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Mahakumbh Stampede:  सात आपातकालीन योजनाएं लागू कर पुलिस ने बेतहाशा भीड़ को किया काबू, संगम जाने से भी रोका

Thu, 30 Jan 2025 02:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 30 Jan 2025 02:03 PM IST
सार

हादसे के बाद पुलिस ने देर रात से ही मेले में जाने वाले वाहनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी। जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया और आनन-फानन यातायात पुलिस ने सात आपातकालीन योजनाएं को लागू कर बेतहाशा भीड़ पर काबू पाया।

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Mahakumbh Stampede: Police controlled the crowd by implementing seven emergency plans.
मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर संगम तट पर हुई भगदड़ में छूटा लोगों का सामान। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

हादसे के बाद पुलिस ने देर रात से ही मेले में जाने वाले वाहनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी। जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया और आनन-फानन यातायात पुलिस ने सात आपातकालीन योजनाएं को लागू कर बेतहाशा भीड़ पर काबू पाया। इसके अनुसार ही श्रद्धालुओं को संगम की ओर जाने दिया गया। महाकुंभ मेले के दौरान भीड़ प्रबंध को लेकर पुलिस ने 32 योजनाएं बनाई हैं। इसमें रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, शहर के विभिन्न क्षेत्रों और शहर की सीमाओं पर आने-जाने वाली भीड़ को शामिल किया है।

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मौनी अमावस्या पर्व पर स्नान को लेकर मंगलवार रात से ही मेला क्षेत्र में करोड़ों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने लगा। इसी बीच हादसे के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आया और भीड़ नियंत्रण करने के लिए सात योजनाओं को लागू किया। इसमें स्कीम-13, स्कीम-14, स्कीम-15, डी-वन, डी-टू समेत अन्य दो और आपातकालीन योजनाएं शामिल थीं। इसके अंतर्गत रेलवे स्टेशन से संगम की ओर और संगम से रेलवे स्टेशन जाने वाली भीड़, विभिन्न चौराहों से भीड़ का डायवर्जन और शहर की सीमाओं पर वाहनों पर रोक लगा दी। इन योजनाओं के अनुसार ही पुलिस ने सतर्कता बरती और श्रद्धालुओं को अलग-अलग रास्ते से संगम की ओर स्नान के लिए भेज दिया।

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मंगलवार शाम से ही लागू की गईं योजनाएं

पुलिस अफसरों ने बताया कि मंगलवार शाम से ही इन योजनाओं का लागू कर दिया था। श्रद्धालुओं की अचानक संख्या बढ़ने पर जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया। इसमें लखनऊ, कानुपर, भदोही, मिर्जापुर, कौशाम्बी, जौनपुर और प्रतापगढ़ समेत अन्य रूट शामिल थे। इसके अलावा शहर में हर एक किमी पर बैरिकेडिंग रही।प्रयागराज में वाहनों का लोड बढ़ने से वाराणसी से शहर की ओर जाने वाले वाहनों को भदोही के बाबूसराय क्षेत्र में रोक दिया गया था। वहीं, अन्य रूटों का भी यही हाल था।

ऐसे किया गया भीड़ पर काबू

रीवां की ओर से नैनी के तरफ आने वाले श्रद्धालुओं को अरैल की जाने की अनुमति मिली।

वाराणसी रूट से झूंसी की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को छतनाग के रास्ते से भेजा गया।

प्रतापगढ़ और लखनऊ की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को छोटा बघाड़ा की ओर से भेजा गया।

स्नान के बाद श्रद्धालुओं को मेडिकल चौराहा, पत्थर गिरजाघर व पानी टंकी से जंक्शन जाने दिया गया।

संगम में स्नान के बाद बाई का बाग, रामबाग, जानसेनगंज होते हुए जंक्शन की ओर भेजा गया।

 

मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शहर की सीमाओं पर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। इसके अलावा भीड़ को काबू करने के लिए विभिन्न जगहों पर सात आपातकालीन योजनाओं को लागू किया गया था। - नीरज पांडेय, डीसीपी यातायात

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