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परीक्षा में धांधली के बाद भी कई पद खाली
Sun, 02 Jun 2019 01:36 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 02 Jun 2019 01:36 AM IST
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एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में धांधली का मामला सामने आ चुका है। पेपर लीक के मामले में एसटीएफ ने परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार किया है, लेकिन धांधली के बावजूद कई विषयों में योग्य अभ्यर्थी नहीं मिले और तमाम पद खाली रह गए।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में तकरीबन चार लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। 10768 पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा पिछले साल 29 जुलाई को आयोजित की गई थी। एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ है कि परीक्षा से पहले पेपर आउट हो गया था और इसी वजह से एसटीएफ ने आयोग को पत्र जारी कर परिणाम रोकने के लिए कहा था। इसके बावजूद आयोग ने विषयवार रिजल्ट घोषित करना शुरू कर दिया। हालांकि सवाल उठ रहे हैं कि पेपर आउट होने के बावजूद तमाम पद खाली क्यों रह गए। आयोग ने परीक्षा में न्यूनतम अर्हता अंक निर्धारित कर रखे थे, लेकिन पेपर आउट होने की स्थिति में इसके खास मायने नहीं रह गए थे।
हालांकि, आयोग ने जब विषयवार परिणाम देना शुरू किया तो कई पद इसलिए खाली रह गए कि परीक्षा में शामिल तमाम अभ्यर्थी न्यूनतम अर्हता अंक ही हासिल नहीं कर सके। गृह विज्ञान में पुरुष शाखा का केवल एक पद था, लेकिन कोई भी अभ्यर्थी न्यूनतम अर्हता अंक हासिल नहीं कर सका और पद खाली रह गया। इस पद के लिए 23 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। इसी तरह उर्दू महिला शाखा के आठ पद योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण खाली रह गए। वहीं, शीरीरिक शिक्षा विषय में 28 पद अभ्यर्थियों के न्यूनतम अर्हता अंक हासिल न कर पाने के कारण रिक्त रह गए।
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एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में तकरीबन चार लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। 10768 पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा पिछले साल 29 जुलाई को आयोजित की गई थी। एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ है कि परीक्षा से पहले पेपर आउट हो गया था और इसी वजह से एसटीएफ ने आयोग को पत्र जारी कर परिणाम रोकने के लिए कहा था। इसके बावजूद आयोग ने विषयवार रिजल्ट घोषित करना शुरू कर दिया। हालांकि सवाल उठ रहे हैं कि पेपर आउट होने के बावजूद तमाम पद खाली क्यों रह गए। आयोग ने परीक्षा में न्यूनतम अर्हता अंक निर्धारित कर रखे थे, लेकिन पेपर आउट होने की स्थिति में इसके खास मायने नहीं रह गए थे।
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हालांकि, आयोग ने जब विषयवार परिणाम देना शुरू किया तो कई पद इसलिए खाली रह गए कि परीक्षा में शामिल तमाम अभ्यर्थी न्यूनतम अर्हता अंक ही हासिल नहीं कर सके। गृह विज्ञान में पुरुष शाखा का केवल एक पद था, लेकिन कोई भी अभ्यर्थी न्यूनतम अर्हता अंक हासिल नहीं कर सका और पद खाली रह गया। इस पद के लिए 23 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। इसी तरह उर्दू महिला शाखा के आठ पद योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण खाली रह गए। वहीं, शीरीरिक शिक्षा विषय में 28 पद अभ्यर्थियों के न्यूनतम अर्हता अंक हासिल न कर पाने के कारण रिक्त रह गए।
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