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Prayagraj News: इविवि में फीस वृद्धि और सीट कटौती के विरोध में महाधरना
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सोमवार को विद्यार्थियों ने फीस वृद्धि और सीटों में कटौती के विरोध में महाधरना शुरू किया। छात्रहित से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया गया।
आंदोलनकारी छात्रों ने केंद्रीय पुस्तकालय को चौबीस घंटे खोलने की मांग की। उन्होंने मेडिकल और स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा भी चौबीस घंटे उपलब्ध कराने की बात कही। छात्रों का कहना है कि पुस्तकालय की सुविधाएं सीमित होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं, आपात स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
विधि संकाय की लाइब्रेरी की छत से पानी टपकने का मुद्दा भी उठाया गया। केंद्रीय पुस्तकालय परिसर में जलभराव की समस्या भी सामने रखी गई। छात्रावासों में सुरक्षा, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग की गई। छात्रों ने फीस वृद्धि वापस लेने और सीटों में की गई कटौती को खत्म करने की मांग भी दोहराई। धरने में अनुराग यादव, प्रियांशु विद्रोही, गौरव गोंड, आयुष महात्मा, मंदीप, ऋषि, सचिन, रोशन, दीपांशु, जामी आदि मौजूद रहे।
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अन्य प्रमुख मांगें और चेतावनी
आंदोलनकारियों ने कुलपति और प्राक्टर के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने छात्रनेता आशुतोष मौर्य की प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराने की बात उठाई। आशुतोष मौर्य ने स्थायी प्राक्टर की नियुक्ति होने तक वार्ता न करने की बात कही है। छात्रों ने मुख्य कुलानुशासक की नियुक्ति की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज किया जाएगा और भूख हड़ताल भी की जाएगी।
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आंदोलनकारी छात्रों ने केंद्रीय पुस्तकालय को चौबीस घंटे खोलने की मांग की। उन्होंने मेडिकल और स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा भी चौबीस घंटे उपलब्ध कराने की बात कही। छात्रों का कहना है कि पुस्तकालय की सुविधाएं सीमित होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं, आपात स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
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विधि संकाय की लाइब्रेरी की छत से पानी टपकने का मुद्दा भी उठाया गया। केंद्रीय पुस्तकालय परिसर में जलभराव की समस्या भी सामने रखी गई। छात्रावासों में सुरक्षा, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग की गई। छात्रों ने फीस वृद्धि वापस लेने और सीटों में की गई कटौती को खत्म करने की मांग भी दोहराई। धरने में अनुराग यादव, प्रियांशु विद्रोही, गौरव गोंड, आयुष महात्मा, मंदीप, ऋषि, सचिन, रोशन, दीपांशु, जामी आदि मौजूद रहे।
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अन्य प्रमुख मांगें और चेतावनी
आंदोलनकारियों ने कुलपति और प्राक्टर के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने छात्रनेता आशुतोष मौर्य की प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराने की बात उठाई। आशुतोष मौर्य ने स्थायी प्राक्टर की नियुक्ति होने तक वार्ता न करने की बात कही है। छात्रों ने मुख्य कुलानुशासक की नियुक्ति की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज किया जाएगा और भूख हड़ताल भी की जाएगी।