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इविवि में लगी मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा
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-वर्ष 2019 में लखनऊ के मूर्तिकार महेश कुमार ने किया था निर्माण
-कुलपति के निर्देश पर साल भर बाद विश्वविद्यालय में मंगाई गई प्रतिमा
-डेढ़ लाख रुपये की लागत से तैयार की गई नौ फीट ऊंची प्रतिमा
प्रयागराज। साल भर पहले बनी लखनऊ में बनवाई गई महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने मंगा ली है। यह प्रतिमा दरभंगा हॉल के बाहर पहले से बने एक प्लेटफॉर्म पर फिक्स कर दी गई है। हालांकि इस प्रतिमा को प्लास्टिक से ढककर रखा गया है। प्रतिमा के आसपास कुद काम होना है, जिसके बाद इसका अनावरण किया जाएगा।
हिंदू हॉस्टल चौराहे पर भी मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा वर्षों से लगी है, जिसका उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने किया था। लेकिन, इविवि में उनकी कोई प्रतिमा नहीं थी। विश्वविद्यालय के पुरा छात्र एवं भारत रत्न मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा इविवि में लगाए जाने मांग कई वर्षों से की जा रही थी। इस मांग के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन प्रतिमा लगवाने का निर्णय लिया और प्रतिमा के निर्माण की जिम्मेदारी लखनऊ के मूर्तिकार महेश कुमार को सौंपी गई थी। यह प्रतिमा वर्ष 2019 में ही बना ली गई थी लेकिन मंगाई नहीं गई थी। इस पर डेढ़ लाख रुपये की लागत आई है। यह प्रतिमा नौ फीट ऊंची है और फाइबर स्टोन की बनी हुई है।
ठीक ऐसी ही प्रतिमा वाराणसी के लंका में भी लगी हुई है। उसे देखने के बाद ही इस प्रतिमा के निर्माण का निर्णय लिया गया था। प्रतिमा में मदन मोहन मलवीय छड़ी लेकर खड़े हुए हैं। कुछ दिनों पहले जब इविवि के कुलपति प्रो. आरआर तिवारी को प्रतिमा के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने इसे विश्वविद्यालय मंगाने का निर्देश दिया। एक जुलाई को यह प्रतिमा यहां पहुंच गई थी और तीन जुलाई को इसे दरभंगा हॉल के बाहर पोर्टिको के बगल में एक प्लेटफॉर्म पर फिक्स कर दिया गया। इस विशाल प्रतिमा को अभी प्लास्टिक से ढककर रखा गया है। जल्द ही इस प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।
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-कुलपति के निर्देश पर साल भर बाद विश्वविद्यालय में मंगाई गई प्रतिमा
-डेढ़ लाख रुपये की लागत से तैयार की गई नौ फीट ऊंची प्रतिमा
प्रयागराज। साल भर पहले बनी लखनऊ में बनवाई गई महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने मंगा ली है। यह प्रतिमा दरभंगा हॉल के बाहर पहले से बने एक प्लेटफॉर्म पर फिक्स कर दी गई है। हालांकि इस प्रतिमा को प्लास्टिक से ढककर रखा गया है। प्रतिमा के आसपास कुद काम होना है, जिसके बाद इसका अनावरण किया जाएगा।
हिंदू हॉस्टल चौराहे पर भी मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा वर्षों से लगी है, जिसका उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने किया था। लेकिन, इविवि में उनकी कोई प्रतिमा नहीं थी। विश्वविद्यालय के पुरा छात्र एवं भारत रत्न मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा इविवि में लगाए जाने मांग कई वर्षों से की जा रही थी। इस मांग के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन प्रतिमा लगवाने का निर्णय लिया और प्रतिमा के निर्माण की जिम्मेदारी लखनऊ के मूर्तिकार महेश कुमार को सौंपी गई थी। यह प्रतिमा वर्ष 2019 में ही बना ली गई थी लेकिन मंगाई नहीं गई थी। इस पर डेढ़ लाख रुपये की लागत आई है। यह प्रतिमा नौ फीट ऊंची है और फाइबर स्टोन की बनी हुई है।
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ठीक ऐसी ही प्रतिमा वाराणसी के लंका में भी लगी हुई है। उसे देखने के बाद ही इस प्रतिमा के निर्माण का निर्णय लिया गया था। प्रतिमा में मदन मोहन मलवीय छड़ी लेकर खड़े हुए हैं। कुछ दिनों पहले जब इविवि के कुलपति प्रो. आरआर तिवारी को प्रतिमा के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने इसे विश्वविद्यालय मंगाने का निर्देश दिया। एक जुलाई को यह प्रतिमा यहां पहुंच गई थी और तीन जुलाई को इसे दरभंगा हॉल के बाहर पोर्टिको के बगल में एक प्लेटफॉर्म पर फिक्स कर दिया गया। इस विशाल प्रतिमा को अभी प्लास्टिक से ढककर रखा गया है। जल्द ही इस प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।
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