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मकर संक्रांति बीती, मौनी सबसे बड़ी चुनौती

Thu, 15 Jan 2015 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Thu, 15 Jan 2015 11:51 PM IST
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mauni amavsya  biggest challenge
मौसम के बिगड़े मिजाज के बीच मकर संक्रांति का स्नान पर्व जैसे-तैसे बीत गया। मौसम की वजह से मेला क्षेत्र में अनुमान से काफी कम भीड़ पहुंची, सो अफसरों को व्यवस्था संभालने में खास मशक्कत नहीं करनी पड़ी लेकिन चार दिन बाद सबसे बड़ी चुनौती सामने आने जा रही है। 20 नवंबर को मौनी अमावस्या का स्नान पर्व है और अफसर कुंभ की घटना अभी भूले नहीं हैं। मौनी की तैयारियों को पूरा करने के लिए प्रशासन के पास महज चार दिन बाकी रह गए हैं और वक्त कम बचा है।
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प्रशासन ने पौष पूर्णिमा पर 25 लाख और मक्रर संक्रांति पर 50 लाख स्नानार्थियों के आने का दावा किया था लेकिन भीड़ आधे से भी कम पहुंची। अफसरों का मानना है कि खराब मौसम की वजह से स्नानार्थियों की संख्या कम हो गई। 20 जनवरी को मौनी अमावस्या को मौनी अमावस्या का स्नान पर्व है और प्रशासन का अनुमान है कि उस दिन 80 लाख श्रद्धालु संगम क्षेत्र पहुंच सकते हैं। कुंभ की कड़वी यादें अब भी ताजा हैं, सो अफसर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। अफसरों का मानना है कि मौसम साफ रहा तो भीड़ अनुमान से भी अधिक हो सकती है।
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मकर संक्रांति पर दस घाट बनवाए गए थे। मौनी अमावस्या पर भीड़ अधिक होगी, सो घाटों की संख्या बढ़ाकर 12 की जाएगी ताकि घाटों पर दबाव कम से कम रहे और किसी तरह की भगदड़ की स्थिति पैदा न हो। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन के अफसर लगातार रेलवे और रोडवेज के अफसरों से भी संपर्क बनाए हुए हैं। पुलिस ने भी मौनी अमावस्या को लेकर ट्रैफिक डायवर्जन पर योजना बनानी शुरू कर दी है। तमाम संस्थाओं ने स्टेशन से मेला क्षेत्र जाने वाले रास्तों पर खानपान के स्टॉल लगाने की तैयारी भी कर ली है। हालांकि अफसरों के लिए मेले की सफाई व्यवस्था मुसीबत बन सकती है, क्योंकि मेला क्षेत्र में अस्थायी शौचालयों की संख्या काफी कम है। लक्ष्य के मुताबिक शौचालयों का निर्माण नहीं कराया सका है। हालांकि प्रशासन ने आईआईटी कानपुर से जीरो डिस्चार्ज वाले आधा दर्जन शौचालय मंगा लिए हैं लेकिन व्यवस्था को संभालने के लिए यह संख्या नाकाफी है। एडीएम सिटी एसके शर्मा भी मानते हैं कि मौनी अमावस्या का स्नानपर्व सबसे बड़ी चुनौती है लेकिन इसकी तैयारियां भी काफी पहले से की जा चुकी हैं। अगले चार दिन तैयारियों को सिर्फ अंतिम रूप दिया जाएगा।
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