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एमबीए, क्रेट की बदली प्रक्रिया
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sun, 15 Mar 2015 12:07 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एमबीए और शोध प्रवेश परीक्षा का प्रारूप बदल दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत कॉमर्स और प्रबंधन के डीफिल पाठ्यक्रम के लिए एक ही प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके अलावा अगले साल से एमबीए प्रवेश परीक्षा भी विभाग के स्तर पर आयोजित की जाएगी। खास यह कि परीक्षा भी जनवरी में ही आयोजित की जाएगी। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है।
अभी तक वाणिज्य तथा प्रबंधन के डीफिल पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती थी। आवेदन भी अलग-अलग करना होता था, जबकि पढ़ाने वाले शिक्षक एक ही हैं। ऐसे में इस व्यवस्था के तहत प्रवेश में काफी परेशानी होती थी। इसके मद्देनजर पूरी प्रक्रिया बदलने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत एक ही परीक्षा के माध्यम से वाणिज्य और प्रबंधन दोनों विषयों के लिए प्रवेश होगा। इसके लिए एडमिशन कमेटी में फैसला हो चुका है। प्रवेश परीक्षा के लिए कॉमन सिलेबस भी तैयार कर लिया गया है। वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर जेएन भार्गव ने बताया कि इस संबंध में 18 और 19 मार्च को बैठक बुलाई गई है। इसमें सिलेबस पर मुहर लगने की उम्मीद है। इसके बाद इसे फैकेल्टी बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। इसमें प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया दो जुलाई को शुरू होगी।
इसके अलावा एमबीए प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया भी बदलने जा रही है। अभी प्रवेश प्रकोष्ठ परीक्षा कराता है, जो अब शुरू हुई है। ऐसे में दाखिले की प्रक्रिया जुलाई तक पूरी हो पाती है। अन्य शिक्षण संस्थानों में एमबीए में मार्च-अप्रैल तक प्रवेश हो जाता है। इसका नतीजा है कि जिन्हें कहीं प्रवेश नहीं मिलता वे यहां दाखिले के लिए आते हैं। इसके मद्देनजर विभाग के स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी का निर्णय लिया गया है। प्रवेश परीक्षा जनवरी में ही कराने की योजना है। विभागाध्यक्ष प्रो. जेएन भार्गव ने बताया कि इसके लिए औपचारिकता पूरी की जा रही है। आगामी सत्र के लिए सितंबर से आवेदन आदि की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि पहले विभाग के स्तर पर ही प्रवेश परीक्षा होती थी। इससे अच्छे विद्यार्थी दाखिला के लिए आएंगे।
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अभी तक वाणिज्य तथा प्रबंधन के डीफिल पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती थी। आवेदन भी अलग-अलग करना होता था, जबकि पढ़ाने वाले शिक्षक एक ही हैं। ऐसे में इस व्यवस्था के तहत प्रवेश में काफी परेशानी होती थी। इसके मद्देनजर पूरी प्रक्रिया बदलने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत एक ही परीक्षा के माध्यम से वाणिज्य और प्रबंधन दोनों विषयों के लिए प्रवेश होगा। इसके लिए एडमिशन कमेटी में फैसला हो चुका है। प्रवेश परीक्षा के लिए कॉमन सिलेबस भी तैयार कर लिया गया है। वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर जेएन भार्गव ने बताया कि इस संबंध में 18 और 19 मार्च को बैठक बुलाई गई है। इसमें सिलेबस पर मुहर लगने की उम्मीद है। इसके बाद इसे फैकेल्टी बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। इसमें प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया दो जुलाई को शुरू होगी।
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इसके अलावा एमबीए प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया भी बदलने जा रही है। अभी प्रवेश प्रकोष्ठ परीक्षा कराता है, जो अब शुरू हुई है। ऐसे में दाखिले की प्रक्रिया जुलाई तक पूरी हो पाती है। अन्य शिक्षण संस्थानों में एमबीए में मार्च-अप्रैल तक प्रवेश हो जाता है। इसका नतीजा है कि जिन्हें कहीं प्रवेश नहीं मिलता वे यहां दाखिले के लिए आते हैं। इसके मद्देनजर विभाग के स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी का निर्णय लिया गया है। प्रवेश परीक्षा जनवरी में ही कराने की योजना है। विभागाध्यक्ष प्रो. जेएन भार्गव ने बताया कि इसके लिए औपचारिकता पूरी की जा रही है। आगामी सत्र के लिए सितंबर से आवेदन आदि की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि पहले विभाग के स्तर पर ही प्रवेश परीक्षा होती थी। इससे अच्छे विद्यार्थी दाखिला के लिए आएंगे।
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