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ऑटा की सभा में छात्रों ने बांटे पर्चे, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:30 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
- फोटो : allahabad
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में डीन आर्ट्स पर हुए हमले के विरोध में आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए मंगलवार को बुलाई गई इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) की आम सभा में हंगामा हो गया। सभा स्थल पर छात्र पहुंच गए और उन्होंने वहां मौजूद शिक्षकों के बीच ऑटा अध्यक्ष एवं चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे के खिलाफ पर्चे बांटने शुरू कर दिए। बैठक के बाद प्रॉक्टर ने पुलिस एवं प्रशासन को पत्र भेजकर घटना से अवगत कराते हुए विश्वविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने के लिए सहयोग मांगा।
आम सभा का आयोजन हिंदी विभाग में किया गया था। सभा शुरू होते ही वहां बड़ी संख्या में छात्र पहुंच गए और बैठक में मौजूद शिक्षकों के बीच पर्चे बांटने लगे, जिसमें ऑटा अध्यक्ष पर तमाम आरोप लगाते हुए शिक्षकों से अपील की गई कि वे दोहरी निष्ठा रखने वाले अध्यक्ष का साथ न दें, तभी इविवि में गुरु-शिष्य परंपरा बरकरार रह पाएगी। इस दौरान आम सभा में हंगामे जैसी स्थित हो गई। सूचना पाकर मौके पर सूचना कर्नलगंज पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और छात्रों को वहां से बाहर किया। सभा के बाद ऑटा अध्यक्ष एवं चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने कमिश्नर, डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर इस बाबत जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आम सभा में ब्लैक लिस्ट किए गए नीरज प्रताप सिंह, विक्रांत सिंह, आनंद कुमार सिंह, अंकुश यादव, छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा समेत 50 से अधिक छात्रों ने हंगामा किया और शिक्षकों की सभा में बाधा पहुंचाई।
आम सभा में मौजूद शिक्षकों ने भी घटना की निंदा की और निर्णय लिया कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में प्रवेश प्रक्रिया, हॉस्टल आवंटन समेत अन्य जरूरी काम चल रहे हैं, सो छात्रहित को देखते हुए फिलहाल अभी कार्य बहिष्कार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही दोषी छात्रों पर कार्रवाई के लिए पुलिस एवं प्रशासन को हफ्ते भर का समय दिया गया। शिक्षकों ने कहा कि इस दौरान डीन आर्ट्स से मारपीट के आरोपी छात्रों पर कार्रवाई नहीं होती है तो शिक्षक कार्य बहिष्कार करने को बाध्य हो जाएंगे और इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं प्रदेश सरकार की होगी। बैठक में अध्यक्ष समेत शिक्षक प्रो. पीके साहू, प्रो. आरके सिंह, प्रो. एआर सिद्दीकी, डॉ. विक्रम सिंह, प्रो. जगदीश नारायण, प्रो. केएस मिश्र, प्रो. कृष्ण कुमार, प्रो. अनामिका राय आदि मौजूद रहे। संचालन ऑटा महासचिव प्रो. शिवमोहन प्रसाद ने किया।
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आम सभा का आयोजन हिंदी विभाग में किया गया था। सभा शुरू होते ही वहां बड़ी संख्या में छात्र पहुंच गए और बैठक में मौजूद शिक्षकों के बीच पर्चे बांटने लगे, जिसमें ऑटा अध्यक्ष पर तमाम आरोप लगाते हुए शिक्षकों से अपील की गई कि वे दोहरी निष्ठा रखने वाले अध्यक्ष का साथ न दें, तभी इविवि में गुरु-शिष्य परंपरा बरकरार रह पाएगी। इस दौरान आम सभा में हंगामे जैसी स्थित हो गई। सूचना पाकर मौके पर सूचना कर्नलगंज पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और छात्रों को वहां से बाहर किया। सभा के बाद ऑटा अध्यक्ष एवं चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने कमिश्नर, डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर इस बाबत जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आम सभा में ब्लैक लिस्ट किए गए नीरज प्रताप सिंह, विक्रांत सिंह, आनंद कुमार सिंह, अंकुश यादव, छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा समेत 50 से अधिक छात्रों ने हंगामा किया और शिक्षकों की सभा में बाधा पहुंचाई।
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आम सभा में मौजूद शिक्षकों ने भी घटना की निंदा की और निर्णय लिया कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में प्रवेश प्रक्रिया, हॉस्टल आवंटन समेत अन्य जरूरी काम चल रहे हैं, सो छात्रहित को देखते हुए फिलहाल अभी कार्य बहिष्कार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही दोषी छात्रों पर कार्रवाई के लिए पुलिस एवं प्रशासन को हफ्ते भर का समय दिया गया। शिक्षकों ने कहा कि इस दौरान डीन आर्ट्स से मारपीट के आरोपी छात्रों पर कार्रवाई नहीं होती है तो शिक्षक कार्य बहिष्कार करने को बाध्य हो जाएंगे और इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं प्रदेश सरकार की होगी। बैठक में अध्यक्ष समेत शिक्षक प्रो. पीके साहू, प्रो. आरके सिंह, प्रो. एआर सिद्दीकी, डॉ. विक्रम सिंह, प्रो. जगदीश नारायण, प्रो. केएस मिश्र, प्रो. कृष्ण कुमार, प्रो. अनामिका राय आदि मौजूद रहे। संचालन ऑटा महासचिव प्रो. शिवमोहन प्रसाद ने किया।
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