{"_id":"62a23abed179b13d2c4790b4","slug":"matrimonial-case-high-court-said-after-the-settlement-it-is-right-to-quash-the-matrimonial-case-of-husband-and-wife","type":"story","status":"publish","title_hn":"Matrimonial Case: हाईकोर्ट ने कहा- यदि पति-पत्नी ने समझौता कर लिया है तो वैवाहिक मामले को कर देना चाहिए रद्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Matrimonial Case: हाईकोर्ट ने कहा- यदि पति-पत्नी ने समझौता कर लिया है तो वैवाहिक मामले को कर देना चाहिए रद्द
Thu, 09 Jun 2022 11:53 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 09 Jun 2022 11:53 PM IST
सार
मामले में पत्नी की ओर से कन्नौज के महिला थाने में पति (याची) राम प्रवेश व उनके परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मामले में पुलिस ने अप्रैल 2021 को आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
विज्ञापन
पति-पत्नी के बीच विवाद (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब पति-पत्नी ने आपसी विवाद पर अदालती प्रक्रिया के जरिये आपस में समझौता कर लिया है तो उनके बीच वैवाहिक विवाद को रद्द कर दिया जाना चाहिए। यह आदेश न्यायमूर्ति चंद्र कुमार राय की पीठ ने रामप्रवेश व तीन अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
विज्ञापन
मामले में पत्नी की ओर से कन्नौज के महिला थाने में पति (याची) राम प्रवेश व उनके परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मामले में पुलिस ने अप्रैल 2021 को आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। याची ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर आपराधिक कार्रवाई को रद्द करने की मांग की थी। याची ने तर्क दिया कि उसका उसकी पत्नी से समझौता हो गया है और निचली अदालत ने इसकी पुष्टि भी कर दी है।
विज्ञापन
पति-पत्नी अपने बच्चों के साथ एक साथ रह रहे हैं। ऐसे में कार्रवाई से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होता है। याची ने सुप्रीम कोर्ट के कई केसों का हवाला भी दिया। कोर्ट ने कहा कि जब पार्टियों ने अपने पूरे विवाद को आपस में समझौता करके सुलझा लिया हो और न्यायालय द्वारा इसे विधिवत सत्यापित कर दिया गया है। इसलिए इसे रद्द कर दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने मामले में आरोप पत्र की कार्रवाई को पूरी तरह से रद्द कर दिया।
विज्ञापन