मिशन 2019 के लिए भाजपा में उछले कई नाम
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लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद फूलपुर और इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से भाजपा में संभावित प्रत्याशियों की दावेदारी को कई दिग्गजों के नाम उछले हैं। पिछले साल फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में पार्टी को मिली हार के बाद यह तय है कि पार्टी इस बार पैराशूट प्रत्याशी की बजाय स्थानीय नेताओं को ही वरीयता देगी। इस बीच पार्टी के काशी प्रांत के क्षेत्र संगठन मंत्री रत्नाकर जी और सह प्रभारी सुनील भाई ओझा के साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय एवं प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल के समक्ष स्थानीय पदाधिकारियों के बायोडाटा पहुंच गए हैं।
वर्ष 2014 में मोदी लहर के बीच भाजपा ने फूलपुर और इलाहाबाद संसदीय सीट अपने नाम की थी। तब चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद भाजपा ने इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से श्यामा चरण गुप्ता को उतारकर हर किसी को चौंका दिया था, जबकि फूलपुर से विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे स्वर्गीय अशोक सिंहल की पैरवी पर केशव प्रसाद मौर्य को टिकट दी गई थी। दोनों ने ही चुनाव जीता। हालांकि केशव मौर्य के डिप्टी सीएम बनने के बाद पिछले वर्ष हुए उपचुनाव में भाजपा केे प्रत्याशी कौशलेंद्र सिंह पटेल को सपा के नागेंद्र सिंह पटेल के हाथों अपनी सीट गंवानी पड़ी। तब चुनाव समीक्षा में पाया गया कि बाहरी प्रत्याशी उतारने की वजह से पार्टी चुनाव हारी। इस वजह से इस बार पार्टी ने तय किया है वह किसी स्थानीय दिग्गज को ही तरजीह देगी। इस बीच डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को फूलपुर से एक बार फिर से प्रत्याशी बनाने की मांग पार्टी कार्यकर्ताओं ने की है।
फूलपुर संसदीय क्षेत्र से कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, विधायक प्रवीण पटेल की पत्नी गोल्डी पटेल, केपी ट्रेस्ट के निवर्तमान अध्यक्ष चौधरी राघवेंद्र नाथ, डा. एलएस ओझा, डिप्टी सीएम के पुत्र योगेश मौर्य, प्रदीप श्रीवास्तव, डा. कमला सिंह, विक्रम सिंह पटेल आदि का नाम भी उछाला गया है। इसी तरह इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी, विधायक नीलम करवारिया, डा. कीर्तिका अग्रवाल, डा. बीबी अग्रवाल, निवर्तमान नगर अध्यक्ष शशि वार्ष्णेय, पूर्व प्रदेश कार्य समिति सदस्य सुबोध सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केशरी देवी पटेल, विधायक हर्ष वर्धन बाजपेयी के पिता अशोक बाजपेयी, योगेश शुक्ला आदि का नाम भी कार्यकर्ता प्रत्याशी के रूप में उछाल रहे हैं। उधर चर्चा इस बात की भी है कि सपा और कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी घोषित करने के बाद भाजपा अपने पत्ते खोलेगी।