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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Mahakumbh: The religious flag of various Akharas came down with the slogan of Jai Siyaram

Mahakumbh : जय सियाराम के जयघोष के साथ अनी अखाड़ों की उतरी धर्मध्वजा, जमात के सामने पेश किया गया सालाना बजट

Mon, 10 Feb 2025 07:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 10 Feb 2025 07:29 PM IST
सार

कुंभनगरी से शैव संन्यासियों के साथ ही वैष्णव संतों ने भी विदाई लेनी शुरू कर दी। जय सियाराम एवं हनुमान जी महाराज के जयकारों के साथ तीनों अनी अखाड़ों से धर्म ध्वजा उतार ली गई।

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Mahakumbh: The religious flag of various Akharas came down with the slogan of Jai Siyaram
धर्म ध्वजा। सांकेतिक चित्र - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कुंभनगरी से शैव संन्यासियों के साथ ही वैष्णव संतों ने भी विदाई लेनी शुरू कर दी। जय सियाराम एवं हनुमान जी महाराज के जयकारों के साथ तीनों अनी अखाड़ों से धर्म ध्वजा उतार ली गई। अब वैष्णव अखाड़ों का अगला मिलन नासिक कुंभ के दौरान होगा। धर्म ध्वजा उतरने से पहले अखाड़ों ने जमात के सामने सालाना बजट भी पेश किया।

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अनी निर्मोही अखाड़ा, अनी दिगंबर एवं अनी निर्वाणी अखाड़े की धर्म ध्वजा स्थापित होने के साथ ही कुंभनगरी में वैष्णव परंपरा के साधु-संतों का जुटान हुआ। काशी, वृंदावन, मथुरा, अयोध्या से लेकर देश भर के वैष्णव परंपरा से जुड़े संत समेत खालसे एवं मठ-मंदिरों से जुड़े हजारों साधु यहां पहुंचे। एक माह से कुंभनगरी में रहकर धार्मिक अनुष्ठान समेत अखाड़ों के सालाना कामकाज निपटाए गए। कुंभ में ही अनी अखाड़ों केे पदाधिकारी भी चुने जाते हैं।
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तीनों अखाड़ों ने अपने चुनाव कराने के साथ दिगंबर अनी अखाड़े में इस दफा नई परंपरा भी आरंभ हुई। नई परंपरा मेंं हर बारह साल में चुनाव कराए जाने का निर्णय हुआ। अभी तक दिगंबर अखाड़े में स्थान रिक्त होने पर ही चुनाव होते थे। धर्म ध्वजा उतारने से पहले जमात में सभी साधु-संतों की बैठक हुई। यहां पंच परमेश्वर की मौजूदगी में कुंभ आयोजन समेत साल भर होने वाले आय-व्यय पर विस्तार से चर्चा हुई। अगले साल के कार्यों पर भी अखाड़ों ने चर्चा की। बजट पास होने के साथ ही नासिक कुंभ के आयोजन पर भी चर्चा हुई।
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इसके पश्चात भगवान राम एवं हनुमान जी के जयकारों के साथ धर्म ध्वजा नीचे उतारी गई। जय सियाराम के अभिवादन के साथ संतों ने एक-दूसरे से विदाई ली। अब यहां से वैष्णव संतों की रवानगी भी आरंभ हो गई। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष वैष्णव दास, उपाध्यक्ष श्रीमहंत माधव दास मोनी बाबा, महामंत्री बलराम दास, मंत्री जानकी दास समेत पदाधिकारी समेत सैकड़ों साधु-संत मौजूद रहे। उपाध्यक्ष श्रीमहंत माधवदास के मुताबिक वैष्णव अखाड़े हरिद्वार अर्द्धकुंभ में हिस्सा नहीं लेते। इस वजह से उनका नासिक कुंभ में ही तीनों अनी अखाड़ों का मिलन होगा।

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