Minimum Wage : प्रयागराज में कुशल श्रमिकों को मिलेगी न्यूनतम 16025 रुपये मजदूरी, एक अप्रैल से हैं प्रभावी
न्यूनतम मजदूरी अधिनियम-1948 के तहत संशोधन के बाद प्रयागराज में कुशल श्रमिकों को अब न्यूनतम प्रतिमाह 16025 रुपये मजदूरी मिलेगी। पहले यह मजदूरी 13940.37 रुपये थी।
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न्यूनतम मजदूरी अधिनियम-1948 के तहत संशोधन के बाद प्रयागराज में कुशल श्रमिकों को अब न्यूनतम प्रतिमाह 16025 रुपये मजदूरी मिलेगी। पहले यह मजदूरी 13940.37 रुपये थी। इस हिसाब से कुशल श्रमिकों के वेतन में न्यूनतम 2084.63 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। प्रयागराज क्षेत्र के उप श्रमायुक्त सुमित कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार ने जिलों को तीन श्रेणियों में विभाजित कर प्रत्येक के लिए अलग-अलग न्यूनतम मजदूरी की दरें लागू की हैं, जो एक अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई हैं।
प्रथम श्रेणी में गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद को रखा गया है। दूसरी श्रेणी में नगर निगम वाले जिले शामिल हैं। तीसरी श्रेणी में अन्य जनपदों को रखा गया है।
प्रयागराज में अर्द्धकुशल श्रमिकों को अब मूल वेतन व महंगाई भत्ते के साथ न्यूनतम 14306 रुपये मजदूरी मिलेगी, जो इससे पहले 12445 रुपये थी। यानी अर्द्धकुशल श्रमिकाें को न्यूनतम 1861 रुपये वेतन वृद्धि और अकुशल मजदूरों को 1692.35 रुपये वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा। अकुशल श्रमिकों को अब मूल वेतन व महंगाई भत्ते के साथ 13006 रुपये न्यूनतम मजदूरी मिलेगी, जो पहले 11313.65 रुपये थी।
प्रतापगढ़, फतहपुर व कौशाम्बी में कुशल श्रमिकों को 1283.63 रुपये की वेतन वृद्धि का लाभ दिया गया है। उन्हें पहले 13940.37 रुपये न्यूनतम मजदूरी मिल रही थी, जो अब बढ़ाकर 15224 रुपये कर दी गई है। अर्द्धकुशल श्रमिकों को अब 12445 की जगह 13590 रुपये और अकुशल श्रमिकों को 11313.65 रुपये की जगह 12356 न्यूनतम मजदूरी मिलेगी। इन श्रमिकों को क्रमश: 1145 व 1042.35 रुपये की वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा।
आठ घंटे काम व 27 हजार मजदूरी के लिए एक्टू का प्रदर्शन
आठ घंटे काम व 27 हजार रुपये न्यूनतम मजदूरी के लिए ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू) ने पत्थर गिरजाघर धरनास्थल पर प्रदर्शन किया। साथ ही नोएडा के आंदोलन में मजदूरों पर लाठीचार्ज की निंदा की।
एक्टू जिला अध्यक्ष सिद्धेश्वर मिश्र ने कहा कि नोएडा के आंदोलनरत मजदूरों पर लाठचार्ज, गोली चलाने और आंदोलन को कुचलने के लिए आरएएफ व पीएसी का प्रयोग किए जाने की कार्यवाही कि कड़ी आलोचना की। आरोप लगाया कि श्रम व पारिश्रमिक की लूट पर रोक लगाने और जीवन जीने लायक वेतन कि गारंटी के साथ बेहतर कार्य स्थिति, सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देने के बजाय सरकार मजदूरों के दमन पर उतारू है। जिला सचिव देवानंद ने कहा कि मजदूर प्रतिरोध की लहर जबरदस्त तरीके से फैल चुकी है। एलपीजी और जरूरी सामानों की कीमतों में वृद्धि और भुखमरी के स्तर वाले वेतन के कारण नोएडा की विभिन्न कंपनियों में मजदूर लगातार आंदोलनरत हैं।
बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल, झारखंड आदि राज्यों से पलायन के लिए मजबूर इन श्रमिकों से राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में काफी कम दरों पर काम करवाया जाता है। ज्यादातर मजदूरों को पक्की नौकरी, ईइसआई, पीएफ, बोनस, ओवरटाइम जैसे बुनियादी अधिकारों से भी वंचित रखा जाता है। प्रदर्शन में विजय सिंह यादव, आर्यन, आइसा जिला सचिव शशांक, रामचंद्र, कमल सिंह, राघवेंद्र आदि शामिल रहे।
प्रयागराज में कम से कम 10 लाख श्रमिकों को मिलेगा फायदा
न्यूनतम वेतनवृद्धि का प्रयागराज में कम से कम 10 लाख श्रमिकों को फायदा मिलेगा। प्रयागराज में 289 कारखाने पंजीकृत हैं, जहां 26 हजार श्रमिक कार्यरत हैं। वहीं, 22 हजार दुकानों में तकरीबन छह लाख श्रमिक काम करते हैं। इसके अलावा अस्पताल, मॉल, स्कूल, सिनेमाघर, सरकारी प्रतिष्ठान आदि में काम करने श्रमिकों को भी फायदा मिलेगा।
कम मजदूर देने पर 10 गुना देना होगा जुर्माना
उप श्रमायुक्त सुमित कुमार ने बताया कि न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान करने पर संबंधित प्रतिष्ठान को भुगतान के अंतर की 10 गुना धनराशि एरियर सहित जुर्माने के रूप में देनी होगी। उदाहरण के तौर पर अगर कोई प्रतिष्ठान अपने कर्मचारी को न्यूनतम मजदूरी से एक हजार रुपये कम दे रहा है तो 10 हजार रुपये जुर्माना अदा करना होगा। ऐसा वह तीन माह से कर रहा है तो उसे एरियर सहित 30 हजार रुपये जुर्माना भरना होगा।