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इलाहाबाद हाईकोर्ट : वर्ष में पांच केस दाखिल करने वाले सदस्य कर सकेंगे मतदान
Sun, 13 Nov 2022 12:31 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 13 Nov 2022 12:31 AM IST
सार
एक पद पर किसी को भी तीन बार ही पद धारण का अधिकार होगा।तीन बार पद पर रहने के बाद चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होगा।विभिन्न पदों पर चुनाव लडने के लिए भी मानक तय किए गए हैं।
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allahabad high court
- फोटो : social media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की बाईलाज संशोधन प्रारूप समिति ने तीन बैठकों में गहन चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।समिति पांच मुद्दों पर एकमत हुईं। प्रारूप समिति ने कहा है कि चुनाव में मतदान करने के लिए वर्ष में कम से कम पांच केस दाखिल करना अनिवार्य होगा। एल्डर कमेटी, चुनाव आयोग की तरह स्थायी होगी और कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद कमेटी पदभार ग्रहण करके चुनाव कराएगी।
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एक पद पर किसी को भी तीन बार ही पद धारण का अधिकार होगा।तीन बार पद पर रहने के बाद चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होगा।विभिन्न पदों पर चुनाव लडने के लिए भी मानक तय किए गए हैं। अध्यक्ष पद पर लगातार तीन वर्ष तक हर वर्ष 25 केस, वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा महासचिव पद के लिए हर वर्ष 20 केस, उपाध्यक्ष व संयुक्त सचिव पद पर हर वर्ष 15 केस तथा गवर्निंग काउंसिल के लिए लगातार तीन वर्ष तक हर वर्ष 10 केस दाखिल करना जरूरी होगा।
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कल्याण योजना के लिए 70 रुपये लेने की पुष्टि कर दी गई है। हालांकि 430 रुपये पीपीएफ स्कीम पर एक राय नहीं बन सकी। प्रारूप समिति में पूर्व अध्यक्ष, महासचिव सहित वर्तमान अध्यक्ष, महासचिव तथा अन्य अधिवक्ता शामिल थे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने बताया कि पीपीएफ स्कीम पर शीघ्र ही आमसभा बुलाकर चर्चा की जाएगी और मतदान के जरिए निर्णय लिया जाएगा।
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