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स्वतंत्रदेव समेत कई ने लिया नीलम का हालचाल

Thu, 07 Nov 2019 01:15 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2019 01:15 AM IST
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Many including Swatantradev took care of Neelam
स्वतंत्रदेव समेत कई ने लिया नीलम का हालचाल
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वरिष्ठ अधिवक्ताओं से आगे की रणनीति पर मशगूल रही विधायक नीलम
संघ और विहिप भी करवरिया बंधु के संपर्क में, नीलम ने कहा नहीं मानूंगी हार
प्रयागराज। करवरिया बंधुओं का हुई उम्रकैद की सजा पर भाजपा के महानगर आदि के पदाधिकारियों ने भले ही चुप्पी साध ली हो लेकिन प्रदेश संगठन पार्टी विधायक नीलम करवरिया के साथ खड़ा नजर आ रहा है। इस बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने नीलम करवरिया से फोन पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि करवरिया परिवार के साथ पार्टी की पूरी संवेदना है। इसके पूर्व सूबे के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह भी नीलम करवरिया से बात कर चुके हैं।
इस बीच नीलम बुधवार को अपने कल्याणी देवी स्थित कोठी पर ही रहीं। उन्होंने करवरिया बंधुओं को हुई उम्रकैद की सजा के विरोध में हाईकोर्ट में जल्द से जल्द अपील करने की बात कही। इस दौरान कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओें के साथ उनकी मंत्रणा भी हुई। नीलम से मिलने के लिए करवरिया बंधुओं के तमाम समर्थक दिन भर उनके आवास पर आते रहे। सभी से नीलम यही कहती रहीं उनके परिवार को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की साजिश रची गई है। लेकिन वह हार नहीं मानेगी। इस बीच संघ और विहिप के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी नीलम से वार्ता की। दरअसल 31 अक्तूबर और उसके बाद चार नवंबर को जिला कचहरी मेें करवरिया समर्थकों की उमड़ी भीड़ ने कहीं न कहीं साबित कर दिया कि जेल में होने के बावजूद भी उनका जनाधार कम नहीं हुआ है। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के पूर्व भी करवरिया बंधु जेल में ही थे। तब नीलम को पार्टी के कुछ नेताओं के विरोध के चलते दावेदार नहीं माना जा रहा था। लेकिन एन वक्त पर संघ और विहिप की वजह से भाजपा ने नीलम करवरिया को मेजा विधानसभा सीट से टिकट दे दिया। दरअसल इस परिवार को यमुनापार के साथ कौशांबी, प्रयागराज महानगर, चित्रकूट आदि जिलों में खासा जनाधार है। खुद उदयभान करवरिया दो बार बारा विधानसभा से उस वक्त भाजपा विधायक बने जब पार्टी का जिले की सभी सीटों पर प्रदर्शन काफी खराब रहा।
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डा. जोशी और केशरी नाथ के बाद पार्टी के पास नहीं है बड़ा ब्राह्मण चेहरा
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. मुरली मनोहर जोशी और पश्चिमी बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी के बाद प्रयागराज में भाजपा के पास कोई बड़ा ब्राह्मण चेहरा नहीं है। जो चेहरे हैं भी वह दूसरे दलों से आए नेता है। जबकि करवरिया परिवार लंबे समय से भाजपा में ही है। बीच में कपिल मुनि करवरिया और सूरजभान करवरिया जरूर बसपा में चले गए और क्रमश: सांसद और एमएलसी भी बने। लेकिन 2014 के बाद दोनों भाई अब किसी भी दल में नहीं है। पूर्व सांसद कपिल मुनि का भी राजनीतिक करियर भाजपा से ही शुरू हुआ था। पूर्व विधायक उदयभान भी शुरू से ही भाजपा में ही रहे। इस बीच अगर हाईकोर्ट से करवरिया बंधु को राहत मिलती है तो वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के पास करवरिया बंधु के रूप में ब्राह्मण चेहरा भी रहेगा। हालांकि पूर्व विधायक उदयभान की पत्नी नीलम करवरिया ने इतना जरूर कहा है कि वर्तमान परिदृश्य में परिवार से राजनीति में अभी मैं ही रहूंगी।
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