{"_id":"6150ad0b8ebc3e09f0590d48","slug":"mahant-narendra-giri-mahant-narendra-giri-used-to-ride-a-land-cruiser-worth-1-5-crores-there-were-crores-of-vehicles-in-the-convoy","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"महंत नरेंद्र गिरि : महंगी गाड़ियों के शोकीन थे नरेंद्र गिरि, चलते थे डेढ़ करोड़ की लैंड क्रूजर से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महंत नरेंद्र गिरि : महंगी गाड़ियों के शोकीन थे नरेंद्र गिरि, चलते थे डेढ़ करोड़ की लैंड क्रूजर से
Sun, 26 Sep 2021 10:55 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 26 Sep 2021 10:55 PM IST
विज्ञापन
Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी में खड़े महंत नरेंद्र गिरि के लक्जरी वाहन।
- फोटो : प्रयागराज
महंत नरेंद्र गिरि गाड़ियों के बेहद शौकीन थे। उनके काफिले में करोड़ों की गाड़ियां थीं। वह खुद डेढ़ करोड़ की लैंड क्रूजर गाड़ी से चलते थे। उन्हें ट्रेन और प्लेन की यात्रा पसंद नहीं थी। अपनी गाड़ी से ही चलना पसंद करते थे। वह अपने मिलने जुलने वालों से मंहगी गाड़ियों के बारे में बात करते थे।
विज्ञापन
महंत नरेंद्र गिरि के काफिले में आलीशान गाड़ियां थीं। वह खुद डेढ़ करोड़ की लैंड क्रूजर गाड़ी से चलते थे। उनके करीबियों का कहना है कि उन्हें और चीज से ज्यादा गाड़ियों का शौक था। उनके काफिले में सबसे कम कीमत की गाड़ी 20 लाख रुपये की थी। ऐसा नहीं कि नरेंद्र गिरि खुद ही मंहगी गाड़ी से चलते थे, अपने लोगों के लिए भी वह मंहगी गाड़ियां ही रखते थे। उनके काफिले में आठ गाड़ियां थीं। सबका नंबर 0011 है। उन्हें पुलिस की एस्कार्ट मिली थी, जिसके तहत एक जिप्सी से सिपाही चला करते थे, लेकिन बाद में महंत ने सिपाहियों के लिए इनोवा गाड़ी ले ली।
विज्ञापन
ट्रेन और जहाज से यात्रा महंत को नहीं था पसंद
उस गाड़ी पर पुलिस का लोगो और हूटर लगाकर उनकी सुरक्षा में लगे सिपाही चलने लगे थे। उनके करीबी अधिवक्ता ऋषि शंकर द्विवेदी बताते हैं कि मंहत को ट्रेन और प्लेन से कहीं आना जाना पसंद नहीं था। चाहे उन्हें हरिद्वार जाना हो या उज्जैन। दिल्ली हो या लखनऊ। सभी जगह वे अपनी गाड़ी से ही जाना पसंद करते थे। उनके काफिले में लैंड क्रूजर, फार्च्यूनर, इनोवा आदि गाड़ियां थीं। उनका और कोई भी शौक नहीं था। वह कभी बुलाते तो गाड़ियों पर चर्चा छेड़ देते थे। गाड़ियों पर चर्चा करना उन्हें बहुत पसंद था।
मंदिर भी जाते तो एस्कार्ट गाड़ी के साथ
महंत नरेंद्र गिरि को काफिले के साथ चलना बहुत पसंद था। वह अक्सर जब मठ से लेटे हनुमान मंदिर जाते तो काफिले के साथ जाते थे। उनके साथ पुलिस एस्कार्ट गाड़ी जरूर होती थी।
उस गाड़ी पर पुलिस का लोगो और हूटर लगाकर उनकी सुरक्षा में लगे सिपाही चलने लगे थे। उनके करीबी अधिवक्ता ऋषि शंकर द्विवेदी बताते हैं कि मंहत को ट्रेन और प्लेन से कहीं आना जाना पसंद नहीं था। चाहे उन्हें हरिद्वार जाना हो या उज्जैन। दिल्ली हो या लखनऊ। सभी जगह वे अपनी गाड़ी से ही जाना पसंद करते थे। उनके काफिले में लैंड क्रूजर, फार्च्यूनर, इनोवा आदि गाड़ियां थीं। उनका और कोई भी शौक नहीं था। वह कभी बुलाते तो गाड़ियों पर चर्चा छेड़ देते थे। गाड़ियों पर चर्चा करना उन्हें बहुत पसंद था।
मंदिर भी जाते तो एस्कार्ट गाड़ी के साथ
महंत नरेंद्र गिरि को काफिले के साथ चलना बहुत पसंद था। वह अक्सर जब मठ से लेटे हनुमान मंदिर जाते तो काफिले के साथ जाते थे। उनके साथ पुलिस एस्कार्ट गाड़ी जरूर होती थी।