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एसआरएन में आधी रात हंगामा, बुलाई पड़ी फोर्स, छावनी बना रहा अस्पताल परिसर
Sun, 04 Jul 2021 09:00 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 04 Jul 2021 09:00 PM IST
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Crime
- फोटो : Demo Pic
झूंसी में इंटर के छात्र नीरज उर्फ समर को गोली लगने के बाद एसआरएन अस्पताल में आधी रात जमकर हंगामा हुआ। छात्र के दोस्तों ने इलाज में देरी का आरोप लगाया तो उनकी डॉक्टरों से नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद बढ़ता देख सूचना दी गई तो कोतवाली के साथ ही जार्जटाउन व सिविल लाइंस की पुलिस भी बुला ली गई। फोर्स के पहुंचने पर किसी तरह मामला शांत कराया गया।
दरअसल नीरज को गोली लगने के बाद बेहद गंभीर हालत में दोस्त उसे लेकर एसआरएन अस्पताल पहुंच गए। गनशॉट का मामला देखकर डॉक्टरों ने पहले पुलिस को सूचना देने को कहा। जिस पर नीरज को लेकर पहुंचे उसके दोस्त आक्रोशित हो उठे। उन्होंने इलाज में जानबूझकर देरी का आरोप लगाया तो डॉक्टरों व कर्मचारियों से नोकझोंक शुरू हो गई। चौकी पर तैनात सिपाहियों ने समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जिसके बाद सूचना देकर आसपास के अन्य थानों की फोर्स बुलाई गई। इसके बाद किसी तरह मामला शांत कराया गया। हालांकि इसके बावजूद नीरज को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
...तो क्या बूथ पर नहीं तैनात थे जवान
मामले में बड़ी बात यह रही कि पुलिस बूथ के पास हत्या हुई लेकिन पुलिस को वारदात की खबर तक नहीं लगी। भोर में तब पता चला जब एसआरएन चौकी से थाने में जानकारी दी गई। सूत्रों का कहना है कि बूथ पर रात में पिकेट तैनात रहती है। सवाल यह है कि आखिर वारदात के वक्त पिकेट पर तैनात जवान कहां थे।
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दरअसल नीरज को गोली लगने के बाद बेहद गंभीर हालत में दोस्त उसे लेकर एसआरएन अस्पताल पहुंच गए। गनशॉट का मामला देखकर डॉक्टरों ने पहले पुलिस को सूचना देने को कहा। जिस पर नीरज को लेकर पहुंचे उसके दोस्त आक्रोशित हो उठे। उन्होंने इलाज में जानबूझकर देरी का आरोप लगाया तो डॉक्टरों व कर्मचारियों से नोकझोंक शुरू हो गई। चौकी पर तैनात सिपाहियों ने समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जिसके बाद सूचना देकर आसपास के अन्य थानों की फोर्स बुलाई गई। इसके बाद किसी तरह मामला शांत कराया गया। हालांकि इसके बावजूद नीरज को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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...तो क्या बूथ पर नहीं तैनात थे जवान
मामले में बड़ी बात यह रही कि पुलिस बूथ के पास हत्या हुई लेकिन पुलिस को वारदात की खबर तक नहीं लगी। भोर में तब पता चला जब एसआरएन चौकी से थाने में जानकारी दी गई। सूत्रों का कहना है कि बूथ पर रात में पिकेट तैनात रहती है। सवाल यह है कि आखिर वारदात के वक्त पिकेट पर तैनात जवान कहां थे।
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