जन
प्रदेश के 15 जिलों में महाविद्यालय लगभग तैयार हैं। अधिकांश का हस्तांतरण भी हो चुका है। प्रस्तुतीकरण के बाद इन्हें राजकीय महाविद्यालयों में परिवर्तित कर इसी सत्र से आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस की पढ़ाई शुरू कराने की योजना है। - डॉ. बीएल शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा