Mahakumbh : पायलट बाबा की हत्या में नामजद महामंडलेश्वर समेत कई के महाकुंभ में लगे शिविर
महामंडलेश्वर चेतना गिरि, पायलट बाबा के करीबी शिष्याओं में से एक रहीं हैं। पायलट बाबा के पोते अभिषेक कुमार सिंह ने बिहार के सासाराम में दर्ज कराई रिपोर्ट में चेतना गिरि समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ संपत्ति के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।
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श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी सोम गिरि उर्फ पायलट बाबा की हत्या के आरोप में नामजद इसी अखाड़े की महामंडलेश्वर योगमाता चेतना गिरि समेत कई के महाकुंभ में शिविर लगे हैं। एक हत्यारोपी को देश-विदेश से यहां पधारने वाले अतिथियों के लिए वाहन सुविधा मुहैया कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, बाबा की मौत के मामले में नया मोड़ आने से सैकड़ों शिष्य-अनुयायी आहत हैं।
महामंडलेश्वर चेतना गिरि, पायलट बाबा के करीबी शिष्याओं में से एक रहीं हैं। पायलट बाबा के पोते अभिषेक कुमार सिंह ने बिहार के सासाराम में दर्ज कराई रिपोर्ट में चेतना गिरि समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ संपत्ति के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें दवा के बहाने खाने में जहर दिया गया है। इससे चार महीने पहले उनकी मौत हो गई।
कानूनी घेराबंदी के बीच चेतना गिरि का महाकुंभ के सेक्टर-18 में संगम लोवर मार्ग पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त वुडेन कॉटेज बनकर तैयार हो गया है। फिलहाल वह दिल्ली में हैं। बिहार पुलिस उन पर लगे आरोपों की जांच कर रही है।
पायलट बाबा के शिष्य दिव्यानंद गिरि मौत के प्रकरण में ताजा खुलासे से बेहद आहत हैं। वह कहते हैं कि पायलट बाबा महायोगी थे। उनकी हत्या की गई है तो इसकी गहराई से जांच की जानी चाहिए। हत्यारों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। महाकुंभ में पहुंच रहे दूसरे शिष्य और अनुयायी भी खुलासे से बेहद आहत हैं।
जूना अखाड़े के प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि कहते हैं कि पायलट बाबा अपने जीते-जी अपनी तीन प्रमुख शिष्याओं के नाम वसीयत कर गए हैं। इनमें मठ की उत्तराधिकारी केको आईकावा उर्फ योगमाता कैला को बनाया गया है, जबकि योगमाता श्रद्धा और योगमाता चेतना गिरि को भी उन्होंने संपत्ति की देखभाल का सहयोगी बनाया है। लेकिन, कुछ लोग उत्तराधिकारी बनाने और संपत्ति हड़पने के लिए षड्यंत्र कर रहे हैं। उन्हें कामयाब नहीं होने देंगे।