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रिटायर्ड डायट कर्मी से अधिक भुगतान की वसूली पर रोक
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान मऊ के रिटायर्ड कर्मचारी भारत प्रसाद यादव से 39 लाख 63 हजार रुपये के वसूली नोटिस पर रोक लगा दी है तथा कर्मचारी को विभागीय नोटिस का जवाब दस दिन में देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याची द्वारा दाखिल जवाब पर विभागीय अधिकारी तीन माह में निर्णय लें और तब तक उससे वसूली न की जाए।
भारत प्रसाद यादव की याचिका पर न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने सुनवाई की। याची का कहना था कि 31 अगस्त 2017 को डायट से मुख्य सहायक के पद से रिटायर हुआ। उसे 72 लाख 18 हजार 389 रुपये ग्रेच्युटी का भुगतान किया गया। 10 अगस्त 18 को उसे एकाउंटेंट जनरल यूपी के यहां से पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया कि अधिक ग्रेच्युटी की रकम 56 लाख 20 हजार रुपये तीन दिन में वापस कर दे। याची ने इसके जवाब में अपना प्रतिउत्तर दिया, जिस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।
24 अप्रैल 2020 को उसे नोटिस जारी करके 39 लाख 63 हजार रुपये मांगे गए। याची ने इसका जवाब दाखिल किया, मगर उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया, जिस पर यह याचिका दाखिल की गई। कोर्ट ने याची को नए सिरे से दस दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया तथा विभागीय अधिकारियों को जवाब मिलने के तीन माह के भीतर मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया है। तब तक वसूली पर रोक रहेगी।
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भारत प्रसाद यादव की याचिका पर न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने सुनवाई की। याची का कहना था कि 31 अगस्त 2017 को डायट से मुख्य सहायक के पद से रिटायर हुआ। उसे 72 लाख 18 हजार 389 रुपये ग्रेच्युटी का भुगतान किया गया। 10 अगस्त 18 को उसे एकाउंटेंट जनरल यूपी के यहां से पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया कि अधिक ग्रेच्युटी की रकम 56 लाख 20 हजार रुपये तीन दिन में वापस कर दे। याची ने इसके जवाब में अपना प्रतिउत्तर दिया, जिस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।
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24 अप्रैल 2020 को उसे नोटिस जारी करके 39 लाख 63 हजार रुपये मांगे गए। याची ने इसका जवाब दाखिल किया, मगर उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया, जिस पर यह याचिका दाखिल की गई। कोर्ट ने याची को नए सिरे से दस दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया तथा विभागीय अधिकारियों को जवाब मिलने के तीन माह के भीतर मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया है। तब तक वसूली पर रोक रहेगी।
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